Raghav Chadha: 'मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं', राघव चड्ढा का AAP के 3 आरोपों पर पलटवार
आम आदमी पार्टी की ओर से राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाने के बाद से राजनीति जारी है। इस राजनीति की शुरुआत तब हुई, जब राघव चड्ढा की बजाय इस पद की जिम्मेदारी अशोक मित्तल को सौंपी गई। राघव चड्ढा ने पूछा था कि वह जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं। क्या इससे आम आदमी पार्टी को नुकसान होगा। इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने उन पर पार्टी हित और देश हित के मुद्दों पर खामोशी बरतने के आरोप लगाए। अब आप सांसद ने इन आरोपों पर तीखा पलटवार किया है।
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चल रहा है। वही भाषा, वही शब्द, वही आरोप। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला है। पहले तो मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि अगर झूठ को सौ बार दोहराया जाए, तो शायद कुछ लोग उस पर विश्वास कर लें। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाए हैं और कहा है कि इन तीन आरोपों के कारण वे राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका नहीं देंगे। पहला आरोप यह है कि जब विपक्ष संसद से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। वे वॉकआउट नहीं करते। यह सरासर झूठ है। दूसरा आरोप यह है कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, उन्हें हटाने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह भी एक सरासर झूठ है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने मुझसे इस प्रस्ताव पर औपचारिक या अनौपचारिक रूप से हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से छह या सात ने खुद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो इसमें मेरी क्या गलती है? सारा दोष मुझ पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है? उन्होंने कहा कि मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक्रोफोन तोड़ने या गाली-गलौज करने नहीं गया था। मैं वहां जनता के मुद्दों को उठाने गया था।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
उदित राज ने राघव चड्ढा को दिया समर्थन
कांग्रेस नेता उदित राज ने राघव चड्ढा को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, 'राघव चड्ढा ने ऐसी कोई गलती नहीं की, जिसके चलते उनका पद छीना जाए। उन्होंने जिस तरह से मुद्दे उठाए, सभी नेताओं को उनका अनुसरण करना चाहिए।' उनका यह बयान कांग्रेस से निमंत्रण है या नहीं, जानने के लिए यहां क्लिक कीजिए
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होर्मुज से गुजरा 8वां भारतीय जहाज, युद्ध के बीच ट्रांसपोर्ट में सबसे सफल देशों में शामिल
भारत ने इन जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए दोहरी रणनीति अपनाई। एक ओर ईरान के साथ सीधे कूटनीतिक संपर्क स्थापित किए गए, जिसके चलते कुछ जहाजों को ईरानी तट के करीब से गुजरने की इजाजत मिली।
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