राहुल गांधी के बयान को BJP ने सराहा, किरेन रिजिजू ने कहा- उनके विचार सकारात्मक संदेश देते हैं
महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बायन पर अब राजनीति शुरू हो गई है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के वीडियो संदेश को सकारात्मक बताया और कहा कि वे महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख साफ करने के लिए कहा. दरअसल, शुक्रवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा कि कोई देश तब तक पूरी तरह आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक उसकी महिलाएं खुलकर अपनी बातें नहीं रख लेती हैं.
किरेन रिजिजू ने दी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इस बयान पर किरेन रिजिजू ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस की ओर से सकारात्मक संदेश दिखाई देता है. रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के महिलाओं को लेकर विचारों में बदलाव दिखाई दे रहा है. उन्होंने इस पर सवाल भी किया. उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस के विचार वास्तव में बदल गए हैं? रिजिजू ने कहा कि उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण कानून का समर्थन करेगी.
खास बात है कि ये बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब महिला आरक्षण को लागू करने के तरीके और परिसीमने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद हो गए हैं.
This seems to be a positive message from the Congress Party. There's a visible change of heart in Shri Rahul Gandhi Ji about the Women. Now, I hope Congress Party will support the Women's Reservation Bill unconditionally. https://t.co/nSzH2C6Orf
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 8, 2026
महिला आरक्षण पर पक्ष और विपक्ष के अलग-अलग तर्क
दरअसल, संसद ने महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून पारित किया है लेकिन इसका लागू होना परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है. कांग्रेस और विभिन्न विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण को मौजूदा सीटों की संख्या के आधार पर लागू होना चाहिए. वहीं, सरकार परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ाकर महिला आरक्षण लागू करना चाहती है.
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ राजनीति या फिर कारोबार में आगे बढ़ने का मौका देना ही काफी नहीं है. उन्हें अपने घर में अपनी बात रखने, समाज में बिना डरे आगे बढ़ने और परिवार के सदस्यों से सवाल करने की आजादी भी मिलनी चाहिए. उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच और महिलाओं पर लगाए जाने वाले सामाजिक नियंत्रण को कम करने की जरूरत बताई है. राहुल ने कहा कि भारत की महिलाएं देश की शक्ति और सबसे बड़ी संपत्ति है. शिक्षा व्यवस्था और कॉर्पोरेट क्षेत्र में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर भी सवाल खड़े किए हैं.
"The energy of India's women is trapped. It is not allowed to express itself. It is not allowed to imagine. For me, no country can be successful if its women are not expressing themselves.
— Congress (@INCIndia) August 7, 2026
And I think a lot of my politics, and a lot of what politics should be in this country, is… pic.twitter.com/qo3P42kurY
बयान पर राजनीतिक चर्चाएं तेज
पूरा मामला अब महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ महिला आरक्षण के मुद्दे के इर्द-गिर्द भी घूमने लगा है. राहुल गांधी के बयान पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी के बाद दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर आगे भी राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की उम्मीद है.
Kamika Ekadashi 2026: कल कामिका एकादशी पर बन रहा द्विपुष्कर योग, नोट करें पूजा मुहूर्त, पारण का समय और नियम
Kamika Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व होता है. कामिका एकादशी भी उन्हीं में से एक है जिसे बेहद खास माना जाता है. सावन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी न सिर्फ भगवान विष्णु को बल्कि भगवान शिव को भी समर्पित है. यह एकादशी सभी एकादशियों में पवित्र मानी जाती है. इस दिन विष्णु भगवान की पूजा विधि-वत करने से अश्वमेध यज्ञ जितना फल प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार, इस साल की कामिका एकादशी पर द्विपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. इस कारण ये एकादशी पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए खास शुभ मानी जाती है.
कामिका एकादशी 2026 तिथि और समय
द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और 9 अगस्त को रात 11:04 पर समाप्त होगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 9 अगस्त 2026 रविवार को एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
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कामिका एकादशी का शुभ मुहूर्त
9 अगस्त कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 2 मिनट से लेकर 4:45 मिनट तक
- अमृत काल- सुबह 6:42 से रात 8 बजकर 9 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 37 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक
- विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 15 मिनट से लेकर 3 बजकर 7 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 6:38 से शाम 7 बजे तक
कब किया जाएगा कामिका एकादशी का पारण?
कामिका एकादशी व्रत का पारण करने के लिए द्वादशी तिथि को शुभ माना जाता है. साल 2026 में पारण करने के लिए 10 अगस्त 2026, सोमवार की तिथि है. यह दिन पारण के लिए सबसे उत्तम है. इस दिन पारण करने के लिए सुबह 5 बजकर 50 मिनट से लेकर सुबह 8 बजे तक पारण किया जाएगा.
कामिका एकादशी पर पारण के नियम
1.द्वादशी तिथि पर करें पारण- एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर सूर्योदय के पश्चात ही किया जाता है. द्वादशी समाप्त होने के बाद और हरिवासर में पारण नहीं किया जाता है.
2.भगवान विष्णु की पूजा के बाद व्रत खोलें- कामिका एकादशी पर पारण करने से पहले स्नान करे और भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें. उन्हें तुलसी दल अर्पित करें और पारण करने का संकल्प लें.
3.तुलसी और जल से पारण करें- पारण की शुरुआत जल और तुलसी पत्र ग्रहण करके किया जाता है. इसके बाद हल्का और सात्विक भोजन खाएं.
4.सात्विक भोजन खाएं- पारण के दिन तामसिक भोजन नहीं खाना चाहिए. इस दिन आपको सामान्यत: फल, दूध, दही और खिचड़ी, साबूदाना या हल्का सात्विक भोजन खा सकते हैं. भोजन अपनी स्वास्थ्य स्थिति और व्रत की परंपराओं के अनुसार ही चुना जाता है.
5.द्वादशी में दान का महत्व- कामिका एकादशी के पारण के दिन भोजन ग्रहण करने से पहले जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल और अपने सामर्थ्य के अनुसार, दान करना चाहिए.
कामिका एकादशी पर ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा और व्रत का संकल्प लेना चाहिए. इसके बाद घर के पूजा स्थान पर भगवान श्रीहरि विष्णु को पीले फूल अर्पित करें, तुलसी दल चढ़ाएं, पंचामृत, फल और नैवेद्य अर्पित करें. भगवान विष्णु की पूजा करते समय विष्णु सहस्रनाम, ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप और एकादशी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए. सावन का महीना होने के कारण इस एकादशी पर भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.
कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में कामिका एकादशी को पापों का नाश करने और मनोकामनाएं पूरी करने वाली एकादशी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विधिवत और श्रद्धा के साथ व्रत रखने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. इस दिन विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि के मंत्रों का जाप, सत्यनारायण कथा, पार्थिव पूजन और रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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