केरल सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेरोजगार महिलाओं और ट्रांसविमेन के लिए 'स्त्री सुरक्षा योजना' की औपचारिक शुरूआत की है। सीएम पिनरायी विजयन ने तिरुवनंतपुरम के मलयिंकीझु में इस योजना का उद्घाटन किया है। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 1,000 रुपए की राशि 10.18 लाख से ज्यादा स्वीकृत लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में प्रत्यक्ष लाभ अतंरण के जरिए से जमा की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और लैगिंग न्याय को बढ़ावा देना शामिल है।
योजना की पात्रता
इस योजना के तहत 35 से 60 साल की आयु वाली महिलाएं इसका लाभ ले सकती हैं। जोकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और किसी अन्य सामाजिक कल्याण पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रही हैं। वहीं ट्रांसविमन को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जोकि समावेशी कल्याण शासन की दिशा में एक अहम कदम है।
इस योजना के तहत लाभार्थी को हर महीने 1,000 रुपए की पेंशन बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि आवेदन सत्यापन के बाद अन्य पात्र आवेदकों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
पिछले वर्ष अक्टूबर में श्रमिक और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए 'स्त्री सुरक्षा योजना' की घोषणा व्यापक कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में की गई थी।
सीएम ने कहा कि आर्थिक निर्भरता महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में भागीदारी और स्वायत्तता को सीमित करती है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मान प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
केरल देश का पहला राज्य रहा है, जिसने विभागीय लेवल पर जेंडर बजटिंग को संस्थागत रूप दिया है। इस योजना के जरिए केरल समावेशी और संवेदनशील शासन की अपनी प्रतिबद्धता को अधिक मजबूत कर रहा है।
Continue reading on the app