कटा साई सुदर्शन का पत्ता! इस खिलाड़ी ने वॉर्म-अप मैच में तूफानी पारी खेल पक्की की अपनी जगह, जानिए बनाए कितने रन?
IND VS SLXI: भारत और श्रीलंका इलेवन के बीच वॉर्म-अप मुकाबला कोलंबों में खेला जा रहा है, जिसमें इस समय इंडियन क्रिकेट टीम की पहली पारी की बैटिंग जारी है. इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के एक बल्लेबाज ने तूफानी पारी खेल डाली है. इस शानदार पाकी के साथ साई सुदर्शन का पहले टेस्ट से पत्ता कट सकता है. दरअसल, भारत और श्रीलंका के बीच 15 से लेकर 27 अगस्त तक दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाने वाली है. इस सीरीज की टीम में साई सुदर्शन को शामिल किया गया है. साई सुदर्शन को एडी में चोट लगी थी, जिसके चलते वो बेंगलुरु स्थित सीईओ (CEO) में अपना रिहैब पूरा कर रहे हैं.
सुदर्शन मैच फिन नहीं थे, जिसके चलते वो टीम इंडिया के साथ 4 अगस्त को श्रीलंका के लिए भारत से उड़ान नहीं भर पाए थे. ऐसे में उन्होंने श्रीलंका इलेवन के साथ 7 अगस्त से शुरू हुए वॉर्म-अप मैच को मिस कर दिया, अब उनके श्रीलंका पहुंचने की उम्मीद है, सुदर्शन आज यानी 8 अगस्त को श्रीलंका पहुचं सकते हैं. लेकिन उससे पहले उनका पत्ता कटता हुआ नजर आ रहा है. क्योंकि भारत और श्रीलंका इलेवन के वॉर्म-अप मैच में उनकी जगह यानी नंबर 3 पर खेलने वाले खिलाड़ी ने शानदार पारी खेल ली है.
Will Sai Sudharsan be fit for the 1st Test in Galle? ????????????????⏳
— Cricket Hub (@Anurag9793) August 5, 2026
• Fitness clearance race! In-form batter Sai Sudharsan is continuing his recovery from a toe injury at the BCCI Centre of Excellence in Bengaluru.
• Encouraging signs: He has resumed full batting sessions in the… pic.twitter.com/BoAxLrB02z
साई सुदर्शन का कटेगा पहले टेस्ट से पत्ता?
इस वॉर्म-अप मैच में भारत के लिए नंबर 3 पर खेलने आए देवदत्त पडिक्कल श्रीलंका इलेवन के खिलाफ शानदार पारी खेली. उन्होंने अब तक अर्धशतक लगा लिया है और वो क्रीज पर नाबाद बने हुए हैं. पडिकक्ल ने 61 बॉल में अपने 50 रन पूरे किए. इस दौरान उन्होंने 6 चौके लगाए. इस सयम वो 59 रन बनाकर खेल रहे हैं.
FIFTY for Devdutt Padikkal! ???? ????
— BCCI (@BCCI) August 8, 2026
A well-compiled and brisk half-century this is from the left-hander! ????
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राहुल के साथ पडिक्क्ल ने पारी को बढ़ाया आगे
इस मैच में देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ मिलकर 138 बॉल में 96 रनों की साजेदारी कर डाली. पडिक्कल की ये पारी श्रीलंका की सरजमीं पर आई है. उन्होंने अपनी इस पारी में सिंगल डबल लेकर पारी को आगे बढ़ाया. ऐसा करके उन्होंने साबित कर की वो भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से होने वाले मैच में नंबर 3 पर टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं. ऐसे में साई सुदर्शन का पत्ता प्लेइंग-11 से कट सकता है. इसके अलावा सुदर्शन को श्रीलंका में अभ्यास का मौका नहीं मिला है, जब वो आएंगे तो उनको यहां की परिस्थितियों में ढलने का मौका नहीं मिल पाएगा. ऐसे में उन्हें पहले टेस्ट से आराम दिया जा सकता है. वहीं उनको दूसरे टेस्ट में मौका मिल सकता है.
A half-century stand ✅
— BCCI (@BCCI) August 8, 2026
KL Rahul ???? Devdutt Padikkal
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कैसा रहा अब तक मैच का हाल
टीम इंडिया आज दूसरे दिन पारी की शुरूआत करने आई और दूसरी ही बॉल पर यशस्वी जायसवाल 0 पर आउट हो गए. भारत अब तक27 ओवर में 2 विकेट पर 104 रन बना चुका है. रविद्र जडेजा 5 रन बनाकर देवदत्त पडिक्क्ल के साथ खेले रहे हैं. इस मैच की बात करें तो, श्रीलंका इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डे-1 पर 90 ओवर में 8 विकेट खोकर कुल 363 रन बनाए. श्रीलंका इलेवन के लिए सबसे ज्यादा रन निशान मदुशंका ने 65 गेंद पर 66, पासिंदु सूरियाबांद्रा ने 63 गेंद पर 35, रविंद्र रासांथा ने 143 गेंद पर 71 और कप्तान सोनल दिनुशा को 52 बनाए. अब श्रीलंका की 2 विकेट बाकी है.
