CM Yogi in Gorkhpur: CM योगी की गोरखपुर को सौगात, शहीद बंधु पार्किंग का लोकापर्ण
CM Yogi in Gorkhpur: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोखपुर में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इनमें घंटाघर स्मारक का सौंदर्यकरण, अमर बलिदानी बंधु सिंह के नाम पर मल्टी-लेवल पार्किंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं. इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय प्रतीकों पर सख्त संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने “वंदे मातरम” के विरोध को लेकर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इस पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति
सीएम योगी ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडों और माफिया के लिए कोई जगह नहीं है. अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और राज्य को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा.
सुरक्षा और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में व्यापारियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है. उन्होंने कहा कि दंगे, अराजकता और लूट-खसोट का दौर अब खत्म हो चुका है और प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
पेट्रोल-डीजल सब्सिडी में गड़बड़ियां दूर करे पाकिस्तान : आईएमएफ
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह जल्द से जल्द पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गड़बड़ियों को खत्म करे। ये गड़बड़ियां उस सब्सिडी की वजह से पैदा हुई हैं, जो केंद्रीय सरकार ने उपभोक्ताओं को दी थी, जबकि वैश्विक कीमतें ईरान युद्ध के कारण तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की कि आईएमएफ अभी भी मौजूदा गड़बड़ियों, विशेष रूप से डीजल की कीमतों को लेकर चिंतित है और उनके शीघ्र समाधान के लिए दबाव डाल रहा है।
शुरू में सरकार ने पेट्रोल और डीजल के बीच पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (पीडीएल) को एडजस्ट करके वित्तीय संतुलन बनाने का प्रयास किया। बाद में यह कदम लक्षित सब्सिडी की ओर बढ़ा, जिसे अब प्रांत अपने-अपने बजट को ठीक करके फाइनेंस कर रहे हैं।
वर्तमान में डीजल पर पीडीएल का नुकसान शून्य है, जबकि बजट में इसे प्रति लीटर 80 रुपए निर्धारित किया गया था। यह नुकसान पेट्रोल पर उच्च दरों से संतुलित किया जा रहा है। हालांकि, यह राहत तब कम हो गई, जब शुक्रवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोल की कीमतें 80 रुपए प्रति लीटर कम कर दीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में इस स्थिति का फिर से आकलन करना होगा।
पेट्रोल की ज्यादा खपत ने डीजल पीडीएल में कमी को कुछ हद तक कम कर दिया है। अभी पेट्रोल की खपत औसतन लगभग 6,60,000 टन प्रति महीना है, जबकि डीजल की खपत लगभग 6,00,000 टन है। हालांकि, चालू फसल के मौसम में डीजल की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
डॉन ने वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि आईएमएफ की ओर से 29 मार्च को घोषित स्टाफ-स्तरीय समझौता अभी भी कायम है और 152 अरब रुपए की संघीय पेट्रोलियम सब्सिडी आईएमएफ की पूर्व जानकारी के साथ पेश की गई थी।
सूत्रों ने डॉन को बताया कि वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और उनकी टीम आगामी आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक के दौरान प्रांतीय योगदान पर आईएमएफ प्रबंधन को अपडेट करेंगे। हालांकि, आईएमएफ प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों पर सर्वव्यापी सब्सिडी का विरोध जारी रखे हुए है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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