मार्च में चीन के कमोडिटी मूल्य सूचकांक में फरवरी से 4 प्रतिशत की वृद्धि
बीजिंग, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन फेडरेशन ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड परचेजिंग ने 5 अप्रैल को इस बात की घोषणा की कि मार्च में चीन का कमोडिटी मूल्य सूचकांक 129.9 अंक रहा, जो इस साल के फरवरी की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी अवधि की तुलना में 14.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
निगरानी में रखे गए 50 प्रमुख कमोडिटीज में से 38 के मूल्य सूचकांकों में मार्च में फरवरी से वृद्धि देखी गई।
व्यवसाय की दृष्टि से देखें तो, ऊर्जा और रसायन मूल्य सूचकांकों में क्रमशः 16.5 प्रतिशत और 21.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कृषि उत्पाद मूल्य सूचकांक में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सूचकांक का प्रदर्शन दर्शाता है कि छुट्टियों के बाद उत्पादन में लगातार सुधार हो रहा है, बाजार की मांग में अच्छी वृद्धि हुई है और आपूर्ति और मांग दोनों में सकारात्मक बदलाव आए हैं। समग्र कमोडिटी बाजार ने विस्तारवादी रुझान बनाए रखा है, जिससे इसकी सकारात्मक नींव और मजबूत हुई है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी बेस को टारगेट करके कई हमले किए, एयर डिफेंस सिस्टम नाकाम
ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस को टारगेट करते हुए कई हमले किए. बहरीन, UAE, कुवैत और इराक में सबसे ज्यादा हमले किए गए. ईरान की स्ट्राक की वजह से हालात किस तरह बिगड़ गए इस रिपोर्ट में देखिए. मिडिल ईस्ट में ईरान ने एक बार फिर कहर बरपाया. अमेरिका के कई बेस को एक साथ टारगेट किया गया. घातक मिसाइलों से की गई स्ट्राइक से जबरदस्त तबाही हुई है. ईरान ने बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों के अलावा सुसाइड ड्रोन के जरिए भी अटैक किया. जिन्हें इंटरसेप्ट करने में एयर डिफेंस सिस्टम भी नाकाम रहा.
पूरे इलाके में घुआं फैल गया
ईरान के सटीक हमले के बाद इराक में अमेरिकी सेना का ठिकाना आग की लपटों में घिर गया. ये अटैक विक्टोरिया बेस को टारगेट करते हुए किया गया था. अचानक हुए हमले के बाद यहां भीषण आग लग गई और पूरे इलाके में घुआं फैल गया. टारगेटेट अटैक की वजह से यहां काफी नुकसान पहुंचा.
अमेरिका का अहम सैन्य ठिकाना
बगदाद में विक्टोरिया बेस अमेरिका का अहम सैन्य ठिकाना है. ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को काफी इस बेस से काफी मदद मिल रही है. इसीलिए यहां बार-बार हमले किए जा रहे हैं. कोशिश यही है कि अमेरिका की सैन्य क्षमताओं को ज्यादा से ज्यादा टारगेट किया जाए ताकि उसका ऑपरेशन कमजोर किया जा सके.
एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया
इराक की राजधानी बगदाद में एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया. इसी एयरपोर्ट से अमेरिका के कई फाइटर जेट उड़ान भर रहे हैं लिहाजा ईरान और उसके समर्थक गुटों ने इसे टॉप टारगेट पर रखा है. मिसाइल और ड्रोन के डबल अटैक की वजह से यहां भीषण आग लग गई जिससे काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा.
बेस को काफी नुकसान होने की खबर है
इराक में ड्रोन अटैक के बाद हालात किस तरह विस्फोटक हो गए उससे जुड़ा एक वीडियो देखिए. ड्रोन तेजी से आगे बढ़ा, अपने लक्ष्य़ तक पहुंचा और पलक झपकते ही वहां जोरदार धमाका सुनाई दिया. इस अमरे में अमेरिकी बेस को काफी नुकसान होने की ख़बर है.
मिसाइलें अपने टारगेट को हिट करने में सफल रहीं
ईरान के साथ ही उसके समर्थक मिलिशिया गुट भी मिडिल ईस्ट में लगातार तबाही मचा रहे हैं. पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन मिलिशिया ने कुवैत को टारगेट करते हुए कई मिसाइलें और ड्रोन दागे. इस दौरान कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया जबकि कुछ मिसाइलें अपने टारगेट को हिट करने में सफल रहीं.
कुवैत पर कई ड्रोन दागे
कुवैत को निशाना बनाते हुए रात भर कई ड्रोन दागे गए. इस दौरान एयर डिफेंस सिस्टम लगातार एक्टिव रहा. कुवैत की डिफेंस मिनिस्ट्री ने ज्यादातर ड्रोन हवा में ही मार गिराने का दावा किया. साथ ही लोगों को भी अहतियात बरतने की हिदायत दी गई. ईरान की ओर से तेज होते हमले पूरे रीजन में बर्बादी का सबब बन चुके हैं.
बहरीन में एनर्जी सेक्टर खतरे में पड़ गया है. हमले के बाद BAPCO कंपनी के एक अहम स्टोरेज साइट आग की चपेट में आ गई. जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मर गया. आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. एनर्जी सेक्टर को लेकर मिडिल ईस्ट में इन दिनों दहशत है क्योंकि अमेरिका बार-बार ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दे रहा है. ऐसे में ईरान की ओर से किेए जा रहे अटैक से खौफ पैदा हो गया है.
आग की लपटें उठने लगीं
बहरीन में ईरान ने एक साथ कई ड्रोन दागे जिससे अलग-अलग इलाकों में तबाही मची. इस दौरान ड्रोन को इंटरसेप्ट करने में एयरडिफेंस मिसाइल नाकाम रही और सीधे BAPCO कंपनी के ऑयल फील्ड पर जा गिरी. मिसाइल गिरते ही वहां आग की लपटें उठने लगीं. ईरान इस वक्त पूरी आक्रामकता के साथ अटैक कर रहा है.
UAE में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
खाड़ी के तमाम देश ईरान के निशाने पर हैं. UAE में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाने के बहाने लगातार स्ट्राइक की जा रही है. देर रात किे गए हमलों के बाद UAE में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हुआ. डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया है कि अलग-अलग इलाकों में धमाकों की गूंज इसलिए सुनाई दी क्योंकि बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने में सफलता मिली.
सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयरबेस भी ईरान के निशाने पर है. जंग की शुरुआत के बाद से ही यहां कई हमले किए गए हैं. जिसकी वजह से अमेरिकी सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है. बार-बार की जा रही स्ट्राइक को काउंटर करने के लिए अमेरिकी नेवी ने टॉमहॉक मिसाइलें दागकर IRGC से बदला लेने का दावा किया है.
हालात इस वक्त बेहद गंभीर
पश्चिम एशिया में हालात इस वक्त बेहद गंभीर हैं. चुनौतियां इस कदर बढ़ चुकी हैं कि हर रोज अलग-अलग ठिकानों पर अटैक हो रहे हैं और तबाही मच रही है. फिलहाल खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा ऐसे में बड़ा सवाल है कि हालात कब और कैसे सुधरेंगे.
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