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एरोबिक जिम्नास्टिक्स में भारत का पहला एशियाई स्वर्ण, 19 साल की अरिहा पांगाम्बम ने रचा इतिहास
Ariha Pangambam Won Gold In Aerobic Gymnastics: भारत के खेल इतिहास में एक और नया अध्याय जुड़ गया है. जिस खेल को देश में क्रिकेट, हॉकी या ओलंपिक जिम्नास्टिक्स के मुकाबले कभी बराबर की पहचान नहीं मिली, उसी एरोबिक जिम्नास्टिक्स में भारत की एक युवा खिलाड़ी ने एशिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. अरिहा पांगाम्बम ने एशियाई एरोबिक जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में वरिष्ठ महिला व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया है. इस स्पर्धा में एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण जीतने वाली वह पहली भारतीय हैं.
फिलीपींस में हुए मुकाबले के फाइनल में अरिहा ने 19.100 अंक हासिल किए. उनके प्रदर्शन में कलात्मकता के 8.650, निष्पादन के 7.600 और कठिनाई के 2.850 अंक शामिल रहे. स्कोर से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इस बार भारतीय तिरंगा उस मंच के सबसे ऊपर पहुंचा, जहां इससे पहले इस स्पर्धा में भारत के नाम स्वर्ण नहीं था.
एक स्वर्ण, एक कांस्य… भारत की झोली में दो पदक
भारत के लिए चैंपियनशिप सिर्फ अरिहा के स्वर्ण तक सीमित नहीं रही. वरिष्ठ एयरो स्टेप में भारतीय टीम ने कांस्य पदक भी अपने नाम किया. यानी इस बार एशियाई चैंपियनशिप से भारत के खाते में एक स्वर्ण और एक कांस्य आया है.
एरोबिक जिम्नास्टिक्स में खिलाड़ियों को बेहद तेज गतिविधियों, लचीलेपन, संतुलन, ताकत और तालमेल को एक साथ साधना पड़ता है। कुछ ही सेकंड के प्रदर्शन में छोटी सी गलती भी पूरे अंक बदल सकती है। ऐसे में अरिहा का प्रदर्शन और उसके साथ टीम का कांस्य भारतीय जिम्नास्टिक्स के लिए खास मायने रखता है।
22 YEAR OLD CREATES HISTORY FOR INDIAN AEROBIC GYMNASTICS! ????????
— The Khel India (@TheKhelIndia) August 7, 2026
Manipur’s Ariha Pangambam becomes the first-ever Indian to win Gold in the Senior Women’s Individual event at the Asian Aerobic Gymnastics Championships ????
WOOOAH, WELL DONE GIRL!!!! ????????❤️ pic.twitter.com/WtHKG24d6R
“यह सिर्फ एक पदक नहीं, एक नई शुरुआत है”
भारतीय दल के प्रमुख इंद्रजीत सिंह राठौर ने इस उपलब्धि को भारतीय एरोबिक जिम्नास्टिक्स के लिए ऐतिहासिक बताया। न्यूज नेशन से साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि वरिष्ठ महिला व्यक्तिगत वर्ग में भारत का पहला स्वर्ण और वरिष्ठ एयरो स्टेप में कांस्य पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है.
राठौर ने अरिहा के प्रदर्शन को खास तौर पर रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने जिस आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ प्रदर्शन किया, वह देश के युवा जिम्नास्टों को प्रेरित कर सकता है. उन्होंने इस सफलता का श्रेय सिर्फ खिलाड़ियों को नहीं, बल्कि प्रशिक्षकों, निर्णायकों और सहयोगी दल की सामूहिक मेहनत को भी दिया. उनका कहना है कि वरिष्ठ एयरो स्टेप में कांस्य ने भी यह दिखाया है कि भारतीय खिलाड़ी अब एशिया के शीर्ष स्तर पर मुकाबला करने की क्षमता रखते हैं.
अरिहा की जीत का मतलब सिर्फ एक स्वर्ण पदक से कहीं ज्यादा
भारत में एरोबिक जिम्नास्टिक्स को लेकर अभी वैसी पहचान नहीं है जैसी दूसरे लोकप्रिय खेलों को हासिल है. ऐसे में अरिहा का एशियाई चैंपियनशिप में सबसे ऊपर पहुंचना इस खेल की ओर नई नजर से देखने की वजह भी बन सकता है. इंद्रजीत सिंह राठौर के मुताबिक, यह उपलब्धि अंतिम पड़ाव नहीं है.
उनके मुताबिक यह एक नई यात्रा की शुरुआत है और उन्हें उम्मीद है कि भारतीय एरोबिक जिम्नास्टिक्स आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेगी. अरिहा पांगाम्बम के लिए यह एक व्यक्तिगत उपलब्धि जरूर है, लेकिन भारतीय खेल के लिए इसका अर्थ बड़ा है. एशियाई चैंपियनशिप में पहली बार इस वर्ग में स्वर्ण जीतकर उन्होंने यह दिखाया है कि भारतीय खिलाड़ियों की पहुंच सिर्फ पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है. एक नया खेल, एक नया नाम और भारत के खाते में एक ऐतिहासिक स्वर्ण, अरिहा पांगाम्बम ने देश को गर्व करने का एक और मौका दिया है.
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