उपभोक्ता निश्चिंत होकर ई20 पेट्रोल का कर सकते हैं उपयोग, निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है ईंधन: सरकार
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं को इस ईंधन का इस्तेमाल पूरी तरह भरोसे के साथ जारी रखना चाहिए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा ई20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है और इसकी निगरानी के लिए मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था लागू है।
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद तेल कंपनियों ने पूरे देश में ई20 पेट्रोल की सप्लाई चेन में अतिरिक्त और व्यापक परीक्षण अभियान चलाया।
सरकार के अनुसार, इन परीक्षणों के नतीजों से यह साफ हुआ है कि ईंधन की गुणवत्ता निर्धारित सीमा से काफी बेहतर स्तर पर बनी हुई है। मंत्रालय ने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से किए गए व्यापक और यादृच्छिक परीक्षणों में ईंधन के दूषित होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
बयान में कहा गया, कुछ दावों के विपरीत, वैज्ञानिक आधार पर किए गए व्यापक परीक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि ईंधन में किसी प्रकार के प्रदूषण या गुणवत्ता संबंधी समस्या को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है।
तेल कंपनियों ने भी ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कभी कोई ऐसा मुद्दा सामने आता है जिससे वाहन के प्रदर्शन या उपभोक्ता विश्वास पर असर पड़ सकता हो, तो उसकी तत्काल वैज्ञानिक जांच की जाती है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, ईंधन की गुणवत्ता पर निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए देश भर के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर रोजाना 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जांच की जा रही है।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब्स भी तैनात की गई हैं। इन परीक्षणों के परिणामों की स्वतंत्र ईंधन प्रयोगशालाओं से पुष्टि कराई जाती है, ताकि गुणवत्ता आश्वासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जा सके।
सरकार ने कहा कि सप्लाई चेन के हर स्तर पर लागू इन बहुस्तरीय और सख्त परीक्षण प्रणालियों ने एक बार फिर भारत के ईंधन गुणवत्ता मानकों की मजबूती को साबित किया है।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश की विभिन्न रिफाइनरियों से 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूने यादृच्छिक रूप से लेकर उनकी जांच की गई। परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) या उससे कम पाया गया, जो निर्धारित मानकों के भीतर है।
सरकार के अनुसार, यह परिणाम दर्शाते हैं कि भारत की रिफाइनिंग और ईंधन वितरण प्रणाली में लागू गुणवत्ता जांच प्रक्रिया प्रभावी ढंग से काम कर रही है और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित एवं मानक-अनुरूप ईंधन पहुंच रहा है।
मंत्रालय ने दोहराया कि ई20 पेट्रोल देश की ऊर्जा सुरक्षा, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में उपभोक्ता बिना किसी चिंता के ई20 पेट्रोल का उपयोग जारी रख सकते हैं, क्योंकि इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Jharkhand News: 77वां वन महोत्सव में शामिल हुए सीएम सोरेन, पर्यावरण संरक्षण को लेकर की बड़ी अपील!
Jharkhand News: झारखंड के रांची में वन महोत्सव 2026 के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों से बड़ा संकल्प लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने की कीमत हर व्यक्ति को चुकानी पड़ेगी. विकास के नाम पर जंगलों की कटाई और गलत प्रजातियों के पेड़ लगाने से प्रकृति को नुकसान पहुंच रहा है. सीएम सोरेन ने कहा कि कई बड़े शहरों में जंगलों को हटाकर कंक्रीट के जंगल खड़े किए जा रहे हैं. उनकी जगह ऐसे पेड़ लगाए जा रहे हैं, जो इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के भी ज्यादा काम नहीं आते. उन्होंने कहा कि झारखंड में अब ऐसे पेड़ लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनका उपयोग इंसान, जानवर या पक्षी नहीं कर सकें.
हर व्यक्ति लगाए एक फलदार पेड़
मुख्यमंत्री सोरेन ने कार्यक्रम में मौजूद करीब 2000 लोगों से अपने घर या आसपास कम से कम एक फलदार पेड़ लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि पेड़ पर वन महोत्सव 2026 की तारीख जरूर लिखें और पांच साल बाद वह इन पेड़ों को देखने का प्रयास करेंगे. उन्होंने महुआ, कटहल, जामुन और करंज जैसे पेड़ लगाने की सलाह दी. सीएम ने कहा कि पर्यावरण से ही भोजन, पानी और जीवन की जरूरतें पूरी होती हैं. इसलिए पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है. उन्होंने यह भी बताया कि शहरों में पेड़ लगाने को बढ़ावा देने के लिए एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना की बात कही गई है. उन्होंने लोगों से ‘एक पेड़ अपनों के नाम’ लगाने का संकल्प लेने की अपील की.
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