चीनी लोग छिंगमिंग महोत्सव के दौरान शहीदों को करते हैं श्रद्धांजलि अर्पित
बीजिंग, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन का पारंपरिक छिंगमिंग महोत्सव रविवार को है। हर साल इस महोत्सव के दौरान, चीनी लोग अपने शहीदों की वीर आत्माओं को याद करते हैं और अपने देश द्वारा तय किए गए गौरवशाली पथ पर एक नजर डालते हैं।
जब भी सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग किसी क्रांतिकारी स्मारक स्थल का दौरा करते हैं, तो वे नायकों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, स्मारक स्थलों का दौरा करते हैं, शहीदों के वंशजों से मिलते हैं और उनके कार्यों को याद करते हैं।
महासचिव शी चिनफिंग ने एक बार उत्साहपूर्वक कहा था, आशावान राष्ट्र नायकों के बिना नहीं रह सकता और उज्ज्वल भविष्य वाले देश में अग्रदूतों की कमी नहीं हो सकती। जापान के विरुद्ध प्रतिरोध युद्ध में लड़ने वालों सहित सभी राष्ट्रीय नायक चीनी राष्ट्र की रीढ़ हैं, और उनके कर्म और भावना एक शक्तिशाली प्रेरणा हैं, जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
गौरतलब है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से, कॉमरेड शी चिनफिंग के नेतृत्व में सीपीसी केंद्रीय समिति ने चीनी विशेषताओं वाले सम्मान और पुरस्कारों की प्रणाली की स्थापना और सुधार को बढ़ावा दिया है, राष्ट्र के नाम पर नायकों और शहीदों को याद किया है। साथ ही मेधावी व्यक्तियों को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है और व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से अग्रदूतों और आदर्शों की देखभाल की है, जिससे समाज में नायकों का सम्मान करने, गुणी लोगों से सीखने और अग्रणी बनने का प्रयास करने का सकारात्मक माहौल बना है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सिर्फ अनार ही नहीं, इसका छिलका भी है औषधीय गुणों से भरपूर, अतिसार से लेकर कब्ज में मिलेगी राहत
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। अनार सितंबर से फरवरी तक आसानी से मिल जाता है, लेकिन आज के समय में ग्रीन हाउस और कोल्ड स्टोरेज की वजह से साल भर मीठे अनार का आनंद लिया जा सकता है। अनार एक ऐसा फल है कि जिसका छिलका भी कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करता है। आयुर्वेद में अनार को दाडिम कहा जाता है, जो केवल फल नहीं, बल्कि औषधि है।
आयुर्वेद में अनार को वात, कफ और पित्त संतुलित करने वाला फल माना जाता है, जो शरीर में रक्त को बढ़ाता है और कमजोरी से भी बचाता है। अनार पाचन को समर्थ बनाता है, रक्त को पोषित करता है, त्वचा को निखारता है और शरीर को भीतर से बल देता है।
अगर चेहरे पर मुहांसे और गहरे दाग-धब्बे परेशान करते हैं, तो अनार के छिलके से बना पेस्ट चेहरे में नई जान डाल देता है। इसके लिए अनार के छिलके के चूर्ण को गुलाबजल के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। पेस्ट को चेहरे पर हफ्ते में दो बार लगाएं। यह फेसपैक चेहरे पर पनप रहे बैक्टीरिया को खत्म करता है, जिससे मुहांसे और एक्ने कम होते हैं।
गर्मियों में अक्सर अतिसार की परेशानी होती है क्योंकि थोड़ा सा भी तेलीय खाना खाने के बाद पेट की पाचन शक्ति प्रभावित होती है। ऐसे में अतिसार होना आम बात है। इसके लिए अनार के छिलके के पाउडर को छाछ में मिलाकर जीरे के साथ सेवन करें। ऐसा करने से पेट में पल रहे हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होंगे और आंतों की सूजन भी कम होगी।
बच्चों को अक्सर पेट में कीड़ों होने की शिकायत बनी रहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चें बिना हाथ धोए खाना खा लेते हैं। ऐसे में रोजाना बच्चे को खाली पेट अनार के दानों का सेवन कराना चाहिए। इससे आंतों पर पल रहे कीड़ों का नाश होता है और पेट में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है। इसके अलावा अगर हीमोग्लोबिन की कमी है, तब भी रोजाना 1 अनार का सेवन किया जा सकता है। अनार का जूस पीने से बचें। अनार के जूस में फाइबर कम होता है और यह शरीर को सिर्फ पानी की तरह लगता है। कोशिश करें कि अनार के दानों का सेवन करें।
बवासीर में भी अनार के छिलके के पाउडर का सेवन करना लाभकारी होता है। आयुर्वेद के मुताबिक अनार के छिलके के पाउडर को छाछ के साथ लेने से आराम मिलेगा और पेट में कब्ज भी नहीं होगी।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
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