उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति बढ़ाकर 95 प्रतिशत, 4.15 लाख पीएनजी कनेक्शनों में आपूर्ति शुरू: सरकार
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को बताया कि उर्वरक (फर्टिलाइजर) संयंत्रों को आवंटित कुल गैस को 5 प्रतिशत और बढ़ाया जा रहा है, जिससे यह उनके छह महीने के औसत उपभोग के लगभग 95 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यह बढ़ोतरी उपलब्ध गैस स्टॉक और निर्धारित एलएनजी कार्गो की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए की गई है।
वहीं, घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी परिवहन उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2026 से अब तक करीब 4.15 लाख नए पीएनजी कनेक्शनों को गैस की आपूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि लगभग 4.55 लाख अतिरिक्त उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। वहीं, अब तक 26,000 से ज्यादा पीएनजी उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं।
इसके अलावा, 14 मार्च 2026 से अब तक करीब 1,13,233 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है, जो 19 किलो वाले 60 लाख से ज्यादा सिलेंडरों के बराबर है। वहीं 10 मार्च को ही 7,140 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन देने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता से जुड़ी चिंताओं को कम किया जा सके। आईजीएल, एमजीएल, गेल और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान कर रही हैं।
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए जरूरी मंजूरियों को तेजी से देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन देने की पेशकश की गई है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी की ओर दीर्घकालिक बदलाव में सहयोग करें। फिलहाल 18 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना के तहत अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का लाभ उठा रहे हैं।
इस बीच, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सीजीडी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन महीने के लिए त्वरित स्वीकृति ढांचा लागू किया है ताकि आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी मिल सके।
स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक मॉडल सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) नीति का मसौदा भी तैयार किया है, जिससे राज्यों को निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन आधारित ढांचा विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने कहा है कि जो राज्य इस नीति को अपनाएंगे, उन्हें भविष्य में अतिरिक्त एलपीजी आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शादी वाले घर में अब नहीं होगी गैस की किल्लत, यहां प्रशासन दे रहा 8 सिलेंडर; जानें कैसे करें आवेदन
LPG Cylinder For Marriage: शादियों का सीजन शुरू होते ही लोग घरों में तैयारियां में जुट जाते हैं. खुशियों के इस माहौल में अक्सर मेहमानों की भीड़ देखने को मिलती है. साथ ही खाने-पीने के बड़े इंतजाम भी किए जाते हैं, ऐसे में LPG सिलेंडर की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती है. इसी समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है. यहां जो शादी वाले घर हैं, उनको प्रशासन की ओर से उनकी जरूरत के हिसाब से अधिकतम 8 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे.
कैसे होगी प्रशासन की ये खास तैयारी?
लखनऊ की एडीएम आपूर्ति ज्योति गौतम ने इस पूरी व्यवस्था की जानकारी मीडिया के सामने साझा की. उन्होंन बताया कि शादी समारोह में खाना पकाने के दौरान किसी भी परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग पूरी तरह तैयार है. यहां अब तक लगभग 100 से अधिक परिवारों ने शादी के लिए अतिरिक्त सिलेंडरों की मांग को लेकर आवेदन किया है. फिलहाल प्रशासन ने तय किया है कि शादी वाले घर को उसकी आवश्यकता के आधार पर अधिकतम 8 एलपीजी सिलेंडर दिए जा सकते हैं. ऐसा करने से गैस किल्लत की समस्या को लेकर लोगों को पैनिक नहीं होना पड़ेगा
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
अगर आपके घर में भी शादी है और आप इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बहुत ही सरल रखी गई है. सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपने घर की शादी का कार्ड और एक प्रार्थना पत्र एडीएम आपूर्ति कार्यालय में देना होगा. आवेदन मिलने के बाद अधिकारी उसकी जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मांग वास्तविक है. आवेदन स्वीकार होने के बाद प्रशासन की ओर से मंजूरी दी जाएगी. हालांकि अभी गैस सिलेंडरों की कोई सख्त न्यूनतम सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन आवेदन की गहराई से जांच करने के बाद ही गैस सिलेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकतम 8 सिलेंडर देने की योजना पर विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है.
कहां से और कैसे मिलेंगे सिलेंडर
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद आवेदक को दर-दर भटकने की जरूरत नहीं होगी. विभाग द्वारा आवेदन की जांच पूरी होते ही आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा जाएगा. इस मैसेज में यह साफ तौर पर लिखा होगा कि आपको किस गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त करना है. इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और आम जनता को सुविधा होगी.
पुराना सिलेंडर और शुल्क के नियम
सिलेंडर लेने के नियमों को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है. जिन लोगों के पास पहले से कमर्शियल गैस सिलेंडर मौजूद हैं, वे अपना खाली सिलेंडर जमा करके भरा हुआ सिलेंडर ले सकेंगे. इसके लिए उन्हें केवल गैस की निर्धारित कीमत ही चुकानी होगी. लेकिन जिन परिवारों के पास अपना खाली सिलेंडर उपलब्ध नहीं है, उन्हें सिलेंडर की सुरक्षा राशि यानी सिक्योरिटी शुल्क भी देना होगा. यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि शादी के कामकाज में कोई रुकावट न आए और हलवाई से लेकर घर के सदस्यों तक सबको पर्याप्त ईंधन मिल सके.
शादियों की रौनक बरकरार रखना है मकसद
इस नई पहल से लखनऊ के उन हजारों परिवारों को फायदा मिलेगा जिनके घर आने वाले दिनों में शहनाई बजने वाली है. अक्सर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी या घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल के डर से लोग परेशान रहते थे, लेकिन अब सरकारी मंजूरी के साथ मिलने वाले इन 8 सिलेंडरों ने जनता की राह आसान कर दी है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उनका मकसद शादियों की रौनक को बरकरार रखना और लोगों की मूलभूत जरूरतों को बिना किसी देरी के पूरा करना है.
यह भी पढ़ें: LPG सिलेंडर बुकिंग में परेशानी से बचें! अभी कर लें e-KYC; जानें Online और ऑफलाइन प्रोसेस
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















