मध्य पूर्व संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट
मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। पिछले दिन की जबरदस्त तेजी के बाद कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार को कमोडिटी बाजार में दबाव देखने को मिला और इस बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने में 1,100 रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी में करीब 4,700 रुपए की गिरावट आई।
एमसीएक्स पर 5 जून की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र के 1,51,776 रुपए के बंद भाव से 1,129 रुपए की गिरावट के साथ 1,50,647 रुपए पर खुला। वहीं खबर लिखे जाने तक (सुबह 11.13 बजे के करीब) यह 416 रुपए यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,51,360 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया।
वहीं, 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र के 2,39,918 रुपए के बंद भाव से 4,068 रुपए गिरकर 2,35,850 रुपए पर खुली। खबर लिखे जाने तक यह 2,968 रुपए यानी 1.24 प्रतिशत गिरकर 2,36,950 रुपए पर कारोबार करती नजर आई।
इस बीच, ब्रेंट क्रूड वायदा में सुबह के समय 3.31 प्रतिशत की तेजी आई और यह 97.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक यह 2.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 96.74 डॉलर प्रति बैरल पर था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड पिछले बंद भाव से 3 प्रतिशत बढ़कर 97.4 डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
कमोडिटी बाजार में यह गिरावट ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के बाद आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आने से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का वायदा भाव (5 जून) 3,688 रुपए यानी 2.7 प्रतिशत उछलकर 1,54,934 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव (5 मई) 6 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2,46,376 रुपए प्रति किलो के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड ने हल्के गैप-डाउन के साथ शुरुआत की और फिलहाल 1,50,500–1,51,500 रुपए के दायरे में ट्रेड कर रहा है। निचले स्तरों पर खरीदारी में सुधार दिख रहा है, हालांकि तेजी की गति अभी धीमी है और इसकी पुष्टि जरूरी है। अगर कीमत 1,52,000 के ऊपर टिकती है, तो तेजी दोबारा मजबूत हो सकती है और भाव 1,53,000–1,55,000 रुपए तक जा सकते हैं। वहीं, अगर 1,50,000 रुपए के नीचे मजबूत ब्रेक आता है, तो गिरावट बढ़कर 1,48,000–1,47,000 रुपए तक जा सकती है। फिलहाल रुख हल्का सकारात्मक है, लेकिन ट्रेंड मजबूत बने रहने के लिए अहम रेजिस्टेंस के ऊपर ब्रेकआउट जरूरी है।
वहीं, एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एमसीएक्स सिल्वर ने भी हल्के गैप-डाउन के साथ शुरुआत की, लेकिन सेफ-हेवन डिमांड और इंडस्ट्रियल मेटल्स की मजबूती से इसे सपोर्ट मिला। फिलहाल कीमतें 2,36,000 रुपए के आसपास बनी हुई हैं, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा है और रुख सतर्क बना हुआ है। चांदी में रेजिस्टेंस 2,40,000–2,43,000 रुपए के बीच है। अगर यहां से ब्रेकआउट मिलता है, तो कीमत 2,45,000–2,47,000 रुपए तक जा सकती है।
वहीं, 2,36,000 रुपए के नीचे मजबूत गिरावट आने पर बिकवाली बढ़ सकती है और कीमत 2,33,000–2,30,000 रुपए तक जा सकती है। कुल मिलाकर ट्रेंड हल्का सकारात्मक है, लेकिन मजबूती के लिए कन्फर्मेशन जरूरी है।
--आईएएनएस
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Bihar Politics: हो गया फाइनल! इस दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार
Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद छोड़ने की तारीख फाइनल हो गई है. राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेने नीतीश कुमार गुुरुवार को दिल्ली आएंगे. शुक्रवार को वे राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे और उसके बाद पटना जाते ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद प्रदेश में नया इतिहास रचा जाएगा क्योंकि पहली बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा. उम्मीद है कि सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं.
करीब 20 साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद नीतीश कुमार अब दिल्ली आ रहे हैं. वे अब दिल्ली की सियासत में अपना हाथ आजमाएंगे. दिल्ली की सियासत में कदम रखने के लिए वे गुरुवार को दिल्ली आ रहे हैं और 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे.
कहा जा रहा है कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. क्योंकि 14 अप्रैल को ही पटना में एनडीए के विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. उम्मीद है कि इसी बैठक में नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
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बिहार में लिखी गई सत्ता परिवर्तन की पठकथा
नीतीश कुमार साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. दो दशकों से अधिक वक्त से बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश ने अब सीएम पद से रिजाइन देने का मूड बना लिया है. नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की ओर से पहली बार साफ-साफ कहा है कि बिहार में अब भाजपा ही सत्ता लीड करेगी.
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बता दें, 10 अप्रैल को एक ओर जहां नीतीश सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. वहीं दूसरी ओर दिल्ली में बिहार भाजपा के नेताओं की अहम बैठक होगी. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह बैठक में शामिल हो सकते हैं. बैठक में सरकार के गठन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हो सकती है.
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पीएम मोदी शपथ ग्रहण में होंगे शामिल
दिल्ली में 10 अप्रैल को होने वाली बैठक में बिहार ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हो सकती है. नए चेहरे के नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा. बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, बिहार प्रदेशाध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बिहार में नई सरकार का गठन 14 अप्रैल की शाम या फिर 15 अप्रैल को हो सकता है. उम्मीद है कि बिहार में नई सरकार के गठन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के विभिन्न वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं.
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