असम बाढ़ राहत के लिए Gen Z, DU और नॉर्थ ईस्ट छात्रों ने मिलाया हाथ, शुरू किया राहत अभियान
असम में भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता को लेकर परिवारों की मदद को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के युवा और नॉर्थ ईस्ट समुदाय के छात्रों ने हाथ मिलाया है. दिल्ली विश्वविद्यालय के वेंकटेश्वर कॉलेज की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने युवाओं और नागरिक समाज को जोड़ा. असम बाढ़ राहत अभियान आरंभ हो चुका है. इस पहल में युग संस्कृति न्यास सहयोगी से संबंधित है.
असम में लगातार जारी बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोगों प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में राहत और पुनर्वास का काम जारी है. ऐसे मुश्किल वक्त में दिल्ली में पढ़ रहे नॉर्थ ईस्ट के छात्रों और Gen Z युवाओं ने अपने राज्य के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत अभियान शुरू करने का फैसला किया है.
खाद्य सामग्री से लेकर दवाइयों तक जुटाई जाएगी राहत सामग्री
अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सामग्री, पैकेज्ड पेयजल, दवाइयां, स्वच्छता सामग्री, कपड़े और अन्य जरूरी सामान जुटाया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि एकत्रित राहत सामग्री को स्थानीय स्वयंसेवकों और उपयुक्त राहत नेटवर्क के समन्वय से जरूरतमंद इलाकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
इस पहल का उद्देश्य केवल राहत सामग्री जुटाना नहीं है, बल्कि दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ ईस्ट समुदाय, छात्रों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, कारोबारी संस्थानों और आम नागरिकों को भी इस मानवीय अभियान से जोड़ना है.
आचार्य धर्मवीर ने युवाओं की पहल का किया समर्थन
युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने अभियान का समर्थन करते हुए देशवासियों से असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा कि असम देश के राष्ट्रीय परिवार का अभिन्न हिस्सा है और जब हजारों परिवार मुश्किल हालात से गुजर रहे हों, तब केवल संवेदना जताना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सेवा और सहायता के काम में लगाने की अपील की.
आचार्य धर्मवीर ने कहा कि राहत अभियान में योगदान की मात्रा से ज्यादा महत्वपूर्ण जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने की भावना और प्रतिबद्धता है. उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी किसी भी राहत अभियान को व्यापक और प्रभावी बना सकती है.
छात्रों ने कहा- असम के साथ खड़ा है दिल्ली का युवा
वेंकटेश्वर कॉलेज नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष और तृतीय वर्ष की राजनीति विज्ञान की छात्रा देव्यानी लामा ने कहा कि असम के लोगों के लिए यह बेहद कठिन समय है और छात्र समुदाय अपने लोगों के साथ खड़ा होना चाहता है. उन्होंने कहा कि छात्रों के संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सामूहिक प्रयास निश्चित तौर पर बदलाव ला सकता है. एसोसिएशन की उपाध्यक्ष और तृतीय वर्ष की इतिहास की छात्रा प्रियंका डोले ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का छोटा सा योगदान भी बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. उन्होंने लोगों से असम की सहायता के लिए आगे आने की अपील की.
सांस्कृतिक सचिव और तृतीय वर्ष की इतिहास की छात्रा अनिंदिता रे ने कहा कि संकट के समय संस्कृति और मानवीय संबंध लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी चिंता को सार्थक सहयोग में बदलना चाहते हैं. वहीं, एसोसिएशन की सलाहकार समिति के सदस्य और तृतीय वर्ष के समाजशास्त्र के छात्र अनिश भगवती ने कहा कि मानवीय सहायता और सामाजिक सेवा के कार्यों में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है. उन्होंने राहत अभियान में हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई.
Gen Z की ऊर्जा को सेवा से जोड़ने की कोशिश
आयोजकों के मुताबिक, अभियान के जरिए Gen Z की ऊर्जा, युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी और नॉर्थ ईस्ट समुदाय की एकजुटता को मानवीय सहायता के प्रयास से जोड़ा जा रहा है.
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि राहत कार्य का मकसद सिर्फ सामग्री जुटाना नहीं, बल्कि दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ ईस्ट समुदाय और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना भी है.
आचार्य धर्मवीर ने नागरिकों से अपनी क्षमता के अनुसार योगदान करने की अपील करते हुए कहा कि छोटा या बड़ा, हर योगदान बाढ़ प्रभावित किसी परिवार के जीवन में बदलाव ला सकता है. उन्होंने इसे अपनी चिंता को सेवा में बदलने का समय बताया.
