ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने शनिवार को ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।
आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।
जायसवाल ने कहा, अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।
उन्होंने आगे कहा, हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।
भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान ने एफ15 के बाद अमेरिका के ए10 युद्धक विमान को भी मार गिराया, लापता पायलट की तलाश
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का आज 36 वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार ये दावा कर चुके हैं कि ईरान के पास अब न एयरफोर्स बची है और न नेवी, लेकिन वार जोन में अमेरिका को हो रहे एक के बाद एक नुकसान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी युद्धक विमान एफ-15 को गिराए जाने के बाद एक और विमान ए-10 को हवा में मार गिराया।
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एफ-15ई जेट के ढेर होने के बाद पायलट को रेस्क्यू करने के लिए भेजे गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाया।
पहला प्लेन, दो सीटों वाला यूएस एफ-15ई जेट है, जिसे ईरान में मार गिराया गया। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि अमेरिकन स्पेशल फोर्स ने इसके दो क्रू मेंबर में से एक को बचा लिया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है।
अमेरिका को यह नुकसान शुक्रवार को पहुंचा। इसमें दो पायलट को रेस्क्यू किया गया, जबकि तीसरा अभी लापता है।
वॉशिंगटन पोस्ट ने बताया कि अमेरिका का दूसरा प्लेन ए-10 वॉर्थोग फाइटर एयरक्राफ्ट ईरानी हमले का शिकार हुआ, जिसके बाद पायलट ने उसे कुवैत के हवाई क्षेत्र में लाकर खुद को इजेक्ट कर दिया।
वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि एफ-15ई के सर्च और रेस्क्यू की कोशिशों में शामिल दो अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर ईरानी फायरिंग की चपेट में आ गए। हालांकि, हेलीकॉप्टर में सवार अमेरिकी कर्मी घायल हो गए, लेकिन दोनों विमान सुरक्षित रूप से अपने अड्डे पर लौट आए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को इस बारे में बता दिया गया है। वहीं एनबीसी न्यूज से बात करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि एफ-15 के नुकसान से ईरान के साथ बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह घटना ट्रंप के उस बयान के एक हफ्ते बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सेना इस हद तक हार गई है कि हमारे प्लेन सचमुच तेहरान और उनके देश के दूसरे हिस्सों के ऊपर उड़ रहे हैं। उन्होंने कहा था, वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।
एनबीसी न्यूज ने ईरान के सरकारी चैनल के हवाले से बताया कि ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने कहा कि जो कोई भी अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़ेगा, उसे एक कीमती इनाम मिलेगा। एक ईरानी गवर्नर ने यह भी वादा किया कि जो कोई भी दुश्मन की सेना को पकड़ेगा या मारेगा, उसकी सराहना की जाएगी।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि वह दक्षिण-पश्चिमी ईरान में उस जगह के पास तलाशी ले रहा है, जहां प्लेन गिरा था। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की लड़ाई को शासन बदलने से घटाकर उनके पायलटों की तलाश कर दिया गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ईरान को लगातार 37 बार हराने के बाद उन्होंने जो शानदार बिना-रणनीति वाली लड़ाई शुरू की थी, उसे अब शासन बदलने से घटाकर अरे! क्या कोई हमारे पायलट ढूंढ सकता है? प्लीज? कर दिया गया है। वाह। क्या जबरदस्त तरक्की है। एकदम जीनियस।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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