सीजफायर को लेकर पाकिस्तान के बीच में पड़ने से क्या इजरायल है नाराज? गाजा में ट्रंप की सिफारिश का पहले भी कर चुका है खारिज
पाकिस्तान में ईरान और यूएस की जल्द पीस टॉक होने वाली है. इसे लेकर तेजी से तैयारियां चल रही हैं. वहीं दूसरी ओर इजरायल लेबनान पर बड़े हमले कर रहा है. उसका कहना है कि दो सप्ताह के सीजफायर में लेबनान पर हमले का जिक्र नहीं किया गया था. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह लगातार सक्रिय है और वह देश के लिए खतरा बना हुआ है.
इजरायल ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया
हिज्बुल्लाह को ईरान सपोर्ट करता है. ऐसे में वह अपनी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. नेतन्याहू का कहना है कि वह इस मामले में किसी तरह के प्रतिबंधों को नहीं मानता है. दूसरी तरफ पीस टॉक से पहले इजरायल के इस कदम से ईरान भड़का हुआ है. उसका आरोप है कि इजरायल ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया है. ऐसे में शांति समझौते का मतलब क्या? इजरायल कभी भी दोबारा हमला कर सकता है.
BREAKING
— Mr. Hass ???? (@Lassegaf_1) April 8, 2026
???????? Israel is not part of the ceasefire
???????? Instead, Iran launched a massive airstrike on Israel less than two hours after the ceasefire agreement. Iran, the US and the Gulf countries. pic.twitter.com/pr5H1eBG0e
पीस टॉक से खुश नहीं इजरायल
सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही है कि इजरायल इस पीस टॉक से खुश नहीं है. इसकी बड़ी वजह है पाकिस्तान. इजरायल शुरू से ही पाकिस्तान को आतंकी देश मानता आया है. कई आतंकी हमलों में उसने भारत के पक्ष में बयान दिया है. भारतीय रक्षा विशेषज्ञ और पत्रकार आदित्य राज कॉल का कहना है कि इजरायल शुरू से पाकिस्तान की खिलाफत करता आया है.
पीस आर्मी का गठन से पाक को दूर रखा
कॉल का कहना है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के कई ऐसे सबूत हैं जो पाकिस्तान की कलई खोलते हैं. कॉल ने बताया कि हाल ही में ट्रंप ने गाजा को दोबारा बसाने के लिए पीस आर्मी का गठन करने की बात कही थी. इसमें कई देशों की आर्मी को शामिल किया था. जिसमें पाकिस्तान का नाम शामिल था. मगर ऐन मौके पर पाकिस्तान का नाम हटा दिया क्योंकि इजरायल ने इससे साफ इनकार कर दिया था.
इंटरव्यू को बीच में छोड़ दिया
कॉल ने बताया, ट्रंप को मजबूरन पाकिस्तान को पीस आर्मी से बाहर रखना पड़ा. कॉल ने बताया कि दस साल पहले उन्होंने एक इजरायल दूत से बात करते वक्त पाकिस्तान का नाम ले लिया था. उस समय इजरायली एंबेसडर काफी खफा हो गए थे. उन्होंने इंटरव्यू को बीच में छोड़ दिया था. उन्होंने कहा था कि आपने पाकिस्तान का नाम क्यों लिया. कॉल का कहना है कि पाकिस्तान में हो रही इस मध्यस्था को लेकर इजरायल ज्यादा उम्मीद नहीं लगाए बैठा है. वह यह मानकर चल रहा है कि आगे भी वह देश की सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाते रहेगा.
दरअसल, पाकिस्तान को इजरायल दुश्मन देशों की श्रेणी में रखता है. इजरायल ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भी भारत का साथ दिया था. उसका स्टैंड हमेशा से पाकिस्तान के खिलाफ रहा है. ऐसे में अब मध्यस्था को लेकर पाकिस्तान का सामने आना उसे बर्दाश्त नहीं है. इजरायल की जनता का भी कहना है कि इस मध्यस्था में पाकिस्तान की बजाय भारत को आगे आना चाहिए था.
