मेरठ से हरिद्वार-ऋषिकेश तक होगा मेट्रो सफर! कुंभ 2027 से पहले बड़ा ऐलान
Meerut To Haridwar RRTS Project: सरकार ने मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक RRTS और मेट्रो विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। कुंभ 2027 से पहले इस प्रोजेक्ट के जरिए दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच यात्रा आसान और तेज बनाने की योजना है।
Bihar News: ‘पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू’, मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच बिहार सरकार ने दी जानकारी
Bihar News: पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों के बीच बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है.ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और कृषि विभाग के समन्वय से पटना स्थित आईओसीएल कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई.
बिहार में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य
OMCs के बिहार हेड ए के सामंताराय ने जानकारी दी कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू बनी हुई है. बिहार में कुल 3697 रिटेल आउटलेट (3590 OMC और 107 निजी) के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 4554 KL पेट्रोल और 9121 KL डीजल की आपूर्ति की जा रही है. डिपो और सप्लाई लोकेशनों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है.
एलपीजी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति
बिहार में 15 बॉटलिंग प्लांट और 2028 वितरकों के जरिए करीब 2.33 करोड़ उपभोक्ताओं को एलपीजी उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रतिदिन औसतन 3.8 लाख सिलेंडर रिफिल की डिलीवरी हो रही है. बुकिंग के अनुसार लगभग 4.5 दिन का बैकलॉग पूरा किया जा रहा है. भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत व्यावसायिक एलपीजी का 70 प्रतिशत आवंटन बनाए रखा गया है. अस्पताल, स्कूल, रक्षा, रेलवे, होटल-रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की जा रही है.
पीएनजी कनेक्शन में तेजी
राज्य में लगभग 1 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं. पिछले एक महीने में करीब 8000 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं. एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया गया है. डिजिटल बुकिंग 70 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है. वहीं 90 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) लागू किया जा रहा है.
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
जमाखोरी और अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्ती बढ़ाई है. अब तक 25,388 निरीक्षण किए गए हैं. कार्रवाई के दौरान 2085 सिलेंडर जब्त किए गए, 119 FIR दर्ज की गईं और 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार और ऑयल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी से बचें. आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है.
बिहार में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त
कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ सुमन यादव ने जानकारी दी कि राज्य के सभी जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है. किसानों को किसी भी प्रकार की चिंता नहीं करने की सलाह दी गई है. उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रमुख उर्वरकों का स्टॉक इस प्रकार है.
- यूरिया- 2.88 लाख मीट्रिक टन.
- डीएपी- 1.44 लाख मीट्रिक टन.
- एनपीके- 2.14 लाख मीट्रिक टन.
- एसएसपी- 1.02 लाख मीट्रिक टन.
- एमओपी- 0.44 लाख मीट्रिक टन.
ऐप के जरिए निगरानी
जिला और प्रखंड स्तर पर उर्वरक, बीज और कीटनाशक दुकानों का ऐप के माध्यम से नियमित निरीक्षण किया जा रहा है. पॉस (POS) स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के बीच समन्वय बनाकर लगातार छापेमारी की जा रही है.
अनियमितताओं पर कार्रवाई
वर्ष 2025-26 में 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर FIR दर्ज की गई और 462 लाइसेंस रद्द किए गए. वहीं 2026-27 में अब तक 11 FIR, 13 लाइसेंस रद्द और 92 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं.
किसानों के लिए हेल्पलाइन
किसानों की सहायता के लिए राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 0612-22333555 जारी किया गया है. शिकायतों के निवारण के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय हैं.
सरकार का भरोसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोलियम और उर्वरक दोनों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है. किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी.
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