Success Story of Janak Kanwar: बाड़मेर की सरहद से निकली 'गणित की जादूगर'! पहली बार में हासिल की 44वीं रैंक, बनीं गांव की पहली गजेटेड ऑफिसर
Success Story of Janak Kanwar: बाड़मेर जिले के खारा राठौड़ान गांव की जनक कंवर ने राजस्थान स्कूल शिक्षा व्याख्याता परीक्षा (गणित) में प्रदेश भर में 44वीं रैंक हासिल कर इतिहास रचा है. जनक अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की शिक्षक बनी हैं; उनके पिता और दादा भी इसी पेशे से जुड़े रहे हैं. जनक ने अपनी उच्च शिक्षा वनस्थली विद्यापीठ से पूरी की और बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के दम पर पहले ही प्रयास में यह बड़ी सफलता प्राप्त की है. वे अपने गांव की पहली गजेटेड ऑफिसर बनी हैं. जनक अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता रेवंत सिंह के विश्वास और माता एवन कंवर के त्याग को देती हैं. उनका कहना है कि बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में अब बेटियों की शिक्षा के प्रति सोच बदल रही है. जनक का लक्ष्य है कि वे समाज में एक नजीर पेश करें ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण बेटियां उच्च शिक्षा पाकर अधिकारी बन सकें और देश की सेवा करें.
काचरी पाउडर से बदली किस्मत, सीकर की डिंपल जैन ऐसे बनी आत्मनिर्भर, गांव की महिलाओं को भी दिया काम
Sikar Dimpal Jain Success Story: सीकर के कुली गांव की डिंपल जैन ने घरेलू काम को ही अपना व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है. उन्होंने पांच साल पहले छोटे स्तर से “जैन उद्योग” की शुरुआत की और आज उनके उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है. वे काचरी पाउडर, पापड़ और अचार जैसे मिलावट फ्री घरेलू उत्पाद तैयार करती हैं. खास तौर पर उनका काचरी पाउडर पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है, जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है. डिंपल जैन ने गांव की 10 महिलाओं को अपने साथ जोड़कर एक समूह बनाया है, जिससे उन्हें रोजगार भी मिला है. वे मेलों और आयोजनों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद बेचती हैं. उनकी मेहनत और गुणवत्ता ने उन्हें पहचान दिलाई है. यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन रही है.
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