भोपाल मेट्रो का भूमिगत निर्माण कार्य, टीबीएम ने अब तक करीब 260 मीटर सुरंग बनाई
भोपाल मेट्रो परियोजना के भूमिगत निर्माण कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सड़क यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इस हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन प्रमुख स्टेशन होंगे।
भूमिगत सुरंग का निर्माण
भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर आगे बढ़ रही हैं। सुरंगें जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाई जा रही हैं। निर्माण कार्य में दोनों टीबीएम द्वारा अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण किया जा चुका है। पहली टीबीएम लगभग 160 मीटर और दूसरी करीब 100 मीटर सुरंग बना चुकी है। सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ रही है और इसके साथ सुरंग के भीतर स्थायी प्रीकास्ट आरसीसी रिंग (Precast RCC Ring) स्थापित की जा रही है। इससे भूमिगत सुरंग की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है।
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम (Instrumentation and Monitoring System) का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं श्रमिकों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम (Fresh Air Ventilation System) और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम (Gas Monitoring System) लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है।
सीहोर में खाद्य विभाग का एक्शन, आष्टा में 50 लीटर संदिग्ध घी जब्त, बिना रजिस्ट्रेशन चल रही डेयरी सील
सीहोर जिले में दूध और उससे बने सामान की क्वालिटी जांच को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। दरअसल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एडलीन ई पन्ना और ज्योति बंसल की टीम ने अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर खाद्य कारोबारियों की जांच की। आष्टा में श्री इंटरप्राइजेज की जांच के दौरान घी के तीन सैंपल लिए गए। टीम को वहां 50 लीटर संदिग्ध घी मिला, जिसे मौके पर जब्त कर लिया गया। इसके अलावा श्यामपुर क्षेत्र की जफरुद्दीन डेयरी से भी दूध का सैंपल लिया गया। सभी सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
आष्टा में 50 लीटर संदिग्ध घी जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आष्टा स्थित श्री इंटरप्राइजेज का निरीक्षण करते हुए घी की जांच की। कार्रवाई के दौरान टीम ने घी के तीन अलग-अलग सैंपल लिए। साथ ही करीब 50 लीटर संदिग्ध घी को जब्त किया गया। विभाग की ओर से घी की क्वालिटी को लेकर मौके पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। अब लैब रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि जब्त किए गए घी में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता से जुड़ी गड़बड़ी है या नहीं।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रही डेयरी सील
दरअसल खाद्य सुरक्षा टीम ने मुख्तारनगर में भी डेयरी कारोबार की जांच की। निरीक्षण के दौरान दुआ डेयरी बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन के संचालित मिली। इसके बाद अधिकारियों ने डेयरी को सील कर दिया। टीम ने यहां से दूध और मिक्स मिल्क के सैंपल भी लिए हैं। इन सैंपलों को भी जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण लैब भेजा गया है।
वहीं श्यामपुर स्थित जफरुद्दीन डेयरी से भी दूध का नमूना लिया गया। इस तरह एक ही अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों से दूध और दुग्ध उत्पादों के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच शुरू की गई है। विभाग का फोकस यह पता लगाने पर है कि बाजार में बिक रहे दूध, घी और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट तय खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक हैं या नहीं।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जब्त किए गए घी और लिए गए सभी सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे का फैसला किया जाएगा। अगर किसी सैंपल में मिलावट, खराब गुणवत्ता या तय मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई रखने, खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और जरूरी रजिस्ट्रेशन के साथ कारोबार करने के निर्देश भी दिए हैं।
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