भारत-जापान खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर कर रहे काम
टोक्यो, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने सोमवार को जापानी सांसद और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के एग्जीक्यूटिव कार्यवाहक जनरल सचिव कोइची हागिउडा से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच खास रणनीति और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई, जिसमें पार्लियामेंट्री एक्सचेंज भी शामिल हैं।
जापान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, राजदूत नगमा एम. मलिक ने जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद और एग्जीक्यूटिव एक्टिंग सेक्रेटरी जनरल, कोइची हागिउडा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच पार्लियामेंट्री एक्सचेंज सहित भारत-जापान स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत-जापान संबंधों को 2000 में ‘ग्लोबल पार्टनरशिप’, 2006 में ‘स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप’ और 2014 में ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप’ तक बढ़ाया गया था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों का एक अहम हिस्सा है। हाल के वर्षों में रणनीतिक मामलों पर बढ़ती सहमति के कारण रक्षा आदान-प्रदान को मजबूती मिली है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर आम नजरिए से इसका महत्व बढ़ रहा है।
पिछले महीने, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने फ्रांस में जी7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दौरान अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी से मुलाकात की।
डॉ. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, अपने दोस्त विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है, इस बार जी7 एफएमएम के दौरान।
6 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जापान की प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार सदामासा ओउए के साथ मीटिंग की और डिफेंस टेक्नोलॉजी और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर बताया, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जापान की प्रधानमंत्री के खास राजदूत सदामासा ओउ से मुलाकात की। उन्होंने भारत-जापान स्पेशल स्ट्रेटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के रक्षा तकनीक और आर्थिक सुरक्षा स्तंभों को मजबूत करने पर अच्छे विचारों का आदान-प्रदान किया।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत ने पवन ऊर्जा वृद्धि में वित्त वर्ष 26 में बनाया रिकॉर्ड, कुल क्षमता 56 गीगावाट के पार
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पवन ऊर्जा क्षमता में अब तक की सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि 6.05 गीगावाट प्राप्त की है, जो वित्त वर्ष 2016-17 में दर्ज 5.5 गीगावाट क्षमता वृद्धि के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई। यह जानकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सोमवार को दी गई।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह वित्त वर्ष 2024-25 में जोड़ी गई क्षमता की तुलना में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि को भी दर्शाता है, जो देश के तटवर्ती पवन ऊर्जा तैनाती पथ में निर्णायक तेजी का संकेत है।
इस वृद्धि के साथ, भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावॉट से अधिक हो गई है। यह उपलब्धि नीतिगत स्पष्टता में सुधार, पारेषण की तैयारी, प्रतिस्पर्धी टैरिफ निर्धारण और परियोजनाओं की मजबूत उपलब्धता के कारण इस क्षेत्र में आई नई गति को दर्शाती है।
सरकार के अनुसार, यह महत्वपूर्ण उपलब्धि निरंतर नीतिगत समर्थन, बेहतर परियोजना क्रियान्वयन और प्रमुख पवन ऊर्जा उत्पादक राज्यों में परियोजनाओं की बढ़ती परिपक्वता का परिणाम है।
गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य वर्ष के दौरान क्षमता वृद्धि में प्रमुख योगदानकर्ता रहे हैं, जो पवन-सौर हाइब्रिड परियोजनाओं की बढ़ती संख्या और हरित ऊर्जा के खुले उपयोग के प्रगतिशील कार्यान्वयन से समर्थित है।
मंत्रालय के मुताबिक, भारत का पवन ऊर्जा क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी पवन ऊर्जा बाजारों में से एक बन गया है। सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें पवन टरबाइनों के विनिर्माण में प्रयुक्त कुछ घटकों और कच्चे वस्तुओं पर रियायती सीमा शुल्क, जून 2028 तक अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) शुल्कों में श्रेणीबद्ध छूट, प्रतिस्पर्धी निविदा तंत्र, अलग पवन नवीकरणीय ऊर्जा खपत दायित्व (आरसीओ) ढांचा और राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान से तकनीकी सहायता शामिल हैं।
भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इससे देश को लक्ष्य समय पर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















