फिजिकल हेल्थ- कोलेस्ट्रॉल पर 8 साल बाद आई नई गाइडलाइन:LDL 100 से नीचे रखने की सलाह, 20 साल से कराएं टेस्ट, जानें सभी जरूरी बातें
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) ने कोलेस्ट्रॉल पर नई गाइडलाइन जारी की है। यह अपडेट इसलिए अहम है, क्योंकि इसने कोलेस्ट्रॉल के पुराने पैरामीटर्स को पूरी तरह बदल दिया है। वर्ल्ड हेल्थ फेडरेशन (WHF) के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल सबसे ज्यादा मौतें कार्डियोवस्कुलर डिजीज (CVD) के कारण होती हैं। इससे हर साल 2 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत होती है। हाई कोलेस्ट्रॉल कार्डियोवस्कुलर डिजीज की बड़ी वजह है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल पर आई नई गाइडलाइन को समझना बेहद जरूरी है। आज 'फिजिकल हेल्थ' में कोलेस्ट्रॉल की नई गाइडलाइन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है? जवाब- दोनों चीजें पॉइंटर्स से समझिए- कोलेस्ट्रॉल क्या है? क्यों जरूरी है? सवाल- कोलेस्ट्रॉल पर आई नई गाइडलाइन क्या है, इसमें क्या बताया गया है? जवाब- नई गाइडलाइन में स्क्रीनिंग, रिस्क एसेसमेंट और लाइफस्टाइल पर जोर दिया गया है। पूरी गाइडलाइन ग्राफिक से समझिए- सवाल- नई गाइडलाइन के मुताबिक क्या अब 'नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल' की बेसलाइन बदल गई है? जवाब- बेसलाइन पूरी तरह नहीं बदली गई, बल्कि अब पर्सनलाइज्ड रिस्क पर जोर दिया गया है। पुरानी गाइडलाइन में लोगों को LDL 130 mg/dL से कम रखने की सलाह दी गई थी। अब इसे पर्सनलाइज्ड करके नॉर्मल, मीडियम और हाई तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या नई गाइडलाइन में रिस्क कैलकुलेशन को लेकर भी कोई बदलाव किए गए हैं? जवाब- नई गाइडलाइन में रिस्क कैलकुलेशन को पहले से ज्यादा कॉम्प्रिहेंसिव (व्यापक) बनाया गया है। ग्राफिक में इसे देखिए- सवाल- नई गाइडलाइन में मेंशन किया गया है कि कम उम्र में भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ रहा है। इसके पीछे क्या कारण हैं? जवाब- जेनेटिक रिस्क और खराब लाइफस्टाइल दोनों कारणों से कम उम्र में ही खतरा बढ़ रहा है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- हाई कोलेस्ट्रॉल हमारे हार्ट, ब्रेन और किडनी की हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- यह ब्लड वेसल्स को डैमेज करता है। इससे हार्ट, ब्रेन और किडनी तीनों ऑर्गन्स प्रभावित होते हैं। हार्ट ब्रेन किडनी सवाल- कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे मुख्य लाइफस्टाइल फैक्टर्स क्या हैं? जवाब- ये सभी लाइफस्टाइल फैक्टर्स मिलकर कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। पॉइंटर्स में देखिए- सवाल- अगर जांच में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आए तो तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए? जवाब- सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें और रिस्क एसेसमेंट करवाएं। सवाल- कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव जरूरी हैं? जवाब- बैलेंस्ड डाइट, एक्टिव लाइफ और अच्छी आदतें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए सबसे जरूरी हैं। ग्राफिक में इसके लिए 14 जरूरी रूल देखिए- सवाल- क्या सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल हो सकता है या दवा भी जरूरी होती है? जवाब- यह पूरी तरह रिस्क लेवल पर निर्भर करता है। अगर रिस्क कम है तो सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव से सुधार हो सकता है। रिस्क ज्यादा होने पर दवा के साथ लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए। गाइडलाइन के अनुसार- सवाल- जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज है, उन्हें कोलेस्ट्रॉल को लेकर क्या खास सावधानियां रखनी चाहिए? जवाब- ऐसे लोगों को LDL लेवल बहुत कम यानी 55 mg/dL तक रखना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब सवाल- LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) और HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) में क्या अंतर है? जवाब- LDL को बैड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। यह आर्टरीज में जमा होकर ब्लॉकेज की वजह बनता है। इससे हार्ट-डिजीज का रिस्क बढ़ता है। HDL को गुड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। यह एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल को आर्टरीज से हटाकर लिवर तक ले जाता है। यह हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा होता है। सवाल- किन लोगों को कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा रिस्क है? जवाब- जो लोग पहले से किसी क्रॉनिक डिजीज का सामना कर रहे हैं, उन्हें इसका ज्यादा रिस्क है। पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण क्या होते हैं? जवाब- आमतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल का कोई खास लक्षण नहीं होता। इसलिए इसे ‘साइलेंट प्रॉब्लम’ कहा जाता है। लंबे समय तक कोलेस्ट्रॉल हाई रहने पर यह हार्ट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसे पता करने के लिए स्क्रीनिंग जरूरी है। सवाल- क्या कम उम्र