RCB के गेंदबाजों की जमकर धुलाई करने के बाद बोले वैभव सूर्यवंशी, कहा – ‘मैं गेंदबाज नहीं सिर्फ गेंद देखता हूं’
आईपीएल 2026 में शुक्रवार को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। दरअसल इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने सिर्फ 26 गेंदों में 78 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 300 के हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने 7 गगनचुंबी छक्के और 8 शानदार चौके जड़े, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
वहीं मैच के बाद वैभव ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे का सीधा और स्पष्ट तरीका बताया। दरअसल उन्होंने कहा कि वह मैदान पर सिर्फ गेंद पर ध्यान देते हैं, गेंदबाज पर नहीं, फिर चाहे सामने कोई भी दिग्गज गेंदबाज क्यों न हो।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों पर भी खूब रन बटोरे
दरअसल वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस पारी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी और दिग्गज गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों पर भी खूब रन बटोरे, जिससे उनकी आत्मविश्वास भरी बल्लेबाजी साफ झलकती है। उनकी यह आक्रामक बल्लेबाजी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने जसप्रीत बुमराह जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज पर पहली गेंद से ही हमला बोल दिया था। इन बड़े नामों के खिलाफ बेखौफ खेलने के उनके तरीके पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने दृष्टिकोण को साफ किया। वैभव ने जोर देकर कहा कि उनके लिए मायने सिर्फ गेंद की रफ्तार, उसकी स्विंग और लाइन होती है, न कि उसे फेंकने वाला गेंदबाज या उसकी प्रतिष्ठा।
जानिए क्या बोले वैभव सूर्यवंशी?
दरअसल वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि “मेरे मन में कभी भी ये नहीं रहता कि कौन सा गेंदबाज सामने है। मैं सिर्फ गेंद पर ध्यान देता हूं, इस पर नहीं कि गेंदबाज कौन है। मेरे पिता और कोच मुझे यही समझाते रहते हैं कि यह सफर बहुत लंबा है, इसलिए मुझे अपना ध्यान इधर-उधर की बातों में भटकाए बिना अपनी प्रक्रिया और अपने खेल पर ही केंद्रित रखना चाहिए।”
इस बयान से वैभव की मानसिक स्पष्टता और खेल के प्रति उनका गहरा समर्पण साफ झलकता है। वह बाहरी दबावों, गेंदबाजों की प्रतिष्ठा या मैच की परिस्थितियों से विचलित हुए बिना सिर्फ अपने मूल खेल पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके पिता और कोच की यह सलाह उन्हें हमेशा जमीन से जुड़े रहने और अपने लक्ष्य पर अटल रहने में मदद करती है। यह दिखाता है कि एक युवा खिलाड़ी के रूप में वह न केवल शारीरिक रूप से मजबूत हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद परिपक्व हैं।
अपनी बल्लेबाजी के तरीके को लेकर वैभव ने बताया कि वह मैदान पर सिर्फ वही करने की कोशिश करते हैं, जो वह अपने अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं बस वही करने की कोशिश करता हूं जो मैं प्रैक्टिस में करता हूं, कुछ भी ज्यादा करने की कोशिश नहीं करता और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखता हूं।” यह उनकी सादगी और खेल के प्रति उनके ईमानदार दृष्टिकोण को दर्शाता है। वह किसी भी तरह के दिखावे या अतिरिक्त प्रयास में विश्वास नहीं रखते, बल्कि अपने नैसर्गिक हुनर और नियमित अभ्यास पर भरोसा करते हैं। उनकी यह सोच उन्हें मैदान पर सहज और प्रभावी बनाती है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं।
इस विस्फोटक जीत के बाद मैच के दौरान एक हल्के-फुल्के पल में जब उनसे पूछा गया कि क्या आज वह अपना जन्मदिन का केक काटेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया, “आज नहीं, आज भी जल्दी सोना है क्योंकि कल सुबह जल्दी हमारी फ्लाइट है।” दरअसल, वैभव अपना जन्मदिन का केक भी नहीं काट पाए थे, क्योंकि वह रात में जल्दी सो गए थे। यह उनका सीधा और जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व दिखाता है, जहां खेल के बाद की औपचारिकताओं से ज्यादा उन्हें अपने अगले लक्ष्य और तैयारी की चिंता है। यह छोटी सी घटना उनके पेशेवर रवैये को दर्शाती है, जहां व्यक्तिगत उत्सवों से ऊपर टीम की जरूरत और आगामी मैचों की तैयारी को रखा जाता है।
महाकाल मंदिर पहुंची ‘धुरंधर 2’ एक्ट्रेस सारा अर्जुन, नंदी के कान में बोली मनोकामना
धुरंधर 2 की शानदार सफलता के बीच फिल्म की ऐक्ट्रेस सारा अर्जुन शनिवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। वह अपने पिता राज अर्जुन और मां सान्या के साथ यहां पहुंची थी। उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान वो भक्ति में डूबी हुई दिखाई दी।
बता दें कि ये पहली बार है जब सारा ने बाबा महाकाल के दर्शन किए हैं। वो तड़के 4 बजे मंदिर पहुंची और भस्मारती में शामिल हुईं। करीब दो घंटे तक वो राजाधिराज की भक्ति में डूबी नजर आईं। इस दौरान उन्हें जय महाकाल का उद्घोष करते हुए पूरी श्रद्धा के साथ पूजन अर्चन की। मंदिर से उनकी तस्वीरें सामने आई है।
नंदी के कान में मांगी मुराद
आरती के बाद सारा ने नंदी जी के कान में अपनी मुराद भी मांगी। भस्मारती खत्म होने के बाद उन्होंने गर्भगृह की देहरी से बाबा को जल अर्पित किया। इस दौरान महाकाल के आशीर्वाद के रूप में मंदिर समिति की ओर से उनका स्वागत सत्कार कर प्रसाद दिया गया।
यहां आकर अच्छा लगा सारा
दर्शन करने के बाद सारा को ये कहते देखा गया कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा। महाकाल दर्शन कर उन्हें सुकून मिला। एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने महाकाल से कुछ खास नहीं मांगा बस सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को अच्छा बताते हुए सराहना भी की।
कई फिल्मों में किया काम
धुरंधर 2 में हमजा की यालीना का किरदार निभाकर सारा ने दर्शकों के बीच खास पहचान हासिल की है। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने तमिल, तेलुगू, और मलयालम फिल्मों में भी काम किया है। बहुत कम उम्र में फिल्मों और विज्ञापन से एक्ट्रेस ने अपना करियर शुरू किया था और अब वह दर्शकों के बीच खास जगह बना चुकी है।
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