गोरखपुर में फर्जी शादी कर लाखों ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर में पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य नकली दुल्हन से शादी कराकर और फिर खुद को पुलिस बताकर दूल्हे और उसके परिवार से लाखों रुपये वसूलते थे। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि नकली दुल्हन और उसकी मुंहबोली बहन अभी फरार हैं।
दरअसल मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के कोटा निवासी ब्रजमोहन मीणा को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने उन्हें शादी का झांसा देकर गोरखपुर बुलाया और एक लड़की से फर्जी शादी करा दी। शादी के तुरंत बाद गिरोह के सदस्य पुलिस बनकर वहां पहुंच गए और दूल्हे तथा उसके परिवार को फर्जी शादी के आरोप में जेल भेजने की धमकी देने लगे। डर का फायदा उठाकर उन्होंने पीड़ित से 3.11 लाख रुपये वसूल लिए।
इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद चिलुआताल थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद (एसपी नॉर्थ) ने पुलिस लाइंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरोह का सरगना खुद को बताता था पुलिस इंस्पेक्टर
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह है, जो खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताता था। उसके साथियों में धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा, शैला देवी और राजू शर्मा शामिल हैं। ये लोग पुलिस अधिकारी और सिपाही बनकर दूल्हे और उसके परिवार को डराते थे और उनसे पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1 लाख 65 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा कूटरचित पुलिस पहचान पत्र और दो आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के दौरान किया जाता था।
शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था
जांच में सामने आया कि गिरोह दूर-दराज के राज्यों से शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें शादी का लालच देकर गोरखपुर बुलाया जाता था, जहां फर्जी शादी कराई जाती थी। इसके बाद गिरोह के सदस्य पुलिस बनकर पहुंचते थे और दूल्हे तथा उसके परिवार को बंधक बनाकर उनसे बड़ी रकम वसूल लेते थे। पुलिस के अनुसार नकली दुल्हन और उसकी मुंहबोली बहन अभी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से इसी तरह शादी के नाम पर लोगों को ठग रहा था। सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
दिल्ली में EV खरीदने पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी:2028 से नहीं बिकेंगे पेट्रोल टू-व्हीलर, ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कार पर रजिस्ट्रेशन फ्री
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का नया ड्राफ्ट शनिवार को जारी किया है। इसके मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (ऑटो) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से टू-व्हीलर सेगमेंट में भी सिर्फ इलेक्ट्रिक मॉडल ही रजिस्टर किए जा सकेंगे। नई पॉलिसी का मकसद दिल्ली की हवा को साफ करना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम तैयार करना है। ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कार पर रोड टैक्स नहीं सरकार ने मध्यम वर्ग के खरीदारों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। ड्राफ्ट के मुताबिक: पुरानी कार स्क्रैप करने पर ₹1 लाख की सब्सिडी अगर आप अपनी पुरानी BS-IV या उससे भी पुरानी कार को किसी ऑफिशियल स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप करते हैं, तो नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर ₹1 लाख तक का इंसेंटिव मिलेगा। शर्त: यह फायदा तभी मिलेगा, जब पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने के 6 महीने के भीतर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदी जाए। साथ ही, नई कार की कीमत ₹30 लाख से कम होनी चाहिए। टू-व्हीलर और ऑटो पर भी भारी बचत सरकार ने छोटे वाहनों के लिए साल दर साल घटने वाला सब्सिडी मॉडल पेश किया है: सरकारी गाड़ियां और स्कूल बसें भी होंगी इलेक्ट्रिक ड्राफ्ट पॉलिसी में केवल निजी वाहन ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को बदलने की तैयारी है: जनता से मांगे सुझाव, 30 दिन का समय परिवहन विभाग ने इस ड्राफ्ट पर जनता और विशेषज्ञों से फीडबैक मांगा है। अगले 30 दिनों तक लोग अपनी राय 'evpolicy2026@gmail.com' पर ईमेल कर सकते हैं या डाक के जरिए परिवहन विभाग के ऑफिस भेज सकते हैं। बता दें कि दिल्ली की पहली EV पॉलिसी 2020 में आई थी, जिसे अब अपडेट कर 2030 तक के लिए नया रूप दिया जा रहा है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News





















