दैनिक प्रेम राशिफल 5 अगस्त 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं।
यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है:
मेष: पार्टनर के साथ आज किसी बात को लेकर हल्का मनमुटाव हो सकता है, लेकिन आपकी बुद्धिमानी से मामला जल्दी सुलझ जाएगा। शाम तक स्थिति सामान्य होगी।
वृषभ: अगर आप किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन सकारात्मक रुख दिखा सकता है। पहले से रिश्ते में मौजूद लोगों का दिन खुशनुमा रहेगा।
मिथुन: पार्टनर के साथ आउटिंग या डिनर की योजना बन सकती है। एक-दूसरे को समझने के लिए आज का दिन बेहतरीन साबित होगा।
कर्क: छोटी-छोटी बातों को तूल देने से बचें। किसी पुराने विषय पर बहस करने की जगह साथ बैठकर ठंडे दिमाग से बात करना फायदेमंद रहेगा।
सिंह: लव लाइफ में आज उत्साह और सकारात्मकता बनी रहेगी। पार्टनर से मिला कोई प्यारा सरप्राइज आपके दिन को और स्पेशल बना देगा।
कन्या: आज अपने पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। काम की व्यस्तता के बावजूद उनके लिए थोड़ा समय निकालना रिश्ते में नजदीकी लाएगा।
तुला: अपने और पार्टनर के बीच किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप न होने दें। आपसी विश्वास को प्राथमिकता देने से रिश्ता और मजबूत होगा।
वृश्चिक: किसी पुराने दोस्त से अचानक संपर्क हो सकता है, जो लव लाइफ में एक नई शुरुआत का जरिया बन सकता है। विवाहितों के लिए दिन सुखद रहेगा।
धनु: पार्टनर के प्रति आपका समर्पित रवैया उन्हें बेहद खास महसूस कराएगा। आज रिश्तों में नया आकर्षण देखने को मिलेगा।
मकर: काम के तनाव का असर प्रेम संबंध पर न पड़ने दें। शाम को साथ समय बिताकर पुरानी दूरियों को पाटने की कोशिश करें।
कुंभ: आपके सौम्य व्यवहार से पार्टनर बेहद प्रसन्न रहेगा। सिंगल जातकों के लिए भी किसी खास व्यक्ति की ओर रुझान बढ़ने के योग हैं।
मीन: रिश्तों में ताजगी लाने के लिए आज कुछ नया और रोमांचक करने का प्रयास करें। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।
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सावन के महीने में चारों ओर हरियाली ही हरियाली देखने को मिलती है। इस दौरान पेड़ों पर नए पत्ते आ जाते हैं, मौसम सुहावना हो जाता है। वहीं घर से लेकर मंदिरों तक में शिवभक्ति का माहौल होता है। वहीं सावन के महीने में एक चीज और भी खास होती है, वह है झूला। आपने देखा होगा कि अक्सर सावन के महीने में लोग अपने घरों में झूला डालते हैं।
वहीं लड़कियां और महिलाएं सज-धजकर झूला झूलती हैं और सावन के गीत गाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सावन में झूला की परंपरा कैसे शुरू हुई।
सावन और झूले का कनेक्शन
सावन के महीने को खुशियों, हरियाली और उत्सव का महीना माना जाता है। सावन का मौसम ठंडा और सुहावना भी होता है। इसलिए पुराने समय से लोग इस महीने पेड़ों पर झूले डालकर दोस्तों और परिवार के साथ झूला झूलते हैं और समय बिताते हैं। खासकर महिलाएं और लड़कियां इस महीने झूला झूलते हुए लोकगीत गाती हैं। धीरे-धीरे यह परंपरा सावन के खास रीति-रिवाजों में शामिल हो गई।
मां पार्वती से जुड़ी है झूले की परंपरा
धार्मिक मान्यता है कि भगवान शंकर ने सावन के महीने में मां पार्वती के लिए झूला लगाया था। महादेव ने प्रेम से मां पार्वती को झूला झुलाया था। इस कारण से झूला पति-पत्नी के बीच सम्मान, प्यार और अच्छे रिश्ते का भी प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि जो भी दंपत्ति सावन में साथ झूला झूलते हैं। उनके रिश्ते में हमेशा अपनापन और प्रेम बना रहता है।
सावन में मायके आई थीं मां पार्वती
इसके अलावा एक और कहावत सुनने को मिलती है कि सावन में मां पार्वती अपने मायके आई थीं। वहां पर मां पार्वती की सखियों ने झूला लगाया और उनको झूला झुलाया। इस दौरान सखियों ने लोक गीत गाए और खुशियां मनाईं। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
कृष्ण और राधा से भी जुड़ी है मान्यता
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी से भी सावन में झूला झूलने की परंपरा का संबंध जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सावन के मौसम में भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी को झूला झुलाया था। फिर कई जगहों पर मंदिरों में राधा-कृष्ण के लिए सुंदर झूले सजाए जाते हैं। सावन के महीने में कई मंदिरों में झूलन उत्सव भी पड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
मंदिरों में सजाए जाते हैं झूले
बता दें कि सावन में कई मंदिरों में देवी-देवताओं और भगवान के लिए भी झूले सजाए जाते हैं। इन झूलों को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से इन झूलों को सुंदर बनाया जाता है। यह परंपरा कई राज्यों यह आज भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।
सावन में झूला झूलने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन में झूला झूलना बेहद शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इससे परिवार में प्यार और एकता बनी रहती है। पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है और मां पार्वती का आशीर्वाद भी मिलता है। वहीं झूला झूलने से आपका मन भी प्रसन्न रहता है। सावन के सुंदर मौसम का आनंद लेने का मौका भी मिलता है।
सावन में कैसे डालें झूला
झूला डालने के लिए मजबूत पेड़ की डाल, छत का हुक या लोहे की ग्रिल चुनें।
नायलॉन, जूट या सूती की मोटी रस्सी लें।
झूले पर बैठने के लिए मजबूत लकड़ी की बोर्ड लें।
बोर्ड के दोनों तरफ रस्सी बांधने के लिए दो-दो छेद बनाएं।
तख्ते और हुक पर सेफ्टी नॉट लगाएं।
इसको आम के पत्तों, गेंदे के फूलों या सुंदर कपड़ों से झूले को सजाएं।
झूले पर बैठने से पहले थोड़ा वेट डालकर इसकी मजबूती को जरूर चेक कर लें।
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