झालावाड़ : करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के झालावाड़ जिले की भवानीमंडी पुलिस को साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। भवानीमंडी पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है।
US-Iran Ceasefire: 'आतंक की फैक्ट्री' में होगी शांति वार्ता, जानें क्यों शहबाज-मुनीर पर भरोसा जता रहा अमेरिका ?
US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कायम रखने के लिए पाकिस्तान को पीसटॉक का प्वाइंट बनाया गया है, जिसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. दुनिया भर में ये चर्चा हो रही है कि आखिर आतंक पसंद मुल्क से अमन की उम्मीद किस आधार पर की जा रही है? पाकिस्तान पर भरोसा क्यों नहीं हो पा रहा इस रिपोर्ट में देखिए.
जंग भले ही अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी हो मगर बारूदी बौछार से पूरा पश्चिम एशिया परेशान था. विध्वंसक हमलों की वजह से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था. 40 दिन बाद किसी तरह युद्धविराम पर सहमति बनी लेकिन ये मजह 2 हफ्तों की शांति है. क्योंकि कई मदुदे अब भी ऐसे हैं, जिन्हें लेकर तनाव कायम है. दोनों ओर से धमकियां भी दी जा रही हैं. हालात ऐसे हैं कि सीजफायर ब्रेक होने के चांस लगातार बने हुए हैं.
युद्धविराम 14 दिन के बाद भी जारी रहेगा या नहीं इस बात का फैसला करने के लिए पीस टॉक का बोझ आतंकवादी मुल्क पाकिस्तान ने अपने कंधों पर उठा रखा है. पाकिस्तान खुद को शांति का दूत साबित करने के लिए पसीना बहा रहा है. शहबाज शरीफ और मुल्ला मुनीर एक पैर पर खड़े होकर अमेरिका की जी-हुजूरी कर रहे हैं. मगर हकीकत ये है कि उसकी खुद की साख पर बट्टा लगा हुआ है. उसकी पहचान पूरी दुनिया में आतंकवाद सप्लाई करने की है. लिहाजा आतंकी मुल्क में अमन की बात किए जाने को लेकर अमेरिकी भी हैरान है.
पहले हमें यहां ये समझने की जरूरत है कि ये एक ऐसी डील है, जो पाकिस्तान की दलाली से की जा रही है. ये बहुत ही असामान्य बात है जो यहां हो रही है. एक देश जो आतंकवाद का एक पारंपरिक राज्य प्रायोजक और एक दुष्ट प्रसारक है, उसने अब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया है. पाकिस्तान के ऐसा करने का कारण पूरी तरह से समझ से बाहर हैं. इसकी शर्तें अभी भी साफ नहीं हैं क्योंकि अमेरिका जो कह रहा है वो ईरानियों की ओर से कही जा रही बातों से काफी अलग हैं.
पाकिस्तान पर 'भरोसा' नहीं
पाकिस्तान की हालत बिन प्यांदे के लोटे की तरह है. जंग रुकवाने के नाम पर वो खुद खलीफा बनने की रेस लगा रहा है. मगर उसे कोई पूछ नहीं रहा. भले ही पीस टॉक के लिए उसकी धरती को चुना गया है मगर भरोसा किसी को नहीं है. पाकिस्तान की मेजबानी में बात सफल होगी इसे लेकर भी कोई गारंटी नहीं है. इजरायल ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है.
इजराइल का कहना है कि हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पेयर के रूप में नहीं देखते हैं. मुझे लगता है कि अमेरिका ने अपने कारणों से पाकिस्तान की सुविधाओ और सेवाओं का उपयोग करने का निर्णय लिया है. हमने पहले भी देखा है कि अमेरिका ने कैसे समस्या खड़े करने वाले देशों जैसे- कतर और तुर्की को भी मैनेज किया था. अमेरिका ने हमास से समझौते कराने के फायदे के लिए इन देशों का इस्तेमाल किया. हमारे लिए ये बेहद अहम है कि हम अमेरिका के साथ तालमेल बिठाए रखें. वो भी जब बात किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने की हो और जो हम देखना चाहते हैं.
पाकिस्तान की हैवानियत से दुनिया परीचित
पाकिस्तान की साख पर आतंकवाद का बदनुमा दाग लगा हुआ है. दुनिया जानती है कि वो कैसे सीमा पार आतंक की फैक्ट्री चलाता है और कैसे अपने ही मुल्क में आम लोगों का कत्ल-ए-आम करता है. खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक उसकी हैवानियत को पूरी दुनिया जानती है. इसके बाद भी वो अमन का चोला ओड़ने का दिखावा कर रहा है. शांति दूत बनने के लिए तरह-तरह की दलीलें दे रहा है लेकिन बिचौलिया होने के बावजूद उसकी असलियत एक बार फिर सामने आ चुकी है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इजराइल को 'कैंसर' बताया है. इससे दिखता है कि अमन की दुहाई देने वाले लोगों के दिल में कितना ज़हर भरा हुआ है.
पाकिस्तानी मंत्री का जहरीला पोस्ट
पाकिस्तानी कैबिनेट मंंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा इजराइल शैतान है और मानवता पर धब्बा है, जहां इस्लामाबाद में शांति की बातें हो रही हैं वहां वो लेबनान में जनसंहार कर रहा है. पहले वो गाजा में निर्दोषों को मार रहा था और अब लेबनान में वह यही कर रहा है. उसका खून खराबा बेरोक टोक जारी है, जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फलस्तीनियों की जमीन पर इस कैंसरनुमा देश को बनाया है, वो जहन्नुम में जलें.
अब समझिए पाकिस्तान पर भरोसा क्यों नहीं किया जा सकता
पहली वजह- उसका आतंकवाद को खुला समर्थन
दूसरी वजह- उसकी दोहरे मानक वाली नीति है.
तीसरी वजह- पाकिस्तान के आंतरिक हालात भी भरोसा करने लायक नहीं हैं
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