कोलकाता के खिलाउ सुपर जीत के हीरे रहे मुकुल कई मुश्किल मैच सिचुएशन्स का ज़िक्र करते हैं – चाहे आयुष के आउट होने के बाद खुद ज़िम्मेदारी लेना हो, या आख़िरी ओवर में 2–4 गेंदों पर 7 रन चाहिए हो. उनका मानना है कि ऐसे समय में बॉलर एक–दो गेंद मिस करेगा, और उन्हें बस उस मौके का इंतज़ार रहता है कि सही गेंद मिलते ही छक्का मारकर मैच खत्म किया जा सके. आवेश खान के साथ पार्टनरशिप में भी आवेश उन्हें यही कहते रहे कि बिलीव रख, अगर ओवर में 4–5 गेंद तू खेलेगा तो एक–दो बड़े शॉट से 15 रन प्रति ओवर भी निकल सकते हैं. मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी वे आख़िरी ओवर में 25 रन चेस कर चुके हैं, जहाँ आख़िरी गेंद पर 5 रन चाहिए थे और उन्होंने मैच फिनिश किया था. वही अनुभव अब आईपीएल में उनके काम आ रहा है, इसलिए उन्हें भरोसा रहता है कि जब तक वे क्रीज़ पर हैं, आख़िरी गेंद तक मैच जीता जा सकता है Fri, 10 Apr 2026 14:59:43 +0530