ईरान की डेडलाइन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाया जाए, पाकिस्तानी PM शरीफ की ट्रंप से अपील
कोई महिला 3 दिन अछूत कैसे हो सकती है, जस्टिस नागरत्ना ने पूछा, सबरीमाला केस में आर्टिकल-17 पर बहस क्यों?
तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार का रुख एकदम क्लीयर कर दिया है. उन्होंने कहा कि सबरीमाला में रोक का कारण मासिक धर्म बिल्कुल नहीं है. मेहता ने कहा, 'सबरीमाला मंदिर केवल एक विशेष आयु वर्ग के लिए है'. उन्होंने साफ कहा कि इसमें किसी को भी कोई भारी कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए. देश भर में भगवान अय्यप्पा के बाकी मंदिर सभी उम्र की महिलाओं के लिए खुले हैं.
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