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WSJ Report: सऊदी में अमेरिकी दूतावास पर ईरान का काल बनकर टूटा ड्रोन, अमेरिका ने माना- 'सोच से ज्यादा हुआ नुकसान'

Middle East Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब केवल सीमावर्ती इलाकों या समुद्र तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह सीधे कूटनीतिक ठिकानों तक पहुँच गया है। सऊदी अरब, जो इस युद्ध में अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है, वहां की जमीन पर स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर ईरान ने युद्ध के नियमों को पूरी तरह बदल दिया।

यह हमला न केवल ईंट-पत्थर की इमारत पर प्रहार है, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिकी दबदबे और सुरक्षा व्यवस्था को दी गई एक सीधी चुनौती है। इस हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान के ड्रोन अब खाड़ी के किसी भी कोने में 'सटीक प्रहार' करने में सक्षम हैं।

सोच से भी ज्यादा विनाश: दूतावास परिसर में भयंकर तबाही 
अमेरिकी इंटेलिजेंस और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे डराने वाले हैं। शुरुआत में अमेरिका ने इसे एक छोटा हमला बताया था, लेकिन सैटेलाइट फोटो और जमीनी रिपोर्टों से पता चला है कि ईरान के 'सुसाइड ड्रोनों' ने दूतावास के मुख्य प्रशासनिक ब्लॉक और संचार केंद्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने इस हमले में 'शहाद-136' के उन्नत संस्करण का इस्तेमाल किया, जिसने दूतावास के सुरक्षा रडार को चकमा दे दिया। इस डैमेज ने अमेरिका के 'कॉन्फिडेंस' को हिला कर रख दिया है।

​सुरक्षा घेरा फेल: रियाद के 'हाई-सिक्योरिटी जोन' में कैसे घुसे ड्रोन? 
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि रियाद के जिस इलाके में अमेरिकी दूतावास स्थित है, वहां की सुरक्षा अभेद्य मानी जाती थी। पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम और अन्य जैमर्स के बावजूद ईरान के ड्रोन लक्ष्य तक पहुँचने में सफल रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने 'स्वार्म तकनीक' का इस्तेमाल किया होगा, जिससे अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ओवरलोड हो गया।

दूतावास के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों और तकनीकी उपकरणों के नष्ट होने से अमेरिका को अरबों डॉलर का रणनीतिक नुकसान हुआ है।

​ट्रंप की 'प्रतिशोध' की चेतावनी और मिडिल ईस्ट में खौफ 
इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को चेतावनी दी है कि दूतावास पर हमला 'युद्ध की घोषणा' के समान है। व्हाइट हाउस में हुई एक आपातकालीन बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि अमेरिका अब ईरान के भीतर मौजूद उसके कूटनीतिक और सरकारी केंद्रों पर पलटवार कर सकता है।

सऊदी अरब ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की थी और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया था। फिलहाल, रियाद में अमेरिकी एम्बेसी का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है और वहां तैनात कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। दुनिया को डर है कि यह 'दूतावास युद्ध' अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को जन्म दे सकता है।

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Donald Trump Personal Life: करोड़ों की एलिमनी, 3 शादियां और विवाद… ट्रंप की शादीशुदा जिंदगी के अनसुने सच

Trump Personal Life: दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले Donald Trump का व्यक्तित्व जितना उनकी आक्रामक राजनीति के लिए जाना जाता है, उतना ही उनका निजी जीवन भी विवादों और चर्चाओं में रहा है। अरबपति कारोबारी से व्हाइट हाउस तक का सफर तय करने वाले ट्रंप की जिंदगी में प्यार, रिश्ते और टूटन की ऐसी कहानियां हैं, जो अक्सर सुर्खियां बटोरती रहती हैं।

उनके वैवाहिक जीवन की कहानी किसी हॉलीवुड फिल्म के ड्रामे से कम नहीं है, जिसमें करोड़ों के तलाक, गुपचुप अफेयर और सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाली रिश्तों की तल्खी शामिल है। अपनी रंगीन मिजाजी और महिलाओं पर बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर ट्रंप एक बार फिर अपने निजी जीवन को लेकर कटघरे में हैं।

​मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट पर कमेंट: जब ट्रंप ने पार की शालीनता की सीमा 
हाल ही में ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों पर अपमानजनक टिप्पणी कर एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने ब्रिजिट की उम्र और मैक्रों के साथ उनके रिश्तों के अंतर पर तंज कसा। गौरतलब है कि ब्रिजिट मैक्रों अपने पति से 24 साल बड़ी हैं।

ट्रंप की इस टिप्पणी को 'सेक्सिस्ट' और 'भद्दा' करार दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि दूसरों के रिश्तों पर उंगली उठाने वाले ट्रंप को पहले अपना आईना देखना चाहिए, क्योंकि उनका खुद का निजी जीवन तीन शादियों और दो नाकाम रिश्तों के मलबे पर खड़ा है।

