मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण कानून पर केंद्र सरकार को घेरा, चुनावी फायदे के लिए जल्दबाजी में लागू करने का लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण कानून और परिसीमन को लेकर तीखे हमले बोले हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है और महिला आरक्षण कानून को चुनावी फायदे के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। खरगे ने चेतावनी दी कि इन कदमों के “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं और ये देश के लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित करेंगे।
खरगे के मुताबिक, सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण कानून से जुड़ा संशोधन बिल आनन-फानन में पास कराना चाहती है। उन्होंने इस कदम को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का सीधा उल्लंघन बताया। कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इस पर गंभीर आपत्ति जता रहे हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर एक संयुक्त रणनीति बनाने का फैसला किया है।
खरगे ने महिला आरक्षण कानून की असली मंशा पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण लागू करने के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि सरकार की असल नीयत चुनावी लाभ लेना है। उनका आरोप है कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर इस मुद्दे को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि इसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। यह सिर्फ महिला सशक्तिकरण का मुखौटा है, जबकि असली मकसद वोट बटोरना है।
लोकसभा सीटों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को खरगे ने देश के चुनावी ढांचे में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि 543 लोकसभा सीटों को 816 तक बढ़ाना और राज्यों की विधानसभा सीटों में भी बढ़ोतरी करना कोई सामान्य बात नहीं है। यह परिसीमन देश के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकता है और इसके दूरगामी असर होंगे, जिनकी गहन समीक्षा जरूरी है।
खरगे ने विपक्ष को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप
खरगे ने सरकार पर विपक्ष को भरोसे में न लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों ने संसदीय कार्य मंत्री से पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। लेकिन सरकार ने इस अनुरोध को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और अपने एजेंडे को मनमाने तरीके से आगे बढ़ाने में लगी रही। यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के एकतरफा फैसले लोकतंत्र को कमजोर करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह इन संवेदनशील मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है। खरगे ने जोर देकर कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी कदम का विपक्ष एकजुट होकर विरोध करेगा।
कांग्रेस अपनी पुरानी प्रतिबद्धता दोहराते हुए खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के पक्ष में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायत से लेकर शहरी निकायों तक महिलाओं को आरक्षण देने की पहल कांग्रेस ने ही की थी। उनका दावा था कि कांग्रेस ने वास्तविक महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है, न कि चुनावी फायदे के लिए।
आखिर में, खरगे ने कहा कि अब विपक्ष इस पूरे मामले पर एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रणनीति बनाएगा। संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून पास करने का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश के लोकतांत्रिक ढांचे और उसकी भविष्य की दिशा से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर सवाल है।
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