Weather Update: 50 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी, अगले 5 दिनों में चढ़ेगा पारा; इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
Aaj Ka Mausam: भारत में लगातार मौसम का उलटफेर जारी है. देश के विभिन्न हिस्सों के लिए भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. जहां एक ओर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने वाला है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने वाले हैं. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार 13 अप्रैल को कुछ राज्यों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
जम्मू और हिमाचल में बारिश और आंधी का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 12 से 18 अप्रैल के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में रुक-रुक कर बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश में भी 17 और 18 अप्रैल को मौसम खराब रह सकता है. मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 अप्रैल के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी. इन हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जो धूल भरी आंधी का रूप भी ले सकती है.
पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्यों में भी इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने के आसार हैं. सिक्किम में अगले 24 घंटों के भीतर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 14 से 18 अप्रैल के बीच भारी बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बनी रहेगी. नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में भी 14 अप्रैल तक मौसम इसी तरह का बना रहेगा. इस बारिश से चाय के बागानों और कृषि कार्यों को लाभ मिल सकता है, लेकिन बिजली गिरने की घटनाओं से सावधान रहने की जरूरत है.
दक्षिण भारत में मौसम ज्यादा प्रभावित
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बादलों की आवाजाही जारी रहेगी. केरल और माहे में 13 अप्रैल तक बिजली गिरने की संभावना है. कर्नाटक के तटीय और आंतरिक इलाकों में 16 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. खासकर आंतरिक कर्नाटक में 15 और 16 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ मौसम ज्यादा प्रभावित रहने वाला है. यहां रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें.
अगले 5 दिनों में गर्मी का कहर
एक तरफ जहां बारिश राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ गर्मी का कहर भी बढ़ना शुरू हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. सौराष्ट्र और कच्छ में 13 अप्रैल तक हीटवेव यानी लू चलने की आशंका है. ओडिशा में 14 से 16 अप्रैल और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व विदर्भ में 16 से 18 अप्रैल के बीच लू का प्रकोप रहेगा.
रखनी होगी सावधानी
मैदानी इलाकों और तटीय क्षेत्रों जैसे पश्चिम बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा. तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है. दोपहर के समय घर से बाहर निकलते वक्त पानी का भरपूर सेवन करें और सिर ढक कर रखें. मौसम विभाग लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को अपडेट रहने की सलाह दी गई है. आने वाले दिनों में यह मौसमी उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है.
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तुलसी ही नहीं, उसकी मंजरी में भी छिपे हैं सेहत के राज, सेवन से मिलते हैं जबरदस्त फायदे
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। घर के आंगन में लगी तुलसी सिर्फ पूजा की थाली तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्तियों के साथ तुलसी की मंजरी (फूलों के छोटे गुच्छे) भी स्वास्थ्य के लिए कमाल की औषधि है। आयुर्वेद में तुलसी की मंजरी को इम्युनिटी बढ़ाने, सर्दी-खांसी, पाचन सुधारने और तनाव कम करने का प्राकृतिक उपाय माना जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, तुलसी की मंजरी सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति भी देती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि भी लाती है। धार्मिक रूप से भी इसे पवित्र माना जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि सस्ती और आसानी से उपलब्ध प्राकृतिक औषधि तुलसी की मंजरी के रोजाना सेवन करने से दवाइयों की जरूरत काफी हद तक कम हो जाती है। हालांकि, गंभीर बीमारी में आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी तुलसी को प्रकृति का शक्तिशाली वरदान बताता है। तुलसी की मंजरी छोटे-छोटे फूलों का गुच्छा होती है जो पौधे पर उगती है। इसमें एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, एंटीफंगल, और एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से बचाव करते हैं।
तुलसी मंजरी के नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण आसानी से नहीं होते। सर्दी-खांसी और गले की समस्या जैसे गले में खराश, बलगम और पुरानी खांसी में राहत मिलती है। अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को भी फायदा होता है। पाचन तंत्र मजबूत कर गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में आराम मिलता है।
यहीं नहीं तुलसी की खुशबू दिमाग को शांत कर तनाव कम करती है और अच्छी नींद लाती है। मुंह के छालों में राहत, चेहरे पर निखार और कील-मुंहासों में कमी आती है। साथ ही शरीर से विषाक्त तत्व निकलते हैं और खून साफ होता है।
तुलसी की मंजरी को कई आसान तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है, सुबह खाली पेट 4-5 मंजरियां चबाएं। तुलसी की पत्तियों और मंजरी के साथ चाय बनाकर पिएं। शहद के साथ मंजरी का रस मिलाकर लें। अदरक, काली मिर्च और लौंग डालकर काढ़ा बनाकर पिएं, खासकर सर्दियों में यह बेहद फायदेमंद है।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
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