अभियान से जुड़े छात्र प्रतिनिधि
- देव्यानी लामा – अध्यक्ष, नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन, तृतीय वर्ष, राजनीति विज्ञान
- प्रियंका डोले – उपाध्यक्ष, तृतीय वर्ष, इतिहास
- अनिंदिता रे – सांस्कृतिक सचिव, तृतीय वर्ष, इतिहास
- अनिश भगवती – सलाहकार समिति सदस्य, तृतीय वर्ष, समाजशास्त्र
वेंकटेश्वर कॉलेज नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन और सहयोगी संस्थाओं ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ ईस्ट समुदाय, छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, कारोबारी संस्थानों और देशवासियों से अपनी क्षमता के अनुसार असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता करने की अपील की है. “सेवा, एकता और राष्ट्रीय एकजुटता” के संदेश के साथ शुरू किया गया यह अभियान युवाओं की ऊर्जा को मानवीय सेवा से जोड़ने की कोशिश है.
एशिया कप 2026 से पहले बढ़ी भारतीय महिला टीम की टेंशन, चोट की वजह से द हंड्रेड से बाहर हुईं स्टार बल्लेबाज
Indian Women's Cricket Team: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी रह गया है. इस वक्त भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कई प्रमुख खिलाड़ी इंग्लैंड में खेली जा रही फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट द हंड्रेड में हिस्सा ले रही हैं. जेमिमा रोड्रिग्स इस टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव की तरफ की ओर से खेल रहे थीं, लेकिन वो हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. जेमिमा को चोटिल होना टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका है. अगर वो एशिया कप से पहले फिट नहीं होती हैं तो भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ जाएगी.
जेमिमा रोड्रिग्स हुईं चोटिल
द हंड्रेड की फ्रेंचाइजी टीम सदर्न ब्रेव ने 8 अगस्त को जानकारी दी कि जेमिमा रोड्रिग्स टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई है. टीम ने उनकी जगह पर स्क्वाड में ऑलराउंडर खिलाड़ी चार्ली नॉट को शामिल किया है. जेमिमा की इस इंजरी ने एशिया कप से पहले टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है, क्योंकि एशिया कप शुरू होने में सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं. रोड्रिग्स की हैमस्ट्रिंग चोट कितनी गंभीर है, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसा हो सकता है कि जेमिमा ने फिटनेस बनाए रखने और चोट को ज्यादा बढ़ने नहीं देने को लेकर एहतियात के तौर पर टूर्नामेंट से बाहर होने का फैसला किया हो.
जेमिमा का द हंड्रेड में दिखा शानदार फॉर्म
जेमिमा रोड्रिग्स जल्दी फिट नहीं हुईं तो एशिया कप 2026 से भी बाहर हो सकती हैं. उनके नहीं खेलने से टीम इंडिया की परेशानी काफी बढ़ जाएगी. उनकी गैरमौजूदी में टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर पर इसका असर देखने को मिल सकता है. द हंड्रेड में इस सीजन जेमिमा अच्छी फॉर्म में नजर आई थीं. उन्होंने सदर्न ब्रेव की ओर से खेलते हुए 6 पारियों में 35.75 के औसत और 131.19 की स्ट्राइक रेट से 143 रन बनाए थे.
Jemimah Rodrigues has been ruled out of the remainder of The Hundred with a hamstring injury ⚠️
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 8, 2026
Southern Brave have signed Charli Knott as her replacement pic.twitter.com/OHFOWN6b8a
महिला एशिया कप का 28 अगस्त से होगा आगाज
महिला एशिया कप 2026 का आयोजन UAE के दुबई में होना है. इसके आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान कर दिया गया है. टूर्नामेंट की शुरुआत 28 अगस्त से होगी, जबकि 13 सितंबर को फाइनल मैच खेला जाएगा. यह महिला एशिया कप का 10वां एडिशन है और इस बार यह टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. इस बार महिला एशिया कप में कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा यूएई, थाईलैंड, हांगकांग और इंडोनेशिया की टीमें शामिल हैं. अफगानिस्तान की महिला टीम क्रिकेट नहीं खेलती है. वहीं श्रीलंका की टीम ट्रॉफी को डिफेंड करने के इरादे से उतरेगी. इन सभी टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है. इसके ग्रुप ए में भारत के अलावा पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग को रखा गया है.
Jemimah Rodrigues ruled out of The Hundred with hamstring injury
— ANI Digital (@ani_digital) August 8, 2026
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महिला एशिया कप 2026 में टीम इंडिया का शेड्यूल
महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले से करेगी. दोनों टीमों के बीच 30 अगस्त को मुकाबला खेला जाएगा. इसके बाद टीम इंडिया अपना दूसरा मैच खेलने हांगकांग के खिलाफ उतरेगी. यह मुकाबला 3 सितंबर को खेला जाएगा. इसके बाद 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा, जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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