​इवाना और मार्ला: दो हाई-प्रोफाइल शादियां और करोड़ों के महंगे तलाक 
डोनाल्ड ट्रंप ने पहली शादी 1977 में चेक मॉडल इवाना से की थी। इवाना उनके बिजनेस की ताकत थीं, लेकिन 1992 में यह रिश्ता एक महंगे तलाक के साथ खत्म हुआ। इवाना को एलिमनी में करोड़ों डॉलर मिले।

डोनाल्ड ट्रंप ने पहली शादी 1977 में चेक मॉडल इवाना से की थी।

इसके तुरंत बाद ट्रंप ने अभिनेत्री मार्ला मेपल्स से 1993 में शादी की, जिनसे उनका अफेयर पहली शादी के दौरान ही चर्चा में था। यह शादी भी महज 6 साल चली और 1999 में दोनों का तलाक हो गया। इन दो नाकाम शादियों ने ट्रंप की छवि एक ऐसे व्यक्ति की बना दी जो रिश्तों को निभाने में कच्चा है, लेकिन सत्ता और सुंदरता का शौकीन है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अभिनेत्री मार्ला मेपल्स से 1993 में दूसरी शादी की थी।

​मेलेनिया ट्रंप: तीसरी पत्नी और व्हाइट हाउस में 'कोल्ड वॉर' की हकीकत 
साल 2005 में ट्रंप ने खुद से 24 साल छोटी स्लोवेनियाई मॉडल मेलेनिया नॉस से तीसरी शादी की। मेलेनिया 'फर्स्ट लेडी' तो बनीं, लेकिन ट्रंप के साथ उनके रिश्तों को अक्सर 'रफ' बताया गया। कई बार कैमरों में कैद हुआ कि मेलेनिया ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप का हाथ झटक दिया या उनसे दूरी बनाए रखी।

2005 में डोनाल्ड ट्रंप ने खुद से 24 साल छोटी स्लोवेनियाई मॉडल मेलेनिया नॉस से तीसरी शादी की।

व्हाइट हाउस के गलियारों में यह चर्चा आम थी कि दोनों अलग-अलग बेडरूम में रहते हैं। मैक्रों की पत्नी पर कमेंट करने वाले ट्रंप की अपनी पत्नी के साथ इस 'कोल्ड वॉर' ने हमेशा यह सवाल खड़ा किया कि क्या ट्रंप का तीसरा वैवाहिक जीवन भी केवल एक दिखावा मात्र है।

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  Sports

IPL में नहीं मिला कोई खरीददार तो PSL में जाकर निकाली भड़ास, इस खिलाड़ी ने आईपीएल को लेकर उगला जहर

आईपीएल और पाकिस्तान सुपर लीग की कोई तुलना हो ही नहीं सकती। लेकिन कुछ लोग जबरदस्ती दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग से पाकिस्तान सुपर लीग की तुलना करते हैं। ताजा मामला एक बार फिर देखने को मिला है जब साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज राइली रुसो ने आईपीएल और पीएसल की तुलना की है। इस बल्लेबाज ने आईपीएल में कोई खरीददार नहीं मिलने पर पीएसएल का रुख किया और 11वें सीजन में क्वेट ग्लैडिएटर्स का हिस्सा बना है। 

वहीं रुसो ने आईपीएल और पाकिस्तान सुपर लीग की तुलना करते हुए कहा कि दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान है। राइली ने बताया कि आईपीएल लंबा होता है। बॉलीवुड के जुडने से मनोरंजन पर ज्यादा फोकस होता है। दूसरी ओर पीएसएल छोटा, अधिक रोमांचक और मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा वाला होता है। 

रुसो यही नहीं रुका उसने आगे कहा कि, दोनों लीग के अपने-अपने फायदे और नुकसान है। आईपीएल एक बहुत लंबा टूर्नामेंट है, जबकि पीएसएल छोटा टूर्नामेंट है जहां मुकाबला कहीं ज्यादा कड़ा होता है। जाहिर है आईपीएल को पूरे बॉलीवुड का सपोर्ट मिलता है। इसलिए ये असल क्रिकेट से कहीं ज्यादा एक फिल्म जैसा लगता है। 

इससे पहले कराची किंग्स के लिए खेल रहे एडम जैम्पा ने भी बताया कि उन्होंने आईपीएल के बजाय पीएसएल को क्यों चुना। जैम्पा ने कहा कि वह आईपीएल में मिलने वाले अपने मेहनताने से संतुष्ट नहीं हैं। स्पेशलिस्ट स्पिनर के रुप में उनकी स्किल और इम्पैक्ट को आईपीएल जैसे दो महीने के टूर्नामेंट में उचित रूप से नहीं दर्शाया जाता है। 

आईपीएल में रुसो का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2014 में उन्होंने आरसीबी की ओर से आईपीएल डेब्यू किया। वह 2023 में दिल्ली कैपिटल्स और 2024 में पंजाब किंग्स का हिस्सा रहे। 22 आईपीएल मैचों में उन्होंने 23.65 के औसत और लगभग 153 के स्ट्राइक रेट से 473 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 82 रन है। 
Sat, 11 Apr 2026 17:06:40 +0530

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