Responsive Scrollable Menu

Nora Fatehi: अश्लील गाने के विवाद में नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें, महिला आयोग ने दिया अल्टीमेटम; संजय दत्त को भी समन जारी

Nora Fateh Controversy: कन्नड़ फिल्म ‘KD: द डेविल’ का गाना ‘सरके चुनर तेरी’ अपने कथित अश्लील और डबल मीनिंग बोलों के कारण विवादों में घिर गया है। रिलीज के बाद से ही इस गाने को सोशल मीडिया पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके बाद गाना भारत में बैन हो गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में नोरा फतेही और संजय दत्त को फिर से समन भेजा है। 

महिला आयोग ने जताई नाराजगी

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए नोरा को समन जारी किया था। हालाकि 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में नोरा फतेही खुद पेश नहीं हुई और उनकी जगह वकील पहुंचे, जिसे आयोग ने स्वीकार नहीं किया। इससे आयोग नाराज हो गया।

नोरा को मिला अल्टीमेटम

आयोग ने नोरा फतेही को 27 अप्रैल को खुद पेश होने का आखिरी मौका दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर वह अगली सुनवाई में भी नहीं आई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

यह भी पढ़े - ‘Chand Mera Dil’ Teaser: अनन्या पांडे और लक्ष्य की लव स्टोरी में दर्द का ट्विस्ट; फैंस बोले- कबीर सिंह और सैयारा की कॉपी!

संजय दत्त को भी समन जारी

nora fatehi new song controversy

इस मामले में एक्टर संजय दत्त को भी समन भेजा गया है। उन्हें 8 अप्रैल को महिला आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

गीतकार और मेकर्स ने मांगी माफी

सुनवाई के दौरान गाने के गीतकार रकीब आलम, डायरेक्टर प्रेम और प्रोडक्शन टीम के सदस्य आयोग के सामने पेश हुए। सभी ने लिखित में माफी मांगी और माना कि गाने का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

नोरा ने दी सफाई

नोरा फतेही ने पहले ही इस मामले में सफाई दी थी। उनका कहना है कि उन्हें गाने का गलत ट्रांसलेशन बताया गया था और बिना उनकी अनुमति के हिंदी वर्जन जारी किया गया। उन्होंने AI इमेज के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई।

फिल्म की रिलीज डेट

बताया जा रहा है कि फिल्म ‘KD: द डेविल’ 30 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि, गाने को लेकर विवाद अभी भी जारी है।

यह भी पढ़े - मिस्ट्री गर्ल: अर्शदीप सिंह के साथ दिखी ये लड़की कौन? Samreen Kaur का रणवीर सिंह कनेक्शन!

Continue reading on the app

एअर इंडिया की घरेलू उड़ानें ₹899 तक महंगी:जेट फ्यूल के दाम बढ़ना इसकी वजह, 8 अप्रैल से लागू होगा बढ़ा हुआ किराया

एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपने फ्यूल सरचार्ज को बढ़ा दिया है। इससे आने वाले दिनों में हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे लागत बढ़ गई है। मार्च के अंत तक जेट फ्यूल की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले हाल ही में इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। फ्यूल सरचार्ज क्या होता है फ्यूल सरचार्ज वो अतिरिक्त चार्ज है, जो एयरलाइन कंपनी आपको पेट्रोल/डीजल की महंगाई के कारण लगाती है। मान लीजिए हवाई यात्रा का किराया 5000 रुपए है। अगर पेट्रोल बहुत महंगा हो जाए, तो कंपनी 5000 + फ्यूल सरचार्ज (जैसे ₹500) लगाकर कुल 5500 रुपए लेगी। यह क्यों लगता है क्योंकि ईंधन की कीमत बढ़ने से कंपनी का खर्च बढ़ जाता है। ये खर्च सीधे यात्रियों पर डाल दिया जाता है, जिसे फ्यूल सरचार्ज कहते हैं। घरेलू रूट्स पर दूरी के हिसाब से लगेगा सरचार्ज एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए एक फ्लैट सरचार्ज व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों को दूरी के आधार पर पैसे देने होंगे। यह सरचार्ज प्रति यात्री, प्रति सेक्टर ₹299 से शुरू होकर ₹899 तक जाएगा। यह नियम एयर इंडिया के साथ-साथ उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा। घरेलू रूट्स के लिए रिवाइज फ्यूल चार्ज इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर $280 तक की बढ़ोतरी विदेशी रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज की दरें और भी ज्यादा रखी गई हैं, क्योंकि वहां ईंधन की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता। सार्क (SAARC) देशों के लिए यह चार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा। वहीं, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स के लिए यात्रियों को 280 डॉलर (करीब ₹23,000 से ज्यादा) अतिरिक्त चुकाने होंगे। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति: एयरलाइन बोली- हम पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे कंपनी का कहना है कि विमान ईंधन की लागत सिर्फ कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की वजह से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने के कारण भी बढ़ी है। एयरलाइन ने बयान में कहा, "बढ़ा हुआ सरचार्ज ईंधन की बढ़ी हुई पूरी लागत की भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी इस बोझ का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है।" एयरलाइन बाजार की स्थितियों के आधार पर समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करेगी। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे।

