141 IPL मैच खेलने वाला ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर PSL खेलने पहुंचा , डेब्यू मैच में हुआ फ्लॉप, सिर्फ इतने रन बनाकर हुआ आउट
PSL 2026 में कई ऐसे खिलाड़ी खेल रहे हैं, जो पहले इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते नजर आते थे. डेविड वॉर्नर, कुसल मेंडिस सहित ये लिस्ट वक्त के साथ लंबी होती जा रही है. इस बीच शनिवार को पाकिस्तान सुपर लीग में एक और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने डेब्यू किया, जो आईपीएल में 141 मुकाबले खेल चुका है और आईपीएल की 4 टीमों का हिस्सा रह चुका है. अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर कौन है वो खिलाड़ी...तो आइए जानते हैं...
PSL में डेब्यू करने पहुंचा 141 IPL मैच खेलने वाला ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर
ये बात किसी से छिपी नहीं है कि इंडियन प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग में जमीन-आसमान का अंतर है. अब जो खिलाड़ी पीएसएल में डेब्यू करने पहुंचा है, वो कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर खिलाड़ी ग्लेन मैक्सवेल हैं.
दरअसल, मैक्सी पिछले कुछ सीजनों से आईपीएल में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके चलते IPL 2026 की नीलामी में उन्होंने अपना नाम नहीं दिया. नतीजन, अब वह आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं. आखिरी बार वह पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे, जहां उन्होंने PBKS ने 4.20 करोड़ रुपये में खरीदा था. आपको बता दें, ग्लेन मैक्सवेल आईपीएल में मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा रहे.
डेब्यू मैच में ही फ्लॉप हुए ग्लेन मैक्सवेल
GLENN MAXWELL MAKES HIS DEBUT IN THE WORLD BEST LEAGUE PSL ???? ????
— Sheikh Abdullah ???????? (@Sheiikhabdulah) April 11, 2026
BRO CHOOSES PSL OVER IPL ???? ???? pic.twitter.com/4pQ3543hOw
ऑलराउंडर खिलाड़ी ग्लेन मैक्सवेल ने हैदराबाद किंग्समेन की ओर से PSL 2026 में डेब्यू किया है. जहां, वह पहले ही मैच में फ्लॉप हो गए. कराची किंग्स के साथ खेले गए मैच में हैदराबाद किंग्समेन ने जीत तो दर्ज की.
मगर, हैदराबाद किंग्समेन की ओर में शामिल होने के बाद ग्लेन मैक्सवेल 6वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन वह पहले ही मैच में बुरी तरह फ्लॉप हो गए. मैक्सी ने 7 गेंदों का सामना किया, लेकिन वह महज 2 रन बनाकर ही चलते बनए. अब्बास अफ्रीदी की गेदं पर खुमाइमी तनवीर ने कैच लेकर उन्हे पवेलियन का रास्ता दिखाया.
मैक्सवेल के IPL आंकड़े
ऑस्ट्रेलियाई स्टार क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल ने 141 आईपीएल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 155.15 की स्ट्राइक रेट और 23.89 के औसत से 2819 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 18 अर्धशतक लगाए हैं. वहीं, उन्होंने इस दौरान 34.46 के औसत से 41 विकेट लिए हैं. इस दौरान स्ट्राइक रेट 24.93 की रही और इकोनॉमी 8.30 का रहा.
अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता फेल होने के बाद छिड़ेगी जंग? मिडिल ईस्ट पर फिर मंडराने लगे संकट के बादल
US Iran Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल हो गई. इस वार्ता के फेल होने के बाद क्या होगा? क्या मध्य पूर्व में एक बार फिर से जंग शुरू होगी? अब रह कोई यही जानना चाहता है. क्योंकि 21 घंटों तक चली दोनों पक्षों के बीच बातचीत में कोई समझौता नहीं हुआ और वार्ता बेनतीजा रही. इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अध्यक्षता वाला अमेरिकी दल वाशिंगटन वापस लौट गया. इस शांति वार्ता की विफलता ने स्थाई सीजफायर की संभावनाओं को भी खत्म कर दिया साथ ही मिडिल ईस्ट को एक बार फिर से खतरे में डाल दिया.
खत्म नहीं हुआ अमेरिका-ईरान के बीच मतभेद
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कह दिया कि बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. वेंस ने कहा "हमने 21 घंटे तक गंभीर चर्चा की, लेकिन हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके." उन्होंने ये भी दावा किया कि अमेरिका ने "फाइनल और बेस्ट ऑफर" दिया है. जिस पर फैसला ईरान को करना है. उनके इस बयान के स्पष्ट हो गया कि दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी खत्म नहीं हुआ है.
खासकर परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दों पर कोई दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई. जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कोई चर्चा नहीं की. वहीं ईरान ने भी अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे कि यूरेनियम संवर्धन को छोड़ने से इनकार कर दिया. लेकिन वार्ता के दौरान अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म करने की मांग की.
अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर क्या बोले ट्रंप?
वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान की वार्ता को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का भी बयान सामने आया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "चाहे डील हो या न हो, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. हम पहले ही जंग जीत चुके हैं." अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अपने इस बयान से इस बात का संकेत देने की कोशिश की कि अमेरिका फिलहाल दबाव की रणनीति जारी रखना चाहता है, बजाय इसके कि वह किसी समझौते के लिए झुके. ट्रंप की यही बात हालातों को और खतरनाक बनाती है. क्योंकि इस वार्ता के फेल होने के बाद अब दो हफ्तों के सीजफायर के भी टूटने का खतरा बढ़ गया है. अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका और इजरायल एक बार फिर से ईरान पर घातक हमला करेंगे जो पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होंगे.
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