Rajasthan Development News: राम जल सेतु लिंक परियोजना का CM भजनलाल ने किया अवलोकन
Rajasthan Development News: आज राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चंबल नदी पर निर्माणाधीन एक्वाडक्ट का निरीक्षण किया. दोपहर 12 बजे करीब वे हेलीपेड पर उतरे. इसके लिए वहां एक अस्थायी हेलीपेड का निर्माण किया गया था.
अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
आज मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर दिनभर से ही जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गई थी. कार्यवाहक जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा, नायब तहसीलदार रामभरोस मीणा, नायब तहसीलदार लाखेरी जगदीश शर्मा, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पी.आर. मीणा और योजना के सहायक अभियंता निरंजन देईखेड़ा सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद हुए. सभी ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया.
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11 अप्रैल को प्रस्तावित सभा की तैयारी
सीएम भजनलाल शर्मा के 11 अप्रैल को प्रस्तावित दौरे को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं. पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने रामसागर झील और प्रस्तावित सभास्थल का दौरा किया और व्यवस्थाओं की जांच की. उन्होंने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के अवसर पर अमरत्या में आयोजित कार्यक्रम में रामसागर झील के सौंदर्यकरण सहित करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण होने वाला है.
रामसागर झील के विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई
निरीक्षण के दौरान रामसागर झील के आसपास चल रहे विकास कार्यों, साफ-सफाई, पाथवे के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और हरित इलाकों के विस्तार की प्रगति की समीक्षा हुई. इस दौरान उपखंड अधिकारी शिवराज मीणा, तहसीलदार रतनलाल मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरिराम मीणा और सहायक अभियंता लोकेश नागर के साथ अन्य अधिकारियों के कामों की समीक्षा की गई और गुणवत्ता बनाए रखने के पूर्ण निर्देश दिए गए.
हैदराबाद से मंगवाए गए खास पौधे
रामसागर झील क्षेत्र के सौंदर्यकर्ण के लिए हैदराबाद से अशोक, चंदन, बोटल बाम, सफेद व लाल चंदन और चाइनीज पाम जैसे पौधे मंगवाए गए थे. जखरंडा, अमलतास, मोरपंखी, ब्लैक फाइकस और हारसिंगार समेत कई किस्मों के पौधे मंगवाए गए. इसके अलावा, सभी स्थल पर बनाए जा रहे डोम निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया है.
इस समय बीजेपी के परमेंद्र सिंह सोलंकी, नितेश खटोड़, सीपी गुंजल, नारायण माहेश्वरी, ईश्वर सैनी, राम-लक्ष्मण, केशव सैनी, लोकेश सैनी, फूलचंद सैनी और रतन सहित कई कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही.
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केन्या में भारतीय युद्धपोत ‘त्रिकंड’, सौंपी 100 राइफल व 50 हजार गोलियां
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का फ्रंटलाइन गाइडेड प्रक्षेपास्त्र युद्धपोत ‘त्रिकंद’ केन्या में प्रवेश कर चुका है। यह भारतीय युद्धपोत केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर पहुंचा है। यहां भारत ने 100 राइफल और करीब 50 हजार गोलियां केन्या को दी हैं। भारत केन्याई रक्षा बलों को एमआरआई मशीन भी मुहैया कराएगा।
दरअसल इस अत्याधुनिक युद्धपोत के केन्या आगमन का उद्देश्य भारत और केन्या के बीच समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करना व दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करना है। बुधवार को इस विषय में जानकारी देते हुए नौसेना ने बताया कि युद्धपोत ‘त्रिकंद’ दक्षिण-पश्चिम हिन्द महासागर क्षेत्र में अपनी ऑपरेशनल तैनाती के तहत यहां आया है। यह दौरा पश्चिमी नौसैनिक कमान के कमांडर-इन-चीफ उप-नौसेनाध्यक्ष कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा के साथ हो रहा है।
यही कारण है कि इस यात्रा का सामरिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। भारतीय पोत के मोम्बासा प्रवास के दौरान यहां कई पेशेवर, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही भारतीय दल केन्या रक्षा बलों को महत्वपूर्ण आवश्यक सामग्री भी सौंप रहा है। भारतीय युद्धपोत के कमांडिंग अधिकारी अगले कुछ दिनों में यहां केन्या की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ और सहयोग को और बढ़ावा देना है।
गौरतलब है कि इस यात्रा के दौरान भारत और केन्या के बीच उच्चस्तरीय रक्षा संवाद भी हुआ। भारत के उच्चायुक्त डॉ आदर्श स्वाइका और उप-नौसेनाध्यक्ष कृष्णा स्वामीनाथन ने केन्या के रक्षा सचिव डॉ पैट्रिक मरिरु से भेंट की। इस उच्चस्तरीय चर्चा में दोनों पक्षों ने सैन्य नेतृत्व के नियमित उच्चस्तरीय दौरों, संस्थागत बैठकों तथा बढ़ते रक्षा सहयोग की सराहना की। इसी क्रम में, एक त्वरित प्रभाव परियोजना के अंतर्गत केन्या रक्षा बलों को 1.5 टेस्ला क्षमता की एमआरआई मशीन प्रदान करने हेतु एक कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
यह पहल भारत की साझेदार देशों की क्षमता निर्माण और मानवीय सुरक्षा में सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मोम्बासा में ‘त्रिकंद’ पर आयोजित कार्यक्रम में उप-नौसेनाध्यक्ष कृष्णा स्वामीनाथन ने केन्या नौसेना के कमांडर मेजर जनरल पॉल ओटिएनो को 100 इंसास राइफल और 50,000 गोलियां सौंपीं। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और विश्वास को और मजबूत करता है। मोम्बासा से प्रस्थान के साथ ही युद्धपोत ‘त्रिकंद’ केन्या नौसेना के जहाजों के साथ समुद्री में महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास करेगा।
इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाएं आपसी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करेंगी और संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूती प्रदान की जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरा दौरा भारत के ‘महासागर’ विजन के अनुरूप क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति का प्रयास है। इसके साथ ही, यह हिन्द महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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