'हमें पैसा नहीं, सच चाहिए': अहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ितों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र; ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग
Ahmedabad Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे के करीब 10 महीने बाद पीड़ितों के परिवारों का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा है। हादसे में जान गंवाने वाले 260 लोगों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विमान के 'ब्लैक बॉक्स' (सीवीआर और एफडीआर) के डेटा को सार्वजनिक करने की अपील की है। परिवारों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन आसमान में क्या हुआ था।
260 लोगों ने गंवाई थी जान
यह दर्दनाक हादसा 12 जून 2025 को हुआ था। एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 (बोइंग 787-8) ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया था।
पीएम मोदी और सीएम को लिखा पत्र
शनिवार को गुजरात के अलग-अलग हिस्सों से करीब 30 प्रभावित परिवार अहमदाबाद में इकट्ठा हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी पत्र की कॉपियां भेजी हैं। परिवारों की मांग है कि हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए ब्लैक बॉक्स की जानकारी उनके साथ साझा की जाए।
'मुआवजा नहीं, सच्चाई चाहिए'
हादसे में अपने 24 साल के बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित ने भावुक होते हुए कहा, "मेरा घर अब खाली हो गया है। कोई भी मुआवजा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता। हमें पैसा नहीं चाहिए, हम बस यह जानना चाहते हैं कि उस दिन क्या तकनीकी खराबी हुई थी।" परिवारों का आरोप है कि जांच की प्रक्रिया काफी धीमी है और उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है।
एयरलाइन की वेबसाइट पर उठाए सवाल
पीड़ित परिवारों ने एयर इंडिया द्वारा शुरू की गई उस वेबसाइट की भी आलोचना की है, जिसे पीड़ितों के सामान की पहचान के लिए बनाया गया है। परिजनों का कहना है कि पोर्टल पर 25,000 से अधिक वस्तुएं लिस्टेड हैं, लेकिन उनकी तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि पहचान करना नामुमकिन है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए केवल ईमेल के जरिए संवाद करना बेहद कठिन साबित हो रहा है।
जून में आ सकती है फाइनल रिपोर्ट
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि हादसे की पहली बरसी यानी जून 2026 के आसपास फाइनल रिपोर्ट जारी की जा सकती है। फिलहाल, परिवारों ने सरकार से मांग की है कि जांच पारदर्शी होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
IndiGo Flight Bomb Threat: इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, टॉयलेट में मिला नोट; जांच में जुटी एजेंसियां
IndiGo Flight Bomb Threat: बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में बम होने की सूचना मिली। यह अलर्ट तब जारी हुआ जब एक यात्री को विमान के वॉशरूम में टिश्यू पेपर का एक टुकड़ा मिला। इस नोट में दावा किया गया था कि विमान के अंदर विस्फोटक उपकरण रखा गया है।
सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री
धमकी की जानकारी मिलते ही पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया। मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को खाली कराया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। सुरक्षा टीमों और बम निरोधक दस्ते ने पूरे विमान की गहन तलाशी ली। हालांकि, जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अफवाह निकली बम की खबर
गहन तलाशी के बाद अधिकारियों ने इस धमकी को महज एक अफवाह (Hoax) करार दिया। सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद विमान ने देर शाम दिल्ली के लिए उड़ान भरी और सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचा। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि वॉशरूम में वह नोट किसने छोड़ा था। इसके लिए यात्रियों की सूची और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मैसूरु से आरोपी श्रीनिवास गिरफ्तार
इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मैसूरु से 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार किया है। उस पर देशभर के स्कूलों, अस्पतालों, उच्च न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों को 1,100 से अधिक फर्जी बम धमकी वाले संदेश भेजने का आरोप है। आरोपी को कर्नाटक के मैसूरु में उसके किराए के मकान से पकड़ा गया।
मानसिक तनाव में था आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी श्रीनिवास लुइस मानसिक तनाव से जूझ रहा था। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने ईमेल और अन्य माध्यमों से देशभर में सैकड़ों धमकी भरे संदेश भेजे थे। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली हाई कोर्ट, विधानसभा और कई बड़े संस्थानों को मिली धमकियों के पीछे भी इसी का हाथ बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi




















