कक्षा 3 से 8वीं में होगी CT और AI की पढ़ाई, CBSE ने जारी की जरूरी गाइडलाइंस, हैंडबुक भी उपलब्ध
सीबीएसई ने कक्षा 3 से लेकर आठवीं के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई (CBSE New Curriculum) को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इससे संबंधित गाइडलाइंस स्कूलों को जारी की गई है। शिक्षकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। सेशन 2026-27 के लिए ट्रेनिंग थीम “कंप्यूटेशनल थिंकिंग एंड अन्डर्स्टैन्डिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” है।
7 विभिन्न सब-थीम पर अलग-अलग गतिविधियां स्कूलों को सेशन 2026-27 के बीच आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। पहले गतिविधि डिस्ट्रिक्ट लेवल डेलिबरेशन और सीटी एंड एआई वर्कशॉप है। दूसरी गतिविधि स्कूलों में सीटी और एआई पर विशेषज्ञों के नेतृत्व में चर्चा है। तीसरी गतिविधि रीजनल वर्कशॉप/ ओरिएंटेशन है, जिसका आयोजन बोर्ड द्वारा किया जाएगा। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए शिक्षक भाग ले सकते हैं, जिन्हें स्कूल नॉमिनेट करेंगे। इसके लिए 700 रुपये शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा।
Notification_CT_AI_2026_27_09042026शिक्षकों और छात्रों के लिए हैंडबुक जारी
सीटी और एआई करिकुलम पर आधारित हैंडबुक भी सीबीएसई के अकादेमिक पोर्टल पर उपलब्ध हो चुका है। करिकुलम का उद्देश्य छात्रों में लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम को सिस्टमैटिक तरीके से हल करने, पैटर्न ढूंढने और एआई के एथिकल इस्तेमाल को समझने की काबिलियत को विकसित करना है।
इन हैंडबुक को कक्षा 3 से 8 में टेक्सटबुक्स के तौर पर नहीं बल्कि मैथ्स टेक्सबुक के साथ इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। ताकि स्टूडेंट्स गणित की तरह ही चैप्टर सीक्वेंस को फॉलो कर सके। चैप्टर शुरू करने से पहले शिक्षकों को किताब का कंटेंट देखने, हर सवाल के लिए जरूरी अंदरूनी कॉन्सेप्ट पहचाने और क्लासरूम टीचिंग के साथ कैसे तालमेल बनाया जाए, इसकी प्लानिंग करने के लिए करने की सलाह दी गई है।
इन नए नियमों को जरूर जान लें
2030 तक एआई लिटरेट लर्नर बनाने के उद्देश्य के साथ कक्षा तीन से आठवीं तक के स्टूडेंट के लिए सीटी और एआई के लिए करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार किया है। प्रिपेरटॉरी स्टेट से एआई, एथिक्स और अनप्लग्ड लर्निंग को एक यूनिफाइड नेशनल करिकुलम तौर पर जरूरी किया गया है। सेशन 2025-2026 तक चल रहे बाकी सभी कोर्स कक्षा 9वीं, सेशन 2026-27 के बाद बंद किया जा रहे हैं।
सेशन 2026-27 के लिए कक्षा दसवीं के स्टूडेंट सेशन 2025-26 में अपनाई गई स्कीम को जारी रखेंगे। एनसीईआरटी सेशन 2026 -27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए सिटी और एआई का मॉड्यूल देगा, जिन्हें इंटरनल असेसमेंट के मॉड्यूल के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
18_Circular_2026Weather Update: 50 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी, अगले 5 दिनों में चढ़ेगा पारा; इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
Aaj Ka Mausam: भारत में लगातार मौसम का उलटफेर जारी है. देश के विभिन्न हिस्सों के लिए भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. जहां एक ओर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने वाला है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने वाले हैं. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार 13 अप्रैल को कुछ राज्यों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
जम्मू और हिमाचल में बारिश और आंधी का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 12 से 18 अप्रैल के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में रुक-रुक कर बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश में भी 17 और 18 अप्रैल को मौसम खराब रह सकता है. मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 अप्रैल के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी. इन हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जो धूल भरी आंधी का रूप भी ले सकती है.
पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्यों में भी इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने के आसार हैं. सिक्किम में अगले 24 घंटों के भीतर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 14 से 18 अप्रैल के बीच भारी बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बनी रहेगी. नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में भी 14 अप्रैल तक मौसम इसी तरह का बना रहेगा. इस बारिश से चाय के बागानों और कृषि कार्यों को लाभ मिल सकता है, लेकिन बिजली गिरने की घटनाओं से सावधान रहने की जरूरत है.
दक्षिण भारत में मौसम ज्यादा प्रभावित
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बादलों की आवाजाही जारी रहेगी. केरल और माहे में 13 अप्रैल तक बिजली गिरने की संभावना है. कर्नाटक के तटीय और आंतरिक इलाकों में 16 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. खासकर आंतरिक कर्नाटक में 15 और 16 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ मौसम ज्यादा प्रभावित रहने वाला है. यहां रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें.
अगले 5 दिनों में गर्मी का कहर
एक तरफ जहां बारिश राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ गर्मी का कहर भी बढ़ना शुरू हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. सौराष्ट्र और कच्छ में 13 अप्रैल तक हीटवेव यानी लू चलने की आशंका है. ओडिशा में 14 से 16 अप्रैल और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व विदर्भ में 16 से 18 अप्रैल के बीच लू का प्रकोप रहेगा.
रखनी होगी सावधानी
मैदानी इलाकों और तटीय क्षेत्रों जैसे पश्चिम बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा. तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है. दोपहर के समय घर से बाहर निकलते वक्त पानी का भरपूर सेवन करें और सिर ढक कर रखें. मौसम विभाग लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को अपडेट रहने की सलाह दी गई है. आने वाले दिनों में यह मौसमी उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है.
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