Ground Report: तेल अवीव में फिर से मिसाइलों की बरसात, राहुल डबास की रिपोर्ट में देखें कैसे हैं हालात?
Ground Report: हाल ही में ईरान ने एक बार फिर से इजराइल के खिलाफ मिसाइलों की भारी बरसात की है. यह हमला खास तौर पर तेल अवीव (Tel Aviv) और यरूशलम (Jerusalem) जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाकर किया गया है. न्यूजनेशन के सीनियर रिपोर्टर राहुल डबास ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया कि जहां मिसाइलों की आवाज और हवा में धमाके सीरियस अलार्म (सायरन) की आवाज के साथ सुनाई दिए, वहीं इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को समय रहते इंटरसेप्ट (रोका) किया है.
कितनी खतरनाक हैं मिसाइल?
राहुल डबास ने बताया कि सरकार के सुरक्षा अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, मिसाइलें आमतौर पर बालिस्टिक और क्लस्टर हेडेड प्रकार की हैं. क्लस्टर हेडेड मिसाइल एक बड़े गोले की तरह पहुंचकर खुद कई छोटे बमों में विभाजित हो जाती है, जिससे वे बड़े इलाके में फैलकर भारी तबाही फैलाती हैं. यह तरीका आमतौर पर सैन्य रक्षा और नागरिक क्षेत्रों दोनों के लिए बेहद खतरनाक होता है.
सायरन और मिसाइल की आवाज
सीनियर रिपोर्टर ने आगे बताया कि जब मिसाइलें हवा से आती हैं, तो इजराइल के अलग‑अलग शहरों में सीरियस अलार्म बजते हैं. इसका मतलब है कि मिसाइलें ऊपर से गुजर रही हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का अलर्ट मिला है. कई इलाकों में लोग बम शेल्टर (बम आश्रयों) में छुपते हुए नजर आए हैं, ताकि उनकी जान सुरक्षित रहे.
एयर डिफेंस और इंटरसेप्टर मिसाइलें
इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम काफी उन्नत है और उसने कई मिसाइलों को ऊपर हवा में ही रोकने में सफलता पाई है. इंटरसेप्टर मिसाइलें वो मिसाइलें होती हैं जो दुश्मन के प्रक्षेपित मिसाइलों को हवा में ही तबाह कर देती हैं, ताकि वे जमीन तक न पहुंचें. कई बार इन इंटरसेप्टर्स की भिड़ंत से आसमान में धमाके भी देखे और सुने गए हैं.
शहरों और नागरिकों पर प्रभाव
तेल अवीव और आस‑पास के इलाके
तेल अवीव के कुछ हिस्सों में मिसाइलों ने सीधे असर डाला है. वहां कई जगहों पर भवनों और गाड़ियों को नुकसान हुआ है. कुछ इलाकों में लोगों को हल्की‑सी चोटें भी आई हैं और कुछ को अस्पताल ले जाया गया है.
यरूशलम में धमाके
यरूशलम में भी मिसाइलें देखी और सुनी गईं, जिससे वहां के निवासियों में भय और तनाव की स्थिति बनी हुई है. कई लोग अपने घरों के अंदर सुरक्षित स्थानों में बैठे हैं.
इंडीस्ट्रीयल एरिया और तेल भंडार
खबरों में बताया गया कि कुछ मिसाइलों ने ऐसे इंडस्ट्रियल एरिया को भी निशाना बनाया, जहां तेल के बड़े‑बड़े टैंक रखे हुए हैं. इस वजह से यह इलाका युद्ध के समय एक संभावित बड़ा लक्ष्य बन जाता है. स्थानीय लोग वहां से भागते हुए भी दिखे हैं.
युद्ध का व्यापक प्रभाव
इस संघर्ष के चलते न सिर्फ इजराइल और ईरान के बीच ही लड़ाई जारी है, बल्कि क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ चुका है. ईरान के मिसाइल हमले इजराइल के अलावा कुछ अन्य देशों जैसे कि यमन और लेबनान के समर्थित समूहों द्वारा भी किये जा रहे हैं. कुछ मिसाइलें इजराइल के उत्तर और दक्षिणी इलाकों की तरफ भी देखी गई हैं.
यह पूरी स्थिति इस बात की तरफ इशारा करती है कि विवाद सिर्फ एक सिंगल हमला नहीं बल्कि व्यापक संघर्ष में बदल चुका है. सैन्य रणनीति, मिसाइल तकनीक, और दोनों देशों की सीमा पार की हमलों ने यह जंग और खतरनाक रूप ले लिया है.
लोगों के मन में क्या है?
लोगों ने सीनियर रिपोर्टर राहुल डबास को बताया कि रोज‑रोज ऐसे धमाके सुनना और शरण स्थलों में रहना नॉर्मल हो गया है. बाजार और रोजमर्रा की जिन्दगी पहले की तरह नहीं रही. कुछ हालातों में लोग घरों से निकलने से डरते हैं, और कई जगहों पर बाजार पूरी तरह खाली हो गए हैं क्योंकि लोग अपनी जान बचाने में लगे हैं.
इजराइल में सीरियस अलार्म रोजमर्रा की बात
राहुल डबास की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार ईरान के मिसाइल हमलों से इजराइल में सीरियस अलार्म, धमाके और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर्स का इस्तेमाल रोजमर्रा की बात बन गया है. शहरों और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कई बार चेतावनी दी गई है और मिसाइलें कई इलाकों में गिर चुकी हैं. यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव का विषय बन चुका है.
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रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ट्रेन कोच को बना रहा आधुनिक: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। इस दिशा में ट्रेनों के कोच पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से दी गई।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया,यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे ने नए डिजाइन के कोच और बेहतर टॉयलेट्स के मॉडल तैयार किए हैं। मौजूदा कोच को अपग्रेड कर एक सैंपल कोच तैयार किया गया है।
इसके साथ केंद्रीय मंत्री ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें अपग्रेड किए गए सैंपल कोच को दिखाया गया।
वीडियो में अपग्रेड किए गए कोच और टॉयलेट्स में जोड़ी गई सुविधाओं को दिखाया गया है। इससे यात्रियों के सफर को पहले के मुकाबले अधिक आरामदायक बनाने में मदद मिलेगी।
इससे पहले वैष्णव ने एक पोस्ट में कहा था कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का कार्य तेजी से चल रहा है।
वैष्णव ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिए लगभग 1500 एआई कैमरे लगाए जाएंगे, जो चप्पे-चप्पे की निगरानी करेंगे।
हर कर्मचारी और वेंडर को आईडी कार्ड और जैकेट दी जाएगी, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही, भारत टैक्सी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्टेशन से जोड़ा जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर नए साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मार्च के मध्य में संसद को बताया कि भारतीय रेल से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी गिरावट आई है, और गंभीर दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।
लोकसभा में लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है, और निरंतर उपायों से परिचालन सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 (28 फरवरी तक) में मात्र 14 रह गई है।
मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चला कि 2004-05 से 2013-14 के दौरान 1,711 गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 904 लोगों की मौत हुई और 3,155 लोग घायल हुए। 2014-15 से 2023-24 के बीच यह संख्या घटकर 678 दुर्घटनाएं रह गई, जिनमें 748 लोगों की मौत हुई और 2,087 लोग घायल हुए।
--आईएएनएस
एबीएस/
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