ईरान की इन 10 शर्तों पर सीजफायर करने के लिए तैयार हुआ अमेरिका, इन मांगों पर बातचीत के लिए तैयार ट्रंप
US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार युद्धविराम हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार यानी 7 अप्रैल (स्थानीय समयानुसार) ईरान पर हमले ना करने का एलान किया. हालांकि ये सीजफायर दो हफ्तों के लिए किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अगरे दो सप्ताह तक ईरान पर हमले नहीं करेगा. इजरायल ने भी इस युद्धविराम को लेकर अपनी सहमति जताई है.
वहीं ईरान ने भी सीजफायर पर मुहर लगा दी है. सीजफायर के एलान से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अमेरिका एक सभ्यता को पूरी तरह से समाप्त कर देगा. लेकिन डेडलाइन पूरी होने से पहले ही ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा कर दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की ओर से दिया गया प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. इस प्रस्ताव में दो हफ्ते तक जंग रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल दिए जाने का जिक्र है. ईरान की ओर से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सीजफायर पर सहमति दी है.
ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 10 शर्तें
बता दें कि अमेरिका ईरान की 10 शर्तों पर बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. इसी शर्तों के चलते उसने ईरान पर हमले ना करने का फैसला लिया है. फिलहार दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है. अब इन्ही 10 मांगों के लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी. उसी के आधार पर इस जंग की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी. ईरान के मुताबिक सशर्त युद्धविराम के लिए उसकी 10 सूत्रीय योजना को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है और इसी लिए जंग को 2 हफ्तों के लिए रोकने पर सहमति जताई है.
ईरान की इन 10 मांगों पर बातचीत के लिए तैयार हुए ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के लिए ईरान की जिन 10 शर्तों पर बातचीत करने की सहमति जताई है. इन शर्तों में पहली शर्त इराक, लेबनान और यमन के खिलाफ जंग पूरी तरह से खत्म करना शामिल है. जबकि दूसरी शर्त के मुताबिक, अमेरिका बिना किसी समय सीमा के ईरान पर युद्ध की पूर्ण और स्थायी समाप्ति करेगा. क्षेत्र में सभी संघर्षों को पूरी तरह समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी इन शर्तों में शामिल है.
इनके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल और शर्तों को स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा ईरान ने अमेरिका के सामने शर्त रखी है कि युद्ध में ईरान को हुए नुकसान और उसे फिर से खड़ा करने की लागत के मुआवजे का पूरा भुगतान करना होगा. इसके अलावा ईरान से प्रतिबंध हटाने की पूरी प्रतिबद्धता भी जताई गई है. जबकि अमेरिका द्वारा रखे गए ईरानी धन और फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना होगा. ईरान किसी भी परमाणु हथियार को नहीं बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. ईरान ने कहा है कि इन सभी शर्तों को स्वीकार करते ही तत्काल युद्धविराम सभी मोर्चों पर प्रभावी हो जाएगा.
ट्रंप के कड़े रुख में नरमी: 14 दिनों तक ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकी, बताया द्विपक्षीय युद्धविराम का हिस्सा
वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले को इस शर्त से जोड़ा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले और व्यापक शांति समझौते के लिए बातचीत जारी रखे।
एक बयान में, ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के आधार पर लिया गया है, जिन्होंने तनाव बढ़ने पर संयम बरतने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो हफ़्ते की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने पर सहमत हूं। उन्होंने इस कदम को दो-तरफा संघर्ष-विराम का हिस्सा बताया।
यह घोषणा खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम विराम का संकेत है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा, “हम अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पूरा कर चुके हैं और ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं। इससे मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।”
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका को ईरान की ओर से 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव मिला है, जिसे उन्होंने बातचीत के लिए उपयोगी आधार बताया।
उन्होंने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच पुराने ज्यादातर विवादों पर सहमति बन चुकी है।” उनका मानना है कि यह दो हफ्तों का समय समझौते को अंतिम रूप देने में मदद करेगा। ट्रंप ने कहा, “इन दो हफ्तों में समझौते को पूरी तरह तय किया जा सकेगा।”
उन्होंने इस घटनाक्रम को क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों में एक बड़ी सफलता के रूप में पेश किया और कहा कि इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के करीब पहुँचना हमारे लिए गर्व की बात है।
यह बयान ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उस समय पोस्ट किया, जब उन्होंने ईरान को रात 8 बजे (ईएसटी) तक समझौते के लिए राजी होने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान नहीं माना, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
--आईएएनएस
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