2 दिनों का इंतजार! 9,000mAh बैटरी वाले OnePlus Nord 6 की होगी धमाकेदार एंट्री, देखिए क्या मिलेगा खास
OnePlus अपना अगला धांसू स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 को लॉन्च करने की पूरी तरह तैयार है। यह भारत का 2026 के मोस्ट अवेटेड हैंडसेट में से एक माना जा रहा है। यह मिड रेंज डिवाइस बस 2 दिनों बाद यानी 7 अप्रैल को एंट्री मारेगा, जिसकी सेल 9 अप्रैल से शुरू होगी।
OnePlus Nord 6 में शक्तिशाली 9,000mAh की बड़ी बैटरी, Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट और 165Hz डिस्प्ले जैसी खासियतें मिलेंगी। जानिए इसकी संभावित कीमत, फीचर्स औऱ स्पेसिफिकेशन से जुड़ी सभी डिटेल्स।
भारत में इस दिन लॉन्च होगा शक्तिशाली स्मार्टफोन
OnePlus Nord 6 भारत में 7 अप्रैल को लॉन्च होगा और इसकी सेल भारत में 9 अप्रैल, दोपहर 12 बजे IST से शुरू होगी। फोन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और Amazon India पर उपलब्ध होगा। हाल ही में OnePlus ने घोषणा की है कि यह अब ऑनलाइन-ओनली मॉडल पर जाएगा, यानी धीरे-धीरे ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स में फोन बेचना बंद कर देगा।
फिर भी, Nord 6 OnePlus Experience स्टोर्स और चुनिंदा ऑफलाइन स्टोर्स में भी उपलब्ध होगा। कंपनी ने हाल ही में अपने सर्विस नेटवर्क का विस्तार करते हुए भारत में 600 से अधिक सेंटर खोलने की घोषणा की है, जिसमें OPPO के मौजूदा नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।
अनुमानित कीमत
OnePlus के आधिकारिक टीज़र के अनुसार, Nord 6 की कीमत ₹35,000 से ₹40,000 के बीच हो सकती है। सही कीमत लॉन्च इवेंट में 7 अप्रैल को शाम 7 बजे घोषित की जाएगी। अगर यह सही है, तो Nord 6 पिछले साल लॉन्च हुए Nord 5 (₹31,999 से शुरू) की तुलना में थोड़ा महंगा होगा। यह ग्लोबल मेमोरी चिप की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण सामान्य बदलाव माना जा सकता है।
OnePlus Nord 6 के स्पेसिफिकेशन
OnePlus Nord 6 अपने पिछले मॉडल Nord 5 की तुलना में कई मायनों में अपग्रेडेड है। इसमें 9,000mAh की बैटरी दी गई है, जो एक चार्ज में 2.5+ दिन तक की बैटरी लाइफ प्रदान करती है, जबकि Nord 5 में केवल 6,800mAh की बैटरी थी। परफॉर्मेंस के लिए फोन में Qualcomm Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट है, जो CPU और GPU दोनों पर Nord 5 से बेहतर प्रदर्शन देता है।
डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 165Hz रिफ्रेश रेट है, जो गेमिंग और मल्टीमीडिया के अनुभव को और भी स्मूद बनाता है। डिजाइन के मामले में Nord 6 में स्क्वायर-शेप्ड रियर कैमरा सेटअप है, जो अपने फ्लैगशिप भाई OnePlus 15 से प्रेरित है। ड्यूरेबिलिटी भी काफी बढ़ाई गई है, और यह फोन IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग्स के साथ पानी और धूल से सुरक्षित है, जबकि Nord 5 में केवल IP65 रेटिंग थी।
कैमरा सेटअप में भी सुधार किया गया है। फोन में 50MP Sony Lytia प्राइमरी सेंसर, 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस और 32MP फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो तस्वीरों और वीडियो कॉलिंग दोनों के लिए शानदार क्वालिटी सुनिश्चित करता है।
'हमें पैसा नहीं, सच चाहिए': अहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ितों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र; ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग
Ahmedabad Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे के करीब 10 महीने बाद पीड़ितों के परिवारों का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा है। हादसे में जान गंवाने वाले 260 लोगों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विमान के 'ब्लैक बॉक्स' (सीवीआर और एफडीआर) के डेटा को सार्वजनिक करने की अपील की है। परिवारों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन आसमान में क्या हुआ था।
260 लोगों ने गंवाई थी जान
यह दर्दनाक हादसा 12 जून 2025 को हुआ था। एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 (बोइंग 787-8) ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया था।
पीएम मोदी और सीएम को लिखा पत्र
शनिवार को गुजरात के अलग-अलग हिस्सों से करीब 30 प्रभावित परिवार अहमदाबाद में इकट्ठा हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी पत्र की कॉपियां भेजी हैं। परिवारों की मांग है कि हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए ब्लैक बॉक्स की जानकारी उनके साथ साझा की जाए।
'मुआवजा नहीं, सच्चाई चाहिए'
हादसे में अपने 24 साल के बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित ने भावुक होते हुए कहा, "मेरा घर अब खाली हो गया है। कोई भी मुआवजा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता। हमें पैसा नहीं चाहिए, हम बस यह जानना चाहते हैं कि उस दिन क्या तकनीकी खराबी हुई थी।" परिवारों का आरोप है कि जांच की प्रक्रिया काफी धीमी है और उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है।
एयरलाइन की वेबसाइट पर उठाए सवाल
पीड़ित परिवारों ने एयर इंडिया द्वारा शुरू की गई उस वेबसाइट की भी आलोचना की है, जिसे पीड़ितों के सामान की पहचान के लिए बनाया गया है। परिजनों का कहना है कि पोर्टल पर 25,000 से अधिक वस्तुएं लिस्टेड हैं, लेकिन उनकी तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि पहचान करना नामुमकिन है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए केवल ईमेल के जरिए संवाद करना बेहद कठिन साबित हो रहा है।
जून में आ सकती है फाइनल रिपोर्ट
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि हादसे की पहली बरसी यानी जून 2026 के आसपास फाइनल रिपोर्ट जारी की जा सकती है। फिलहाल, परिवारों ने सरकार से मांग की है कि जांच पारदर्शी होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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