Artemis II: सामने आईं चांद की अनदेखी तस्वीरें, चंद्रमा के पीछे छिपती दिखी धरती; देखें PHOTOS
Artemis II मिशन ने चांद के बेहद करीब पहुंचकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने अंतरिक्ष के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. ये मिशन चांद से 4,067 मील की दूरी तक पहुंचा और इस लेवल पर पहुंचने पर मानवों ने अंतरिक्ष में अब तक की सबसे लंबी दूरी तय कर ली है.
इस मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जिनके नाम हैं- रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन. चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर जाकर Apollo 13 का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
चांद के रहस्यमयी हिस्से की झलक
लगभग सात घंटे तक चले इस फ्लाईबाय ऑपरेशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने जांद के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी भी इंसानी आंखों द्वारा नहीं देखा गया था. सूर्य की रोशनी में चांद के दूर वाले हिस्से का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा चमक रहा था. टीम ने इस दौरान करीब 10 हजार तस्वीरें लीं. ये तस्वीरें वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होंगी. तस्वीरों में चांद की सतह पर बड़े-बड़े गड्डे यानी क्रेटर, प्राचीन लावा प्रवाह और अन्य संरचनाएं साफ-साफ दिखाई दे रही हैं.
Hello, Moon. It’s great to be back.
— NASA (@NASA) April 7, 2026
Here’s a taste of what the Artemis II astronauts photographed during their flight around the Moon. Check out more photos from the mission: https://t.co/rzM1P0QbOl pic.twitter.com/6jWINHkDLh
पृथ्वी को चांद के पीछे छिपता देखना अनोखा पल
इस मिशन का खास पल तब आया, जब अंतरिक्ष यात्रियों ने अर्थसेट देखा. यानी पृथ्वी को चांद के पीछे डूबते हुए. इस दृश्य ने 1968 के अपोलो मिशन की याद दिला दी. इस दौरान, एक क्रेटर का नाम कैरोल रखा गया. इस नाम को मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन की दिवंगत पत्नी की याद में रखा गया था. इस पल ने मिशन में शामिल हर एक अंतरिक्ष यात्री को भावुक बना दिया था. यहां तक की नासा के कंट्रोल रूम में भी इस दौरान, सन्नाटा छा गया था.
अंतरिक्ष में यात्रियों ने अनोखा सूर्य ग्रहण, दूसरे ग्रह भी साफ-साफ दिखे
फ्लाईबाई के दौरान, अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बहुत ही दुर्लभ सूर्य ग्रहण भी देखा. चांद ने इस दौरान, सूर्य को पूर्ण रूप स ढक लिया था. करीब एक घंटे तक टोटैलिटी बनी रही. ये घटना पृथ्वी पर आमतौर पर कुछ ही मिनटों के लिए ही होती है. इस वक्त सूर्य की बाहरी परत, जिसे कोरोना कहा जाता है, मंगल, शुक्र और शनि जैसे ग्रह भी साफ दिखाई दे रहे थे.
Ooh, now you're letting go ????
— NASA (@NASA) April 7, 2026
As our Artemis II astronauts prepare to leave the lunar sphere of influence and return to Earth's gravitational pull, they listened to "Tokyo Drifting," by Denzel Curry and Glass Animals, as their wakeup song. pic.twitter.com/1Xu6LN55nV
चांद की उत्पत्ति और संरचना को समझने में होगी मदद
मिशन के दौरान, खींची गई तस्वीरें और डाटा वैज्ञानिकों को चांद की उत्पत्ति और संरचना को समझने में मदद करेंगी. इसे भविष्य में चांद पर मानव मिशनों की तैयारी के लिए अहम कदम माना जा रहा है. अंत में मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन ने कहा कि ये अनुभव मानव इतिहास के सबसे अद्भुत पलों में से एक है.
जानें आर्टेमिस-2 मिशन के बारे में
नासा का आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया था, जो करीब 50 वर्षों में चंद्रमा के पास जाने वाला पहला मानवयुक्त मिशन है. ये ओरियन चारों अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के चारों ओर घुमाकर सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाएगा, जिसका उद्देश्य भविष्य के मंगल ग्रह अभियानों के लिए तकनीक का परीक्षण करवाना है.
नवंबर चुनावों से पहले ताइवान पर चीन के साइबर और प्रोपेगेंडा हमलों की तैयारी: रिपोर्ट
ताइपे, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन नवंबर में होने वाले ताइवान के ‘नाइन-इन-वन’ स्थानीय चुनावों में दखल देने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह ताइवान के गवर्नमेंट सर्विस नेटवर्क (जीएसएन) पर साइबर हमले कर सकता है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो की एक रिपोर्ट के हवाले से दी।
ताइवान के अखबार ताइपे टाइम्स ने बताया कि यह रिपोर्ट पिछले हफ्ते फॉरेन अफेयर्स और नेशनल डिफेंस कमेटी में होने वाली ब्रीफिंग से पहले संसद (लेजिस्लेटिव युआन) में जमा की गई थी।
रिपोर्ट में चीन की “कॉग्निटिव वॉरफेयर” यानी लोगों के सोच और राय को प्रभावित करने की कोशिशों का जिक्र है। ब्यूरो के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने करीब 13,000 संदिग्ध इंटरनेट अकाउंट और 8,60,000 विवादित संदेशों की पहचान की है।
इन संदेशों में ज्यादातर विदेशी मामलों, रक्षा और आर्थिक मुद्दों पर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाई गई। कहा गया कि इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया और चीनी सरकारी मीडिया, इंटरनेट ट्रोल्स, संदिग्ध अकाउंट्स और कंटेंट फार्म्स के जरिए फैलाया गया।
ब्यूरो ने बताया कि 2026 की पहली तिमाही में जीएसएन पर 17.3 करोड़ (173.28 मिलियन) से ज्यादा बार साइबर हमले हुए। माना जा रहा है कि ये हमले चुनावों में हस्तक्षेप की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। इनका मकसद जानकारी जुटाना, निगरानी करना और डेटा चोरी करना हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साल के अंत में होने वाले चुनावों को प्रभावित करने के लिए चीन हाइब्रिड तरीका अपनाएगा। इसमें एआई से बने डीपफेक वीडियो फैलाना, फर्जी सर्वे जारी करना और गैरकानूनी सट्टेबाजी नेटवर्क खड़ा करना शामिल हो सकता है।
इसके अलावा, चीन लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए टूर ग्रुप्स को चीन बुलाकर उनका खर्च उठा सकता है और उन इलाकों से कृषि उत्पाद खरीद सकता है जो उसके समर्थक माने जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में चीनी सैन्य विमान 420 से ज्यादा बार ताइवान के एयरस्पेस में घुसे। ये गतिविधियां चीनी नौसेना के साथ मिलकर की गईं, जिनमें दस जॉइंट कॉम्बैट रेडीनेस पेट्रोल शामिल थे। इनका मकसद ताइवान के खिलाफ अपनी सैन्य तैयारी को परखना था।
साथ ही, रिपोर्ट में बताया गया कि चीनी कोस्ट गार्ड के जहाज 2025 में 44 बार और 2026 की पहली तिमाही में 12 बार किनमेन काउंटी के प्रतिबंधित पानी में घुसे। इन ऑपरेशनों के दौरान जहाजों ने जानबूझकर अपना ट्रैकिंग सिस्टम (एआईएस) बंद कर दिया, ताकि ताइवान की निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा जा सके।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















