भीलवाड़ा के किसानों के लिए खास टिप्स - सही जुताई से बढ़ेगा उत्पादन, कीट होंगे खत्म और मिट्टी बनेगी ज्यादा उपजाऊ
Agricultural News : भीलवाड़ा में फसल कटाई के बाद खेत भले ही खाली दिखें, लेकिन यहीं से अगली फसल की मजबूत नींव रखी जाती है. अक्सर किसान नई बुवाई की जल्दबाजी में जुताई के सही तरीकों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर सीधे उत्पादन पर पड़ता है. कृषि विभाग के अनुसार गर्मियों में की गई सही जुताई मिट्टी को न सिर्फ उपजाऊ बनाती है, बल्कि कीट और रोगाणुओं को भी खत्म करती है। गहरी जुताई से जमीन के अंदर छिपे कीट अंडे सतह पर आ जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं. साथ ही खेत में मौजूद पुराने अवशेष भी पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही दिशा और तकनीक से की गई जुताई फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों को बेहतर बनाती है. ऐसे में किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि अच्छी फसल की शुरुआत खेत की सही तैयारी से ही होती है.
Video: मामूली नहीं है यह फल! आंखों की रोशनी और शुगर के लिए है रामबाण; सिर्फ इतने दिन ही रहेगा उपलब्ध
Cape Gooseberry Benefits: लौहनगरी के बाजारों में इन दिनों पीले रंग के नन्हे रसभरी (Cape Gooseberry) फल ने धूम मचा रखी है. बिष्टुपुर और साकची जैसे प्रमुख फल बाजारों में इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि ₹200 प्रति किलो होने के बावजूद यह हाथों-हाथ बिक रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह साल में केवल 40 से 45 दिनों के लिए ही बाजार में नजर आता है. फल विक्रेताओं के अनुसार इस खास फल की खेप विशेष रूप से बिहार से मंगवाई जा रही है. खट्टे-मीठे स्वाद वाली रसभरी में विटामिन A और C की प्रचुर मात्रा होती है. जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और इम्यूनिटी को लोहे जैसा मजबूत बनाने में कारगर है. यह फल केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि दवा के रूप में भी पसंद किया जा रहा है. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह रामबाण माना जाता है. साथ ही भीषण गर्मी में यह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाकर त्वचा पर प्राकृतिक निखार लाता है. अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो जल्दी करें, क्योंकि इसका सीजन जल्द ही खत्म होने वाला है.
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