दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए गैस सिलेंडरों की संख्या दोगुनी करके 1,368 की
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशानुसार सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता बढ़ा दी है और प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए प्रतिदिन 180 सिलेंडरों (19 किलोग्राम के बराबर) का आवंटन बढ़ाकर 360 सिलेंडर कर दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह संशोधित आदेश के बाद किया गया है, जिसमें सभी क्षेत्रों के लिए कुल 6,480 सिलेंडर (19 किलोग्राम के बराबर) आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/सरकारी संस्थान, होटल/रेस्तरां/ढाबे/खाद्य प्रसंस्करण और अन्य आवश्यक सेवाओं को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्राथमिकता दी गई है।
तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन 6,480 सिलेंडरों की कुल सीमा का सख्ती से पालन करें और विभाग को सूचित करते हुए किसी भी अतिरिक्त सिलेंडर को दूसरी श्रेणी में स्थानांतरित करें।
सिरसा ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से मजबूत सुरक्षा उपायों के साथ वितरित किए जाते हैं: अनिवार्य आधार सत्यापन, डुप्लीकेशन/दुरुपयोग को रोकने के लिए ओएमसी द्वारा बनाए रखा गया केंद्रीकृत लाभार्थी डेटाबेस, और एक ही व्यक्ति को सिलेंडर जारी करने के बीच कम से कम 7 दिन का अंतराल।
सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाते हुए प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए सिलेंडर की प्रतिदिन सीमा 180 से बढ़ाकर 360 (19 किलो के बराबर यानि 1368 सिलेंडर (5 किलोग्राम)) कर दी है। यह फैसला कुल 6,480 सिलेंडर की नई दैनिक सीमा के तहत लिया गया है, ताकि ज़रूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर गैस मिल सके।
प्राथमिकता वाले मुख्य सेक्टर्स: होटल, रेस्तरां व फूड सेक्टर: 3375 सिलेंडर, लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज: 1800 सिलेंडर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थान: 225 सिलेंडर, सरकारी संस्थान एवं कम्युनिटी किचन: 225 सिलेंडर, कैटरर्स एवं बैंक्वेट: 225 सिलेंडर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं स्टेडियम: 270 सिलेंडर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को आश्वासन देना चाहता हूं कि गैस की वितरण व्यवस्था पर हम कड़ी नजर रख रहे हैं और जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकार आपको समय पर गैस उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-सेंट किट्स एंड नेविस संबंधों को मजबूती देगा हाई कमीशन का उद्घाटन: एस जयशंकर
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मामलों के मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने मंगलवार को सेंट किट्स और नेविस की भारत में हाई कमीशन की शुरुआत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस स्थायी दूतावास की मौजूदगी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में बेहद मददगार साबित होगी।
नई दिल्ली में हाई कमीशन के उद्घाटन समारोह में एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच 1983 में कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से करीबी और बहुत ही मैत्रीपूर्ण रिश्ते रहे हैं।
मंत्री ने कहा, “आप सभी जानते हैं कि भारत ने अच्छे शासन और आर्थिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल अवसरों को पूरी तरह अपनाया है। हमें सेंट किट्स एंड नेविस और कैरिकॉम के दूसरे सदस्यों सहित अपने पार्टनर्स के साथ बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करने में खुशी होगी। मुझे यकीन है कि जैसे-जैसे यह हाई कमीशन अपने कदम और मजबूत करेगा, यह स्थायी मौजूदगी हमारे रिश्तों को और मजबूत बनाने में मदद करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “एक-दूसरे के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ है, सुविधाजनक व्यवस्था और फ्रेमवर्क को बढ़ाने के लिए बहुत कुछ करना है और निरंतर बातचीत से और सहजता आएगी। मुझे पूरा भरोसा है कि उच्चायुक्त और उनकी टीम यह काम मेरे मंत्रालय के सहयोगियों के साथ मिलकर करेंगे।”
जयशंकर ने कहा कि भारत और सेंट किट्स और नेविस के बीच द्विपक्षीय संबंध लोकतंत्र और उपनिवेशवाद के खिलाफ दोनों देशों के ऐतिहासिक संघर्ष जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि इन साझा अनुभवों ने दोनों देशों के बीच गहरा जुड़ाव बनाया है, खासकर जब वे ग्लोबल साउथ के सदस्य हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, मैं विदेश मंत्री डगलस के साथ मिलकर आज हाई कमीशन के औपचारिक उद्घाटन के महत्व को स्वीकार करता हूं। मंत्री डगलस ने हमें संबंध में संभावनाओं को तलाशने और विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया। भारत पहले से ही लीमा बीन्स की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से जुड़े एक प्रोजेक्ट में लगा हुआ है। बैठक में हुई चर्चाओं के दौरान हम त्वरित प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर सहमत हुए, जिनसे स्थानीय समुदायों को लाभ मिलेगा।
जयशंकर ने कहा, हमने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और कैरिकॉम सदस्यों के इस्तेमाल के लिए मेडिकल सामान और आपातकालीन सप्लाई को पास में रखने के महत्व पर भी बात की। पर्यटन, सेंट किट्स और नेविस की अर्थव्यवस्था की जान है। हमारी चर्चाओं में इस क्षेत्र में भारतीय व्यवसायों की भागीदारी पर भी बात हुई।
उन्होंने आगे कहा, हमने भारतीय प्रतिभाओं और भारतीय कौशल को, खासकर स्वास्थ्य, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में, और भी आसानी से उपलब्ध कराने के फायदों पर भी विचार किया।”
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस साल जनवरी में कैरिकॉम की अध्यक्षता संभालने पर सेंट किट्स एंड नेविस को बधाई दी, और भारत तथा कैरिकॉम देशों के बीच संबंधों की सराहना की।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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