Rishabh Pant को Uttarakhand में जमीन खरीदने में मदद देंगे CM Pushkar Singh Dhami
देहरादून, आठ अगस्त लोकप्रिय क्रिकेटर ऋषभ पंत की ओर से उत्तराखंड में जमीन खरीदने के लिए मदद मांगे जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए शनिवार को कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। धामी ने कहा, “अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां लौटकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।” इससे पहले पंत ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया था कि उत्तराखंड से होने के नाते वह अपने राज्य से बेहद लगाव रखते हैं और दिल्ली से अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं। पंत मूल रूप से हरिद्वार जिले के रुड़की के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन साल से यहां जमीन खरीदने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उपयुक्त जमीन नहीं मिल पाई है।
पंत ने कहा कि वह अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस आना चाहते हैं और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड में जमीन खरीदने की प्रक्रिया को कठिन बताते हुए मुख्यमंत्री से इसमें मदद करने का अनुरोध किया।
CM रेखा गुप्ता ने Kanwar Yatra शिविर का दौरा किया, कांवड़ियों को सभी सुविधाएं देने का दावा
नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के दिलशाद गार्डन इलाके में दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के निकट स्थित एक कांवड़ शिविर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कांवड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। गुप्ता ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चाहे वित्तीय सहायता हो, सफाई व्यवस्था हो या बिजली-पानी की आपूर्ति, दिल्ली सरकार ने सुनिश्चित किया कि कांवड़ शिविरों का रखरखाव बेहतर ढंग से हो।
पिछले साल की तरह इस साल भी हमारे भोले के भक्तों को किसी भी तरह की समस्या भी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया गया है।’’ दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी। मंत्रिमंडल के फैसले के तहत 20 हजार वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैले और छह से बारह दिन तक आयोजित होने वाले कांवड़ शिविरों के लिए अब वित्तीय सहायता 15 लाख रुपये कर दी गई है।
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