'अगर बातचीत इजराइल फर्स्ट होती है तो…', शांति वार्ता को लेकर ईरान ने अमेरिका के सामने रख दी ये शर्त
US Iran Peace Talk: ईरान और अमेरिका का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच चुका है. जहां अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस शांति वार्ता को पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने "करो या मरो" की स्थिति बताया है. कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित इस शांति वार्ता का उद्देश्य नाजुक युद्धविराम को स्थिर करना और क्षेत्रीय सुरक्षा के भविष्य की दिशा तय करना है.
दो हफ्तों के युद्धविराम के बीच शांति वार्ता
शनिवार सुबह, ईरानी प्रतिनिधिमंडल औपचारिक शांति वार्ता के लिए अपने आवास से प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए रवाना हुआ. यह बैठक 8 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बाद एक सप्ताह से चल रही वैश्विक संभावनों के बीच हो रही है. जिसे लेकर आखिरी समय तक तमाम कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो भी या नहीं. आखिरकार अब वो दिन आ गया जब दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में मुलाकात कर रहे हैं.
इससे पहले मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, "ईरानी प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के लिए अपने आवास से प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए रवाना हो गया है."
The Iranian delegation has departed from their residence en route to the Prime Minister’s Office for a meeting with Prime Minister Shehbaz Sharif.#Iran #Pakistan #Tehran #Islamabad #ShehbazSharif
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 11, 2026
वार्ता से पहले ईरान ने अमेरिका के सामने रख दी शर्त
दरअसल, ईरान ने प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने शांति वार्ता से पहले अमेरिका को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "अगर हम इस्लामाबाद में अमेरिका फर्स्ट के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हैं, तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता होने की संभावना है. लेकिन अगर हमारा सामना इजरायल फर्स्ट के प्रतिनिधियों से होता है, तो कोई समझौता नहीं होगा." इसके साथ ही उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से पहले से भी ज्यादा जोर-शोर से अपना बचाव जारी रखेंगे और दुनिया को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."
If we negotiate in Islamabad with representatives of 'America First,' an agreement beneficial to both sides and the world is probable. However, if we face representatives of 'Israel First,' there will be no deal; we will inevitably continue our defense even more vigorously than…
— Aref| First VP Iran (@fvpresidentiran) April 11, 2026
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने की पाक पीएम से मुलाकात
अमेरिका के साथ जारी शांति वार्ता के बीच मोहम्मद बाकिर गालिबफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और बातचीत की. बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हुए. इस बीच दुनियाभर की निगाहें इन अनिश्चित युद्धविराम वार्ता पर टिकी हैं. बता दें कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की संख्या इस मुलाकात की गंभीरता को दर्शाती है. ईरानी दल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ कर रहे हैं. यह दल अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार आधी रात के बाद इस्लामाबाद पहुंचा.
वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अनुसार, इन वार्ताओं के लिए केवल 15 दिन का समय है. दुनिया की निगाहें इन वार्ताओं पर टिकी हैं. इस्लामाबाद में अगले 48 घंटों में यह तय होना है कि क्षेत्रीय युद्धविराम एक स्थायी राजनयिक समाधान में तब्दील होगा या फिर संघर्ष और तीव्र हो जाएगा.
बलूचिस्तान में उड़ाई गई मुख्य गैस पाइपलाइन, सप्लाई बाधित
इस्लामाबाद, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान प्रांत के सिबी जिले और उसके आस-पास के इलाकों में गैस सप्लाई तब रुक गई जब कुछ हथियारबंद लोगों ने एक पाइपलाइन में विस्फोट कर दिया।
स्थानीय मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी। सूत्रों के हवाले से, पाकिस्तानी अखबार डॉन ने बताया कि गुरुवार देर रात सिबी शहर के बाहरी इलाके में चार इंच डायमीटर वाली गैस पाइपलाइन में धमाका हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई।
सुई सदर्न गैस कंपनी (एसएसजीसी) के इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से गैस सप्लाई रोक दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बल अन्य एजेंसियों के साथ, मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों के मुताबिक, धमाके की वजह और प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच चल रही है, इलाके को घेर लिया गया है और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
यह घटना कुछ दिनों पहले वेस्टर्न बाईपास इलाके में मुख्य गैस पाइपलाइन पर हुए धमाके की तरह अंजाम दी गई। इसी तरह के हमले के बाद क्वेटा और बलूचिस्तान के कई जिलों में गैस सप्लाई बंद कर दी गई थी।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, एसएसजीसी के प्रवक्ता ने कहा, अज्ञात लोगों ने अख्तराबाद इलाके में 18 इंच डायमीटर वाली मुख्य गैस पाइपलाइन में धमाका कर दिया। पुलिस ने कहा कि हथियारबंद लोगों ने 30 मार्च की शाम को गैस पाइपलाइन के नीचे एक एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाया और उसे उड़ा दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा कि पाइपलाइन में आग लगने के बाद क्वेटा और बलूचिस्तान के कई हिस्सों में गैस सप्लाई रोक दी गई थी।
एसएसजीसी के प्रवक्ता ने कहा कि हजारा टाउन, पिशिन, जियारत, कलात, मस्तुंग, हजारगंजी, खैजी, नोहसर और कुचलक में गैस सप्लाई पर असर पड़ा।
डॉन ने रिपोर्ट में बताया कि एसएसजीसी अधिकारियों ने कहा, ब्लास्ट से गैस पाइपलाइन का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। उन्होंने कहा कि अधिकारी इलाके में पहुंच गए हैं और सिक्योरिटी क्लियरेंस के बाद पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू होगा।
डॉन ने रिपोर्ट किया कि घटना के बाद, क्वेटा में गैस फैसिलिटीज पर भारी सिक्योरिटी बल को तैनात किया गया था।
इस बीच, 9 अप्रैल को, बलूचिस्तान के तुर्बत में पाकिस्तानी फोर्स पर हमला किया गया, जहां एक बलूच हथियारबंद गुट ने पहले रोड ब्लॉक कर दिया था।
सूत्रों के हवाले से, द बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया कि हमला तब हुआ जब ग्रुप ने तुर्बत के बाहरी इलाके में करीब तीन घंटे तक सड़क ब्लॉक की, फिर पास की एक पुलिस पोस्ट पर कब्जा कर हथियार जब्त कर लिए थे।
--आईएएनएस
केआर/
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