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ईरान चाहता था वेंस वार्ता में शामिल हों, पाकिस्तान की भूमिका ‘कोरियोग्राफ्ड’: पूर्व उच्चायुक्त
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने शनिवार को कहा कि ईरान ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया था, क्योंकि उन्हें युद्ध विरोधी नेता माना जाता है।
आईएएनएस से बातचीत में सिकरी ने पाकिस्तान की भूमिका को “अमेरिका द्वारा कोरियोग्राफ्ड” बताया।
उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘तबाह’ करने की बात कही थी और युद्धविराम अंतिम समय में हुआ।”
सिकरी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता वैश्विक स्तर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की आशंका के कारण हुआ।
उन्होंने कहा, “लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपनी स्वतंत्रता और मजबूती का प्रदर्शन किया है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता जारी है, जिसकी मेजबानी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कर रहे हैं।
सिकरी ने याद दिलाया कि इससे पहले फरवरी में मस्कट में भी इस तरह की वार्ता हुई थी, जिसकी मध्यस्थता ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने की थी।
उन्होंने कहा कि उस समय ईरान ने अमेरिका की सभी शर्तें मान ली थीं और “ब्रेकथ्रू” की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसे अमेरिका का समर्थन मिला।
इसी कारण, सिकरी के अनुसार, ईरान में अमेरिका और इजरायल के प्रति अविश्वास पैदा हो गया है और वह मौजूदा वार्ता को लेकर सतर्क है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ अनुभव के चलते भी ईरान इस बार वेंस की मौजूदगी चाहता था।
सिकरी ने कहा, “अमेरिका में अक्सर कहा जाता है कि जे.डी. वेंस हमेशा युद्ध के खिलाफ रहे हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीधी वार्ता शुरू नहीं हुई है, लेकिन यदि यह जल्द शुरू होती है तो बातचीत में प्रगति हो सकती है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि युद्धविराम की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक्स पोस्ट में ‘ड्राफ्ट’ टैग दिखना इस बात का संकेत है कि “पाकिस्तान वही कर रहा है जो अमेरिका उससे कह रहा है।”
सिकरी ने यह भी कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही की अनुमति के बदले अपने फ्रीज किए गए फंड्स जारी करने की मांग की थी, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, “इससे साफ है कि किसी तरह की सौदेबाजी चल रही है।” सिकरी के मुताबिक, यदि लेबनान में इजरायल के हमले नहीं रुकते हैं, तो ईरान वार्ता जारी नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि इजरायल इन वार्ताओं के पक्ष में नहीं है, क्योंकि उसकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हुई हैं और वह फिर से हमला कर सकता है।
--आईएएनएस
डीएससी
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