न्याय में देरी के लिए कौन जिम्मेदार? 'जजों पर पेंडिंग केस का ठीकरा फोड़ना गलत, हर दिन सुने जाते हैं 500 केस'
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि जज पहले से ही हर दिन बहुत भारी संख्या में केस सुनते हैं. निचली अदालत में हर जज के पास रोज 400 से 500 केस की भारी लिस्ट होती है. हाईकोर्ट में तो पेंडिंग केस की यह भारी संख्या और भी ज्यादा है. जजों के लिए तय घंटों तक अपनी अदालत में बैठना बहुत ज्यादा अनिवार्य है. जज अपने सामने लगे सभी मामलों की सुनवाई करने के लिए पूरी तरह बंधे हैं.
Viral Video: जर्मन टूरिस्ट को भा गया इंडिया सरकारी अस्पताल, सर्विस देख विदेशी बंदा बना फैन
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18












/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)







