UPI Payment New Rule: ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर लग सकता है MDR चार्ज, सरकार कर रही नए नियमों की तैयारी
UPI Payment New Rule: अगर आप Paytm, PhonePe, Google Pay या किसी अन्य UPI ऐप के जरिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने Payment and Settlement Systems Act में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे भविष्य में चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने का कानूनी प्रावधान बनाया जा सकता है।
हालांकि फिलहाल UPI भुगतान पर कोई नया शुल्क लागू नहीं किया गया है। यदि संसद इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो सरकार बाद में अलग अधिसूचना जारी कर MDR लागू कर सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, यह शुल्क सीधे ग्राहकों से नहीं बल्कि पात्र व्यापारियों (Merchants) से लिया जा सकता है।
क्या ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार और संबंधित पक्षों के बीच एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है, जिसके तहत ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR लगाया जा सकता है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
किन कारोबारियों पर लागू हो सकता है नियम?
प्रस्ताव के अनुसार, MDR केवल उन व्यापारियों (Merchants) पर लागू हो सकता है, जिनका सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार एक अन्य मॉडल पर भी विचार कर रही है, जिसमें ट्रांजैक्शन की राशि के बजाय व्यापारी के वार्षिक कारोबार के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है। इसके अलावा MDR की अधिकतम सीमा तय करने पर भी चर्चा हो रही है।
क्या ग्राहकों को देना होगा अतिरिक्त पैसा?
मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार MDR का भुगतान ग्राहकों को नहीं, बल्कि व्यापारियों को करना होगा। यानी यदि यह नियम लागू होता भी है, तो शुल्क सीधे उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। हालांकि कुछ बड़े व्यापारी अपनी व्यावसायिक रणनीति के तहत इस अतिरिक्त लागत को उत्पाद या सेवाओं की कीमत में शामिल कर सकते हैं। वहीं छोटे कारोबारियों को इस प्रस्ताव के दायरे से बाहर रखा जा सकता है।
सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है?
फिलहाल UPI पर Zero MDR व्यवस्था लागू है। इसका मतलब है कि UPI भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारियों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती। बैंकों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना MDR के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क का विस्तार और रखरखाव करना मुश्किल हो रहा है। कार्ड पेमेंट्स में जहां व्यापारी पहले से प्रोसेसिंग फीस देते हैं, वहीं UPI में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
भारत में UPI का कितना बड़ा नेटवर्क है?
UPI आज देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने UPI के जरिए 23.7 अरब (23.7 Billion) से अधिक ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रही।रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन कुल UPI भुगतान का केवल लगभग 5% हैं, लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी करीब 65% है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
अभी तक ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR लागू नहीं किया गया है। सरकार ने केवल ऐसा कानूनी प्रावधान तैयार करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर अधिसूचना जारी कर शुल्क लागू किया जा सके। अंतिम फैसला संसद की मंजूरी और बाद की सरकारी अधिसूचना पर निर्भर करेगा।
Visa में 2,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी: शानदार प्रदर्शन करने वाले मैनेजर भी निकाले गए, पूर्व कर्मचारी का पोस्ट वायरल
Visa layoffs: वैश्विक भुगतान क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वीजा (Visa) में छंटनी का बड़ा दौर शुरू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने 2,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। आंकड़ों के अनुसार, वीजा अपने वैश्विक कार्यबल (ग्लोबल वर्कफोर्स) में लगभग 7 प्रतिशत की कटौती करने की योजना बना रही है। इस फैसले से लगभग 2,600 कर्मचारियों की नौकरी जाने का अनुमान है।
पूर्व कर्मचारी अर्नब दास का छलका दर्द
इन छंटनी की खबरों के बीच, कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी अर्नब दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी निराशा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि इस छंटनी में एक ऐसे मैनेजर की भी नौकरी चली गई है, जिसे लगातार बेहतरीन रिव्यू मिलते रहे थे और वह कंपनी के सबसे शानदार कर्मचारियों में से एक माना जाता था।
My entire team at Visa just got laid off including my manager.
— Arnab Das (@unfilteredDas) July 30, 2026
The guy had end-to-end ownership of the product, outstanding performance reviews every cycle, and was probably the last person you’d expect to be let go.
Feeling shocked. And strangely lucky that I left Visa.
अर्नब ने अपनी पोस्ट में लिखा, "वीजा में मेरी पूरी टीम को निकाल दिया गया है, जिसमें मेरे मैनेजर भी शामिल हैं। उस व्यक्ति के पास प्रोडक्ट की एंड-टू-एंड जिम्मेदारी (ओनरशिप) थी और हर साइकिल में उसका परफॉर्मेंस रिव्यू शानदार रहा था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि उसे निकाला जाएगा। मैं हैरान हूं और अजीब तरह से खुद को भाग्यशाली मान रहा हूं कि मैंने वीजा पहले ही छोड़ दिया था।"
वायरल हुआ पोस्ट और लोगों की प्रतिक्रियाएं
अर्नब दास का यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोगों ने बहस करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट जगत में छंटनी का प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) से कोई लेना-देना नहीं होता है।
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, "छंटनी का प्रदर्शन से कोई वास्ता नहीं है। जब बात लागत कम (कॉस्ट-कटिंग) करने की आती है, तो कंपनियां सबसे पहले उन लोगों को देखती हैं जिनकी जरूरत कम होती है और जिनकी सैलरी बहुत ज्यादा होती है।"
ऑफिस का माहौल तनावपूर्ण, कंपनी ने साधी चुप्पी
वायरल पोस्ट पर चर्चा करते हुए एक अन्य यूजर ने बताया कि ऐसे समय में ऑफिस का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो जाता है। लोग अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित रहते हैं और ऐसे माहौल में काम करना बहुत मुश्किल होता है।
इस पूरे मामले और पूर्व कर्मचारी के दावों पर वीजा की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए टेक और फाइनेंस सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां लागत कम करने के लिए लगातार अपने कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर वीजा का बड़ा दांव
वीजा एक तरफ छंटनी कर रहा है, तो दूसरी तरफ तकनीक में बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि लोग जल्द ही अपने लिए किराने का सामान, हवाई जहाज के टिकट या डायपर खरीदने जैसे कामों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एजेंटों का इस्तेमाल करने में सहज हो जाएंगे।
इसी कड़ी में, वीजा ने हाल ही में अपने पेमेंट नेटवर्क को चैटजीपीटी (ChatGPT) के अंदर एम्बेड किया है। यह चैटबॉट को खुद से खरीदारी करने और लेनदेन पूरा करने की शक्ति देता है।
अब एआई एजेंट न केवल उत्पादों की सिफारिश कर सकते हैं, बल्कि किसी भी ऐसे व्यापारी (मर्चेंट) के पास यूजर की तरफ से खरीदारी पूरी कर सकते हैं, जो वीजा स्वीकार करता है। इससे पहले वीजा का यह तकनीकी प्रयास केवल एक रिटेलर या कुछ गिने-चुने व्यापारियों तक ही सीमित था।
अमेजन में भी हुई थी छंटनी
तकनीकी क्षेत्र में छंटनी का यह दौर लगातार जारी है। वीजा से कुछ महीने पहले, ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) ने भी छंटनी के एक और दौर की घोषणा की थी, जिसका असर उनकी 'सेलिंग पार्टनर सर्विसेज टीम' पर पड़ा था।
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