नीमच में शव रखकर परिजनों ने किया चक्काजाम, मौत को हादसा मानने से किया इनकार, अपहरण और मारपीट का लगाया आरोप
नीमच में ओंकार सिंह नाम के व्यक्ति की मौत के बाद शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब परिजन उनका शव एंबुलेंस में लेकर एसपी कार्यालय पहुंच गए। दरअसल परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही देर में सड़क पर चक्काजाम की स्थिति बन गई। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक पुलिस आरोपियों को राउंडअप नहीं करती, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत शुरू की।
वहीं परिजनों के मुताबिक, 3 अगस्त की सुबह ओंकार सिंह को उनके ससुराल पक्ष के कुछ लोग कथित तौर पर जबरन अपने साथ लेकर गए थे। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें गंभीर हालत में भिंडर के आगे छोड़ दिया गया। इसके बाद सड़क हादसे की बात सामने आई। गंभीर हालत में ओंकार सिंह को इलाज के लिए उदयपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस की जांच में यह साफ होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और ओंकार सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिजनों ने हादसे की कहानी पर उठाए सवाल
दरअसल शव नीमच पहुंचने के बाद परिजनों ने पूरी घटना को लेकर कई सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिस तरह से ओंकार सिंह को गंभीर हालत में छोड़ा गया और बाद में उनकी मौत हुई, उससे उन्हें सामान्य सड़क हादसे की कहानी पर संदेह है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि शव को नीमच लाते समय टोल के पास पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग शव को छोड़कर चले गए। इन दावों की भी पुलिस जांच की जरूरत है।
वहीं परिजनों का कहना है कि अगर ओंकार सिंह के साथ मारपीट या जबरन ले जाने की घटना हुई है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर वे शव को एंबुलेंस में रखकर एसपी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे गिरफ्तारी की मांग पर लगातार जोर देते रहे।
पुलिस बल मौके पर पहुंचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी हेमलता अग्रवाल, सीएसपी किरण चौहान, थाना प्रभारी सौरभ शर्मा समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिवार के लोगों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े लोगों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और हादसे से जुड़े दूसरे सबूत जांच में अहम हो सकते हैं।
पोस्टमार्टम पर टिकी नजर
दरअसल फिलहाल ओंकार सिंह का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत जारी है। ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत की वजह और शरीर पर लगी चोटों की स्थिति समझने में अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा अस्पताल के रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े सबूत, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
वहीं इस बीच करणी सेना अध्यक्ष गिरिराज सिंह चुंडावत और परिजन भी मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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