में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है? जवाब- हां, फैमिली हिस्ट्री के कारण कम उम्र में ही कोलेस्ट्रॉल ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा बचपन से ही अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड और कम फिजिकल एक्टिविटी के कारण कम उम्र में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। ……………………… फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- पसीना भी बताता है सेहत का हाल: स्वेटिंग पैटर्न से जानें यह किस हेल्थ कंडीशन का संकेत, कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी गर्मियों में पसीना आना कॉमन है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि तापमान सामान्य है, फिर भी पसीना आ रहा है। पसीने से अजीब सी स्मेल आ रही है। अगर हां, तो ये कॉमन नहीं है। इसका मतलब ये हो सकता है कि हमारा शरीर किसी हेल्थ कंडीशन की ओर इशारा कर रहा है। पूरी खबर पढ़िए…
जरूरत की खबर- गोंद कतीरा के 11 हेल्थ बेनिफिट्स:गर्मी में बॉडी को रखे कूल, फाइबर से भरपूर, जानें किन्हें नहीं खाना चाहिए
गर्मियों में शरीर को कूल और एनर्जेटिक बनाए रखना चैलेंजिंग होता है। इसके लिए लोग तरह-तरह के ड्रिंक्स और फूड का सहारा लेते हैं। लेकिन बाजार के शुगरी और कैफीन युक्त ड्रिंक्स सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि प्रकृति ने कुछ ऐसी चीजें दी हैं, जो गर्मी के मौसम में हमें कूल रखने में मदद करती हैं। इन्हीं में एक गोंद कतीरा है। यह एस्ट्रागलस (Astragalus) प्रजाति के पौधों से निकाला जाता है। आयुर्वेद में सदियाें से इसका इस्तेमाल शरीर को ठंडा रखने और पाचन सुधारने के लिए किया जाता रहा है। रिसर्च जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड फार्माकोडायनामिक्स (RJPPD) की स्टडी के मुताबिक, गोंद कतीरा गर्मियों में शरीर को नेचुरली कूल रखता है। यह हीट-संबंधी समस्याओं से बचाने में भी कारगर है। वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश स्टडी के मुताबिक, गोंद कतीरा में एंटी-माइक्रोबियल और इम्यून सपोर्टिव गुण होते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज बात गोंद कतीरा के हेल्थ बेनिफिट्स की। साथ ही जानेंगे- एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’ सवाल- गोंद कतीरा क्या होता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- गोंद कतीरा में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं? जवाब- इसमें डाइटरी फाइबर के अलावा कुछ और भी पोषक तत्व होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से 100 ग्राम गोंद कतीरा की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- गोंद कतीरा के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- पाॅइंटर्स से समझिए- सभी हेल्थ बेनिफिट्स नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- गोंद कतीरा हमेशा गर्मी के मौसम में ही क्यों खाया जाता है? जवाब- गोंद कतीरा पारंपरिक रूप से नेचुरल कूलेंट है। पानी में भिगोने पर यह जेली जैसा बन जाता है और शरीर को ठंडक देता है। इसे शरबत या दूध में मिलाकर लेने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी और कब्ज से राहत मिलती है। इसलिए इसे गर्म मौसम में खाया जाता है। सवाल- गोंद कतीरा खाने का सही तरीका क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या गोंद कतीरा रोज खा सकते हैं? जवाब- सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि हां, सीमित मात्रा में रोज खा सकते हैं। लेकिल कोई भी नई चीज डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। सवाल- एक बार में कितनी मात्रा में गोंद कतीरा खा सकते हैं? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 1–2 ग्राम गोंद कतीरा सुरक्षित है। इसे हमेशा पानी में भिगोकर लें। खाने के बाद पर्याप्त पानी पिएं। सवाल- क्या गोंद कतीरा के कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? जवाब- हां, ज्यादा या गलत तरीके से खाने पर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। सवाल- किन लोगों को गोंद कतीरा खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? जवाब- गोंद कतीरा सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों को इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं खाना चाहिए। जैसेकि- सवाल- गोंद कतीरा असली है या नहीं, ये कैसे पता करें? जवाब- कुछ आसान तरीकों से इसकी पहचान की जा सकती है- सवाल- बाजार से गोंद कतीरा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- गोंद कतीरा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें- …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- किस दवा के साथ क्या न खाएं?: गलत फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन के हेल्थ रिस्क, दवा खाने से पहले डॉक्टर से पूछें, लेबल पढ़ें आमतौर पर दवाएं लेते समय लोग डोज और टाइमिंग पर ध्यान देते हैं। लेकिन यह नहीं जानते कि दवा के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। कुछ फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन नुकसानदायक हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
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