Visa में 2,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी: शानदार प्रदर्शन करने वाले मैनेजर भी निकाले गए, पूर्व कर्मचारी का पोस्ट वायरल
Visa layoffs: वैश्विक भुगतान क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वीजा (Visa) में छंटनी का बड़ा दौर शुरू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने 2,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। आंकड़ों के अनुसार, वीजा अपने वैश्विक कार्यबल (ग्लोबल वर्कफोर्स) में लगभग 7 प्रतिशत की कटौती करने की योजना बना रही है। इस फैसले से लगभग 2,600 कर्मचारियों की नौकरी जाने का अनुमान है।
पूर्व कर्मचारी अर्नब दास का छलका दर्द
इन छंटनी की खबरों के बीच, कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी अर्नब दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी निराशा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि इस छंटनी में एक ऐसे मैनेजर की भी नौकरी चली गई है, जिसे लगातार बेहतरीन रिव्यू मिलते रहे थे और वह कंपनी के सबसे शानदार कर्मचारियों में से एक माना जाता था।
My entire team at Visa just got laid off including my manager.
— Arnab Das (@unfilteredDas) July 30, 2026
The guy had end-to-end ownership of the product, outstanding performance reviews every cycle, and was probably the last person you’d expect to be let go.
Feeling shocked. And strangely lucky that I left Visa.
अर्नब ने अपनी पोस्ट में लिखा, "वीजा में मेरी पूरी टीम को निकाल दिया गया है, जिसमें मेरे मैनेजर भी शामिल हैं। उस व्यक्ति के पास प्रोडक्ट की एंड-टू-एंड जिम्मेदारी (ओनरशिप) थी और हर साइकिल में उसका परफॉर्मेंस रिव्यू शानदार रहा था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि उसे निकाला जाएगा। मैं हैरान हूं और अजीब तरह से खुद को भाग्यशाली मान रहा हूं कि मैंने वीजा पहले ही छोड़ दिया था।"
वायरल हुआ पोस्ट और लोगों की प्रतिक्रियाएं
अर्नब दास का यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोगों ने बहस करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट जगत में छंटनी का प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) से कोई लेना-देना नहीं होता है।
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, "छंटनी का प्रदर्शन से कोई वास्ता नहीं है। जब बात लागत कम (कॉस्ट-कटिंग) करने की आती है, तो कंपनियां सबसे पहले उन लोगों को देखती हैं जिनकी जरूरत कम होती है और जिनकी सैलरी बहुत ज्यादा होती है।"
ऑफिस का माहौल तनावपूर्ण, कंपनी ने साधी चुप्पी
वायरल पोस्ट पर चर्चा करते हुए एक अन्य यूजर ने बताया कि ऐसे समय में ऑफिस का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो जाता है। लोग अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित रहते हैं और ऐसे माहौल में काम करना बहुत मुश्किल होता है।
इस पूरे मामले और पूर्व कर्मचारी के दावों पर वीजा की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए टेक और फाइनेंस सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां लागत कम करने के लिए लगातार अपने कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर वीजा का बड़ा दांव
वीजा एक तरफ छंटनी कर रहा है, तो दूसरी तरफ तकनीक में बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि लोग जल्द ही अपने लिए किराने का सामान, हवाई जहाज के टिकट या डायपर खरीदने जैसे कामों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एजेंटों का इस्तेमाल करने में सहज हो जाएंगे।
इसी कड़ी में, वीजा ने हाल ही में अपने पेमेंट नेटवर्क को चैटजीपीटी (ChatGPT) के अंदर एम्बेड किया है। यह चैटबॉट को खुद से खरीदारी करने और लेनदेन पूरा करने की शक्ति देता है।
अब एआई एजेंट न केवल उत्पादों की सिफारिश कर सकते हैं, बल्कि किसी भी ऐसे व्यापारी (मर्चेंट) के पास यूजर की तरफ से खरीदारी पूरी कर सकते हैं, जो वीजा स्वीकार करता है। इससे पहले वीजा का यह तकनीकी प्रयास केवल एक रिटेलर या कुछ गिने-चुने व्यापारियों तक ही सीमित था।
अमेजन में भी हुई थी छंटनी
तकनीकी क्षेत्र में छंटनी का यह दौर लगातार जारी है। वीजा से कुछ महीने पहले, ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) ने भी छंटनी के एक और दौर की घोषणा की थी, जिसका असर उनकी 'सेलिंग पार्टनर सर्विसेज टीम' पर पड़ा था।
RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार; वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया
RBI Repo rate unchanged: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को पश्चिम एशिया (West Asia) के नए संकट और बढ़ती महंगाई के दबाव के बीच बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई ने बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई फेरबदल न करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर पूरी तरह स्थिर रखा है।
इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत रुख (Policy Stance) को 'न्यूट्रल' ही बनाए रखा है। एमपीसी के इस फैसले के बाद अन्य प्रमुख दरों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है:
- स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट: 5 प्रतिशत पर कायम
- मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट: 5.50 प्रतिशत पर स्थिर
- बैंक रेट: 5.50 प्रतिशत पर स्थिर
FY27 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर राहत भरी खबर देते हुए आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में 10 बेसिस पॉइंट (आधार अंक) की बढ़ोतरी की है। अब इसे बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उम्मीद जताई है कि देश में मजबूत घरेलू मांग (Domestic Demand) से ग्रोथ को लगातार सपोर्ट मिलता रहेगा। गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में लगातार हो रहे विस्तार और शानदार निर्यात (Exports) का मजबूत सहारा मिल रहा है।
महंगाई और कोर इन्फ्लेशन पर गवर्नर का बयान
महंगाई के मुद्दों पर बात करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि कीमती धातुओं को छोड़कर कोर इन्फ्लेशन (मूल मुद्रास्फीति) पिछले कुछ समय से सामान्य (Benign) बनी हुई है और वित्त वर्ष के अंत तक इसके मुख्य महंगाई के अनुरूप आ जाने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि हालांकि हेडलाइन इन्फ्लेशन (मुख्य महंगाई) में बढ़ोतरी होने का अनुमान है, लेकिन इस बढ़त की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों और ईंधन (Food and Fuel) से जुड़े सप्लाई-साइड के दबाव हैं। पहली तिमाही (Q1) में वास्तविक महंगाई (Realised Inflation) अनुमानों से थोड़ी कम रही, जो लागत के दबावों के सीमित पास-थ्रू को दर्शाती है।
महंगाई का आगे का अनुमान और वैश्विक चुनौतियां
आरबीआई गवर्नर ने साफ किया कि हालिया समय में महंगाई में जो तेजी आई है, उसकी मुख्य वजह भोजन और ईंधन ही रहे हैं। अब तक व्यापक स्तर पर कीमतों के दबाव (Broader Price Pressures) के ज्यादा सबूत नहीं मिले हैं।
निकट भविष्य में हेडलाइन इन्फ्लेशन के और बढ़ने की आशंका है और इसके वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही (Q3) में अपने चरम (Peak) पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद इसमें नरमी आने की संभावना है। कीमती धातुओं को अलग कर दिया जाए, तो अंतर्निहित महंगाई (Underlying Inflation) अभी भी नियंत्रण में है और पहले के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है।
इसके साथ ही, गवर्नर मल्होत्रा ने वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए कहा, "साउथ की ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितताओं के कारण आगे का आउटपुट थोड़ा धुंधला (Hazy) बना हुआ है। किसी भी तरह की नीतिगत कार्रवाई करने से पहले महंगाई, उसके रास्ते और उसकी संरचना को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आने की जरूरत है।"
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