Continue reading on the app

  Sports

क्या बदलेगा IPL का पूरा Format? Lalit Modi के दावे से मचा हड़कंप, हजारों करोड़ हैं दांव पर

आईपीएल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है और इस बार वजह है लीग के पूर्व आयुक्त ललित मोदी का बड़ा दावा। उन्होंने कहा है कि मौजूदा प्रारूप के कारण लीग हर साल हजारों करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व से वंचित हो रही है।

बता दें कि हाल ही में दो टीमों की ऊंची कीमत पर बिक्री के बाद आईपीएल की कुल वैल्यू को लेकर काफी उत्साह देखा गया, लेकिन ललित मोदी का मानना है कि मौजूदा ढांचा पूरी क्षमता के हिसाब से काम नहीं कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने यह सवाल उठाया है कि जब लीग में टीमों की संख्या बढ़कर दस हो चुकी है, तो फिर सभी टीमों के बीच पूरा घरेलू और बाहरी मुकाबलों का प्रारूप क्यों लागू नहीं किया जा रहा है।

गौरतलब है कि आईपीएल की शुरुआत में हर टीम के लिए तय था कि वह बाकी सभी टीमों के खिलाफ दो-दो मुकाबले खेलेगी। अगर इसी मॉडल को लागू किया जाए तो लीग चरण में कुल मुकाबलों की संख्या करीब 90 तक पहुंच सकती है, जिसके बाद नॉकआउट मुकाबले होते हैं। लेकिन फिलहाल लीग 74 मुकाबलों के साथ ही चल रही है, जिससे कई संभावित मैच कम हो जाते हैं।

ललित मोदी का कहना है कि हर मुकाबले से मिलने वाली आय का बड़ा हिस्सा सीधे बोर्ड और टीमों को जाता है। ऐसे में जब मैच कम होते हैं तो सीधा असर टीमों की कमाई और उनकी वैल्यू पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ खेल का मामला नहीं बल्कि एक व्यावसायिक समझौता है, जिसमें टीमों को घरेलू और बाहरी दोनों तरह के मुकाबले मिलने चाहिए।

मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने अनुमान लगाया है कि अगर पूरा घरेलू-बाहरी प्रारूप लागू किया जाए तो केवल प्रसारण अधिकारों से ही हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। उनका दावा है कि इससे बोर्ड को बड़ा फायदा होगा और टीमों की कमाई भी बढ़ेगी, जिससे उनकी बाजार कीमत अपने आप बढ़ जाएगी।

आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक बन चुकी है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रारूप को लेकर उठ रहे सवाल यह संकेत देते हैं कि भविष्य में लीग के ढांचे पर फिर से विचार किया जा सकता है। हालांकि, व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और खिलाड़ियों के कार्यभार जैसे मुद्दे भी इस फैसले को प्रभावित करते हैं।

कुल मिलाकर यह बहस अब सिर्फ मैचों की संख्या तक सीमित नहीं रही, बल्कि लीग के आर्थिक मॉडल और दीर्घकालिक रणनीति से भी जुड़ गई है। आने वाले समय में इस पर क्या फैसला होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
Tue, 07 Apr 2026 19:18:35 +0530

  Videos
See all

Viral Video: फोन में व्यस्त था दुकानदार, नीचे टूटा नाला पड़ा भारी | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-07T14:37:57+00:00

IIT Baba Marriage Video Viral: IIT बाबा ने पहले ही कर ली थी शादी! IITian Baba wife Prateeka #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-07T14:39:09+00:00

Viral Video: गाली-गलौज के बाद युवती ने उठाया खौफनाक कदम | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-07T14:41:08+00:00

Aar Paar : Pawan Khera पर हिमंत बिस्व सरमा अब क्या बोल गए? | Congress | Pawan Khera | Amish Devga #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-07T14:40:11+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers