Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में DSP की बेटी को मर्डर-रेप की धमकी, जानें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां डीएसपी की बेटी को किडनैपिंग, रेप और मर्डर की धमकी मिली है. पीड़िता पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर भी हैं. हालांकि, धमकियां उसे डायरेक्ट नहीं मिली है बल्कि एक सोशल मीडिया ग्रुप पर ये धमकी डाली गई है, जिसे पीड़िता को किसी अन्य व्यक्ति ने बताई है.
खास बात है कि अगर डीएसपी की बेटी को गैंगरेप की धमकियां मिल रही हैं तो आम आदमी का क्या हाल होगा. किसने पीड़िता को धमकी दी. मामले में क्या कार्रवाई हुई. सब कुछ विस्तार से जानने के लिए देखें न्यूज स्टेट एमपी-छत्तीसगढ़ की खास रिपोर्ट…
एलपीजी की सप्लाई सुचारू रूप से जारी, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है: आईओसीएल
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने बुधवार को कहा कि पूरे देश में एलपीजी की सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही, घरों के लिए सिलेंडरों की बिना किसी रुकावट के उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे प्रयास किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आईओसीएल ने ग्राहकों से शांत रहने और बेवजह बुकिंग से बचने की अपील की। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि पर्याप्त सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हैं और वितरण व्यवस्था भी ठीक से काम कर रही है।
आईओसीएल ने कहा कि एलपीजी की सप्लाई सुचारू है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इंडियन ऑयल हर घर तक सिलेंडर आसानी से पहुंचाने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। कृपया शांत रहें और बेवजह बुकिंग से बचें।
यह भरोसा ऐसे समय में दिया गया है जब सरकार घरेलू और औद्योगिक, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए एलपीजी की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
इससे पहले दिन में, केंद्र सरकार ने घोषणा की कि कमर्शियल एलपीजी की सीमा को बढ़ाकर मार्च 2026 से पहले के थोक खपत स्तर का 70 प्रतिशत कर दिया गया है। अब इस बढ़ी हुई सीमा का फायदा कई औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा, जिनमें फार्मा, खाद्य, पॉलीमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, स्टील और कांच उद्योग शामिल हैं।
हालांकि, एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बढ़ी हुई हिस्सेदारी कुल मिलाकर 0.2 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षेत्रीय सीमा के अधीन होगी। इस हिस्सेदारी के तहत थोक एलपीजी चाहने वाले उद्योगों को तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पंजीकरण कराने और सिटी गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं से पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन के लिए आवेदन करने से जुड़ी शर्तों का भी पालन करना होगा।
हालांकि, उन इकाइयों को छूट दी गई है जहां एलपीजी विनिर्माण प्रक्रिया में एक जरूरी कच्चा माल है, या जहां इसका इस्तेमाल किसी ऐसे विशेष काम के लिए होता है जिसकी जगह प्राकृतिक गैस नहीं ले सकती। इस बीच, कमजोर तबकों के लिए भी सप्लाई में बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की औसत दैनिक सप्लाई को दोगुना कर दिया है; इन सिलेंडरों का इस्तेमाल आम तौर पर प्रवासी मजदूर करते हैं।
फरवरी में जहां औसतन 77,000 सिलेंडर बिकते थे, वहीं अब रोजाना 1.1 लाख से ज्यादा ऐसे सिलेंडर बिक रहे हैं। 23 मार्च से अब तक, पूरे देश में लगभग 8.9 लाख 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर बिक चुके हैं।
इसके अलावा, कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता भी मजबूत बनी हुई है। 14 मार्च से अब तक लगभग 93,085 मीट्रिक टन एलपीजी बेची जा चुकी है।
--आईएएनएस
एसडी/एमएस
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