पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की गीदड़भभकी, बोले: भविष्य में कुछ हुआ तो कोलकाता होगा निशाना
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को भारत को चेताया कि भविष्य में अगर किसी भी प्रकार का दुस्साहस होता है तो जवाब कोलकाता में हमले से होगा. आसिफ ने लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर अपने गृहनगर सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर भारत ने इस बार हमें जिम्मेदार ठहराया और सैन्य ऑपरेशन की कोशिश की तो हम कोलकाता पर निशाना साधेंगे.
भारत पर लगाए ये आरोप
आसिफ का दावा है कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि भारत अपने लोगों या पाकिस्तानियों के जरिए एक झूठ भरे अभियान (फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन) की योजना बना रहा है. इसमें कुछ शवों को कहीं डाल कर यह कहा गया कि वे आतंकवादी थे और उन्होंने ऐसा-ऐसा किया है.’ हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में किसी तरह का सबूत नहीं दिया. गुरुवार को आसिफ ने कहा था कि किसी भी हमले पर पाकिस्तान की प्रक्रिया तेज और पूरी योजना के तहत होगी.
US-Iran War: ईरान को फिर से 48 घंटों का ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम, पावर प्लांट्स बर्बाद करने की दी धमकी
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है. युद्ध को आज (4 अप्रैल) 36 दिन हो गए हैं. बावजूद इसके कोई भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चेतावनी जारी कर दी है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान तय समय के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को दिए गए समय में सिर्फ 48 घंटे ही बचे हैं.
ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि याद है, मैंने जब ईरान को समझौता करने के लिए या फिर होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 10 दिन का वक्त दिया था. वक्त तेजी से बीत रहा है. 48 घंटे बाद अमेरिका ईरान पर कहर बनकर टूट पड़ेगा.
बता दें, 26 मार्च को ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करने की समय सीमा उन्होंने बढ़ा दी है. इस दौरान, ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना नहीं बनाया जाएगा. हालांकि, युद्ध खत्म करने के अमेरिका के प्रस्ताव को ईरान ने साफ मना कर दिया था. ईरान ने प्रस्ताव को अनुचित और एकतरफा बताकर खारिज किया था.
ट्रंप बोले- ईरान का पावर प्लांट तबाह कर दूंगा
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने समय मांगा था कि उनके पावर प्लांट्स पर सात दिन हमले न किए जाएं. हमने उन्हें समय सीमा बढ़ाकर 10 दिन करने का फैसला किया. छह अप्रैल को समय सीमा खत्म हो रही है. ट्रंप ने कहा कि तेहरान के अधिकारियों ने उनके प्रशासन से संपर्क किया था. कूटनीतिक बातचीत के तहत ईरान ने अधिक समय सीमा की मांग की थी. ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने मेरे लोगों के जरिए मुझसे बहुत ही विनम्रता से पूछा कि क्या हमको थोड़ा और वक्त मिल सकता है. वे अगर अब मेरी बात नहीं मानेंगे तो मैं उनके पावर प्लांट्स तबाह कर दूंगा.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बदल रहे हैं ट्रंप के बयान
बता दें, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं. पहले ट्रंप ने 48 घंटे के अंदर होर्मुज स्ट्रेट खोलने और पावर प्लांट पर हमले की धमकी दी थी. बाद में उन्होंने इसकी मियाद 10 दिन के लिए बढ़ा दी. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उन्होंने बीच में एक और बयान दिया, जिसमें उन्होंने नाटो पर निशाना साधते हुए कहा कि अब होर्मुज खुलवाने की जिम्मेदारी नाटो की है. ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका को इस रास्ते से तेल मंगवाने की जरूरत नहीं है, जो देश होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर हैं, वे अब इसकी जिम्मेदारी उठाएं.
इसलिए ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को लेकर इसलिए चेतावनी दी कि कई देश इस मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं, उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. उन्होंने कहा कि देश इस रास्ते से तेल पर निर्भर है. आगे आकर उनको इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. अमेरिका उनकी इसके लिए मदद करेगा. अमेरिका और इस्राइल की ओर से 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया था, जिस वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है.
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