'ईरान की किस्मत अब हमारे हाथ में': सीजफायर के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव का बड़ा बयान, बोले- ट्रंप ने रचा इतिहास
Pete Hegseth on US Iran ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के ऐलान के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बेहद आक्रामक बयान दिए हैं। पेंटागन में एक ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी नेतृत्व ने पूरी तरह से बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संकट के समय में 'इतिहास रच दिया' है।
'ईरान का भाग्य अब हमारे वश में'
हेगसेथ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि ईरान की नियति अब हमारे हाथों में है।" उन्होंने संकेत दिया कि भले ही सैन्य अभियानों को अभी रोक दिया गया है, लेकिन रणनीतिक और सैन्य मोर्चे पर वाशिंगटन का पलड़ा भारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम से पहले ही युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे उन्हें मजबूती के साथ बातचीत करने का मौका मिला।
BREAKING: "Iran begged for this ceasefire, and we all know it."
— Fox News (@FoxNews) April 8, 2026
"The world's leading state sponsor of terrorism proved utterly incapable of defending itself, its people, or its territory." - Secretary of War Pete Hegseth pic.twitter.com/YwtNnkIlv2
परमाणु हथियारों पर सख्त चेतावनी
वाशिंगटन के रुख को दोहराते हुए हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सीजफायर की शर्तें अमेरिका के सुरक्षा उद्देश्यों के पूरी तरह अनुरूप हैं। हेगसेथ ने यह भी कहा कि अगर कूटनीति विफल होती है, तो अमेरिका के पास ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति को पूरी तरह ध्वस्त करने के विकल्प हमेशा खुले हैं।
'ट्रंप ने दिखाया दया का भाव'
अमेरिकी रक्षा सचिव ने राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास ईरान की अर्थव्यवस्था को कुचलने की पूरी शक्ति थी, लेकिन उन्होंने संयम का परिचय दिया। हेगसेथ के अनुसार, "राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर के जरिए कूटनीति को चुनकर दया दिखाई है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरी घंटों में लिए गए ट्रंप के फैसलों ने ही युद्ध की दिशा को बदला है।
BREAKING: "We have a chance at real peace and a real deal. The War Department, for now, for now, has done its part. We stand ready in the background to ensure Iran upholds every reasonable term." - Secretary of War Pete Hegseth pic.twitter.com/5hNApoyCnd
— Fox News (@FoxNews) April 8, 2026
पेंटागन ने इस सीजफायर को अमेरिका की एक 'निर्णायक सैन्य जीत' के रूप में पेश किया है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने लक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं और अब गेंद ईरान के पाले में है। हालांकि, दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि दो हफ्ते का यह विराम स्थायी शांति में बदलता है या फिर तनाव दोबारा चरम पर पहुंचेगा।
Video: लहसुन या अजूबा? शंख जैसा आकार और 1 कट्ठा में 2 क्विंटल से ज्यादा पैदावार, छीलने का झंझट नहीं
Shankhwa Garlic Farming Tips: पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि प्रखंड में शंखवा लहसुन किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहा है. गोविंदापुर के वरिष्ठ किसान रामअयोध्या सिंह बताते हैं कि यह देसी किस्म का लहसुन सामान्य लहसुन से आकार में बड़ा होता है और इसकी कलियां भी मोटी रहती हैं. जिस वजह से गृहिणियों के बीच इसकी खास मांग है. शंख जैसे आकार के कारण इसका नाम शंखवा लहसुन पड़ गया है. रामअयोध्या सिंह इसे मिर्च की फसल के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में उगाते हैं. वे बताते हैं कि इस लहसुन की खेती में रासायनिक खाद की बजाय मवेशियों से मिलने वाली जैविक खाद का अधिक इस्तेमाल किया जाता है. जिससे गांठें और ज्यादा बड़ी बनती हैं. दोमट मिट्टी को वे इसकी खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं. 4 से 5 महीने में तैयार होने वाली इस फसल को बीच में केवल 2 बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है. एक कट्ठा में 2 से 2.5 क्विंटल तक उत्पादन मिलने और बाजार भाव अचानक बढ़ जाने से यह फसल किसानों को अच्छा मुनाफा दिला रही है.
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