Nora Fatehi: अश्लील गाने के विवाद में नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें, महिला आयोग ने दिया अल्टीमेटम; संजय दत्त को भी समन जारी
Nora Fateh Controversy: कन्नड़ फिल्म ‘KD: द डेविल’ का गाना ‘सरके चुनर तेरी’ अपने कथित अश्लील और डबल मीनिंग बोलों के कारण विवादों में घिर गया है। रिलीज के बाद से ही इस गाने को सोशल मीडिया पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके बाद गाना भारत में बैन हो गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में नोरा फतेही और संजय दत्त को फिर से समन भेजा है।
महिला आयोग ने जताई नाराजगी
Nora Fatehi ???? Sanjay Dutt
— aanandaaudio (@aanandaaudio) March 15, 2026
Ultimate dance combo!
Chandrabose lyrics ✍️ @boselyricist
Mangli voice ???? @iamMangli
Volume up… feel the heat! ????????
Watch Now on #KDTheDevil @aanandaaudiohttps://t.co/E9fFzYbyLU - KANNADAhttps://t.co/3Qou52zPpt - HINDIhttps://t.co/ox32kDGcIb -… pic.twitter.com/RI6FOu38lX
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए नोरा को समन जारी किया था। हालाकि 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में नोरा फतेही खुद पेश नहीं हुई और उनकी जगह वकील पहुंचे, जिसे आयोग ने स्वीकार नहीं किया। इससे आयोग नाराज हो गया।
नोरा को मिला अल्टीमेटम
आयोग ने नोरा फतेही को 27 अप्रैल को खुद पेश होने का आखिरी मौका दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर वह अगली सुनवाई में भी नहीं आई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
संजय दत्त को भी समन जारी
इस मामले में एक्टर संजय दत्त को भी समन भेजा गया है। उन्हें 8 अप्रैल को महिला आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।
गीतकार और मेकर्स ने मांगी माफी
सुनवाई के दौरान गाने के गीतकार रकीब आलम, डायरेक्टर प्रेम और प्रोडक्शन टीम के सदस्य आयोग के सामने पेश हुए। सभी ने लिखित में माफी मांगी और माना कि गाने का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
नोरा ने दी सफाई
नोरा फतेही ने पहले ही इस मामले में सफाई दी थी। उनका कहना है कि उन्हें गाने का गलत ट्रांसलेशन बताया गया था और बिना उनकी अनुमति के हिंदी वर्जन जारी किया गया। उन्होंने AI इमेज के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई।
फिल्म की रिलीज डेट
बताया जा रहा है कि फिल्म ‘KD: द डेविल’ 30 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि, गाने को लेकर विवाद अभी भी जारी है।
यह भी पढ़े - मिस्ट्री गर्ल: अर्शदीप सिंह के साथ दिखी ये लड़की कौन? Samreen Kaur का रणवीर सिंह कनेक्शन!
एअर इंडिया की घरेलू उड़ानें ₹899 तक महंगी:जेट फ्यूल के दाम बढ़ना इसकी वजह, 8 अप्रैल से लागू होगा बढ़ा हुआ किराया
एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपने फ्यूल सरचार्ज को बढ़ा दिया है। इससे आने वाले दिनों में हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे लागत बढ़ गई है। मार्च के अंत तक जेट फ्यूल की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले हाल ही में इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। फ्यूल सरचार्ज क्या होता है फ्यूल सरचार्ज वो अतिरिक्त चार्ज है, जो एयरलाइन कंपनी आपको पेट्रोल/डीजल की महंगाई के कारण लगाती है। मान लीजिए हवाई यात्रा का किराया 5000 रुपए है। अगर पेट्रोल बहुत महंगा हो जाए, तो कंपनी 5000 + फ्यूल सरचार्ज (जैसे ₹500) लगाकर कुल 5500 रुपए लेगी। यह क्यों लगता है क्योंकि ईंधन की कीमत बढ़ने से कंपनी का खर्च बढ़ जाता है। ये खर्च सीधे यात्रियों पर डाल दिया जाता है, जिसे फ्यूल सरचार्ज कहते हैं। घरेलू रूट्स पर दूरी के हिसाब से लगेगा सरचार्ज एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए एक फ्लैट सरचार्ज व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों को दूरी के आधार पर पैसे देने होंगे। यह सरचार्ज प्रति यात्री, प्रति सेक्टर ₹299 से शुरू होकर ₹899 तक जाएगा। यह नियम एयर इंडिया के साथ-साथ उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा। घरेलू रूट्स के लिए रिवाइज फ्यूल चार्ज इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर $280 तक की बढ़ोतरी विदेशी रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज की दरें और भी ज्यादा रखी गई हैं, क्योंकि वहां ईंधन की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता। सार्क (SAARC) देशों के लिए यह चार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा। वहीं, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स के लिए यात्रियों को 280 डॉलर (करीब ₹23,000 से ज्यादा) अतिरिक्त चुकाने होंगे। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति: एयरलाइन बोली- हम पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे कंपनी का कहना है कि विमान ईंधन की लागत सिर्फ कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की वजह से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने के कारण भी बढ़ी है। एयरलाइन ने बयान में कहा, "बढ़ा हुआ सरचार्ज ईंधन की बढ़ी हुई पूरी लागत की भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी इस बोझ का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है।" एयरलाइन बाजार की स्थितियों के आधार पर समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करेगी। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi


















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




