नाम छोटे, काम बड़े: CSK ने छोड़ा..तो दिल्ली के लिए तोड़ा, 5 खिलाड़ियों का आईपीएल में बढ़ा 'वैभव'
IPL 2026 Wonder Kid: आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों में इस बार नए सितारों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। महज 12 मैचों के अंदर ही कई युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल से साबित कर दिया कि अब अगली पीढ़ी इंतजार करने के मूड में नहीं, बल्कि सीधे मैदान पर छा रही। जियोस्टार के मुताबिक इस सीजन के 5 बेखौफ खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में शानदार प्रदर्शन किया।
सबसे पहले बात वैभव सूर्यवंशी की। वैभव की उम्र भले ही छोटी है लेकिन बल्लेबाजी बड़े-बड़े गेंदबाजों की छुट्टी करने वाली है। बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने अपने आक्रामक खेल से सभी को प्रभावित किया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप और एशिया कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने आईपीएल 2026 में भी उसी लय को बरकरार रखा। उन्होंने अब तक 7 मैचों में 252 रन बनाए, स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा रहा और टूर्नामेंट का दूसरा सबसे तेज शतक भी जड़ा। सीएसके के खिलाफ 15 गेंदों में अर्धशतक और गुजरात टाइटंस के खिलाफ तेज पारी खेलकर उन्होंने राजस्थान को मजबूत शुरुआत दिलाई।
समीर रिजवी ने भी किया प्रभावित
दूसरे खिलाड़ी हैं समीर रिजवी। यूपी के इस बल्लेबाज ने अपनी पावर हिटिंग से पहचान बनाई थी। आईपीएल 2024 में सीएसके ने उन पर 8.4 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन बाद में रिलीज कर दिया गया। अब दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने वापसी की है। इस सीजन में लगातार दो मैच जिताऊ पारियां खेलकर उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली है। दोनों ही मैचों में उन्होंने रनचेज करते हुए शानदार पारियां खेलीं।
अंगकृष रघुवंशी का भी शानदार प्रदर्शन
तीसरे नाम की बात करें तो अंगकृष रघुवंशी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिली और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। लगातार 2 अर्धशतक लगाकर उन्होंने टीम को मजबूत शुरुआत दी और अपनी जिम्मेदारी निभाई।
प्रिंस यादव ने अपनी रफ्तार का दम दिखाया
गेंदबाजी में प्रिंस यादव ने भी अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से काफी प्रभावित किया है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2025 मेगा ऑक्शन में खरीदा था। टीम के तेज गेंदबाज चोटिल थे, ऐसे में उन्हें मौका मिला और उन्होंने दिल्ली और सनराइजर्स के खिलाफ अहम विकेट लेकर टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीता। अब वह टीम के अहम गेंदबाज बनते जा रहे हैं।
हर्ष दुबे भी हो सकते लंबी रेस के घोड़े
पांचवें खिलाड़ी हैं हर्ष दुबे। विदर्भ के इस ऑलराउंडर ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। कप्तान ईशान किशन ने उन्हें पावरप्ले में गेंदबाजी की जिम्मेदारी दी और उन्होंने रन रोकने के साथ अहम विकेट भी लिए। केकेआर के खिलाफ फिन एलेन का विकेट उनका बड़ा मोमेंट रहा। बल्लेबाजी में भी उन्होंने टीम के लिए उपयोगी रन जोड़े।
पूर्व भारतीय दिग्गज अनिल कुंबले ने कहा कि इस सीजन में युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला रहा है। खासकर वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें बेहद खास बनाती है। कुल मिलाकर आईपीएल 2026 का यह सीजन युवाओं के नाम होता दिख रहा है, जहां नए चेहरे ना सिर्फ अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि मैच का रुख भी बदल रहे हैं।
LPG Crisis: ₹500 वाला मिनी सिलेंडर सस्ता या महंगा? जानिए पूरी सच्चाई
LPG Crisis: महंगाई के दौर में जब सरकार ने ₹500 में 5 किलो वाला LPG मिनी सिलेंडर लॉन्च किया, तो पहली नजर में यह राहत जैसा लगता है। लेकिन जैसे ही इसकी तुलना 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर से की जाती है, तो तस्वीर पूरी तरह से बदल जाती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह योजना सच में सस्ती गैस दे रही है या सिर्फ कम पैसे में गैस खरीदने का विकल्प दे रही है?
असली गणित समझें
अगर हम केवल सिलेंडर की कीमत देखें, तो 5 किलो वाला सिलेंडर सस्ता लगता है, लेकिन प्रति किलो के हिसाब से इसकी कीमत चौंकाने वाली है:
- 14.2 किलो का सिलेंडर: ₹918.50 (यानी करीब ₹64.6 प्रति किलो)
- 5 किलो का मिनी सिलेंडर: ₹500 (यानी करीब ₹100 प्रति किलो)
नतीजा: मिनी सिलेंडर साधारण सिलेंडर के मुकाबले लगभग 55% महंगा पड़ रहा है। अगर एक औसत परिवार महीने में 14.2 किलो गैस खर्च करता है, तो मिनी सिलेंडर के जरिए उसे वही गैस लगभग ₹1,500 की पड़ेगी, यानी हर महीने ₹580 का अतिरिक्त बोझ।
सरकार क्यों लाई मिनी सिलेंडर?
अब सवाल यह उठता है कि अगर यह महंगा है, तो सरकार इसे बढ़ावा क्यों दे रही है? दरअसल, इसका मकसद गैस की कीमत कम करना नहीं, बल्कि उसकी 'पहुंच' (Accessibility) बढ़ाना है:
- कम एकमुश्त खर्च: आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवार एक बार में ₹900+ खर्च नहीं कर पाते, उनके लिए ₹500 देना आसान है।
- प्रवासियों के लिए वरदान: किराएदार या अकेले रहने वाले लोग जो अक्सर घर बदलते हैं, उनके लिए छोटा सिलेंडर ले जाना आसान होता है।
- आसान कागजी कार्रवाई: इसे लेना बड़े कनेक्शन के मुकाबले काफी सरल है।
इंडक्शन कुकिंग: क्या यह सबसे बेहतर विकल्प है?
आज के समय में बिजली से खाना बनाना (Induction) भी एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। आइए इसकी तुलना LPG से करते हैं:
मान लीजिए आप 2000 वॉट (2kW) का इंडक्शन रोज़ाना 2 घंटे इस्तेमाल करते हैं, तो महीने का खर्च कुछ ऐसा होगा:
- महीने की यूनिट: 2kW × 2 घंटे × 30 दिन = 120 यूनिट
- बिजली खर्च: अगर औसत रेट ₹7/यूनिट है, तो कुल खर्च होगा ₹840 प्रति माह।
आखिर उपभोक्ता क्या चुने?
- परिवार के लिए - बड़ा सिलेंडर अभी भी बेहतर
- अकेले रहने वालों के लिए - मिनी सिलेंडर सुविधाजनक
- जहां बिजली सस्ती है - इंडक्शन सबसे किफायती
बहरहाल, ₹500 वाला मिनी सिलेंडर दिखने में सस्ता जरूर है, लेकिन असल में यह 'कम पैसे में खरीद' का विकल्प है, 'सस्ती गैस' नहीं। अगर पूरा महीना चलाने की बात करें, तो यही विकल्प आपकी जेब पर करीब ₹580 ज्यादा भारी पड़ सकता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