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Sugar Free Chocolate Ice Cream: गर्मियों में घर पर आसानी से बनाएं बिना चीनी के शुगर फ्री चॉकलेट आइसक्रीम, जानिए विधि
Sugar Free Chocolate Ice Cream: गर्मी का मौसम आते ही ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाने का मन करता है. लेकिन ज्यादा चीनी सेहत के लिए ठीक नहीं होती. खासकर डायबिटीज या फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोग मीठा खाने से बचते हैं. ऐसे में शुगर फ्री चॉकलेट आइसक्रीम एक अच्छा विकल्प है. अच्छी बात यह है कि आप इसे घर पर बहुत आसानी से बना सकते हैं. इसमें न ज्यादा मेहनत लगती है और न ही महंगे सामान की जरूरत होती है.
शुगर फ्री चॉकलेट आइसक्रीम की सामग्री
¼ कप मखाना
2 बड़े चम्मच ओट्स
मुट्ठी भर मिक्स मेवे
4-5 बिना बीज वाला खजूर
1 गिलास गुनगुना दूध (भिगोने के लिए)
1 बड़ा चम्मच कोको पाउडर
½ छोटा चम्मच कॉफी पाउडर (वैकल्पिक)
बनाने की आसान विधि (Sugar Free Chocolate Ice Cream Recipe In Hindi)
इसे बनाने के लिए सबसे पहले मखाना, ओट्स, मेवे और खजूर को गुनगुने दूध में 10 से 15 मिनट के लिए भिगो दें. फिर इन्हें मिक्सर जार में डालें, कोको पाउडर और कॉफी पाउडर मिलाएं. फिर मलाईदार और क्रीमी होने तक ब्लेंड करें. ब्लेंड करने के बाद एक कंटेनर में निकालें, ऊपर से चॉकलेट चिप्स छिड़कें. फिर इसे ऊपर से क्लिंग फिल्म से ढक दें. रात भर या 10-12 घंटे के लिए फ्रीजर में रखें. जम जानें के बाद आइसक्रीम निकालें और अपनी बेफिक्र चॉकलेट आइसक्रीम का आनंद लें. घर पर बनी आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि इसमें मिलावट का भी डर नहीं रहता. आप अपनी पसंद के अनुसार इसमें बदलाव भी कर सकते हैं. इस गर्मी में बाहर की आइसक्रीम छोड़कर घर पर हेल्दी और टेस्टी शुगर फ्री चॉकलेट आइसक्रीम जरूर ट्राई करें.
शुगर फ्री चॉकलेट आइसक्रीम खाने के फायदे (Sugar Free Chocolate Ice Cream Benefits)
डायबीटीज करें कंट्रोल
अध्ययनों के अनुसार, यह डायबीटीज रोगियों के लिए एक बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें मौजूद स्वीटनर (जैसे ज़ाइलिटोल, एरिथ्रिटोल) रक्त शर्करा को अचानक नहीं बढ़ाते हैं, जिससे ग्लूकोज स्तर नियंत्रित रहता है.
वजन घटाने में करें मदद
सामान्य आइसक्रीम के मुकाबले इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है, जो वजन कम करने या उसे नियंत्रित रखने में मदद करती है.
कम कार्बोहाइड्रेट
शुगर-फ्री विकल्पों में कार्ब्स की मात्रा बहुत कम होती है, जो लो-कार्ब या केटो डाइट का पालन करने वालों के लिए एक उत्कृष्ट डेज़र्ट विकल्प है.
कैल्शियम का अच्छा स्रोत
शुगर-फ्री चॉकलेट आइसक्रीम कैल्शियम से भरपूर हो सकती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक है, हालांकि इसमें फैट के स्तर की जांच करना आवश्यक है.
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