SRN Hospital का नाम बदलने की मांग, Prayagraj पहुंचेंगे शहीद रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह
प्रयागराज, सात अगस्त स्वतंत्रता के बाद मलाका जेल से अस्पताल में तब्दील स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में आठ अगस्त को शहीद रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह आकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एसआरएन का नाम बदलकर शहीद रोशन सिंह करने की मांग का समर्थन करेंगे। काकोरी ट्रेन मामले में दोषी करार रोशन सिंह को इसी मलाका जेल में फांसी हुई थी। यह संयोग ही है कि स्वरूपरानी नेहरू के परपोते और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आठ अगस्त को एसआरएन अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित केपी ग्राउंड में छात्रों के साथ संवाद करने आ रहे हैं।
काकोरी ट्रेन मामले के महानायक अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को राष्ट्रीय गौरव दिलाने और स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) का नाम उनके नाम पर किए जाने की मांग को लेकर महुआ डाबर संग्रहालय के संस्थापक डॉक्टर शाह आलम के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है। गत पांच अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे शाह आलम ने बताया कि शनिवार को ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह एसआरएन अस्पताल पहुंचकर अपने पुरखे को नमन करेंगे और इसके बाद धरने को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल और काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों और उनके बलिदान स्थलों को उचित पहचान मिलनी चाहिए।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नौ अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस से पहले ठाकुर रोशन सिंह के योगदान और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए। शाह आलम ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह ने प्रयागराज की तत्कालीन मलाका जेल में अपना बलिदान दिया था। उस दौर में मलाका जेल को संयुक्त प्रांत की ‘काला पानी’ जेल माना जाता था।
आज उसी ऐतिहासिक बलिदान स्थल पर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय स्थापित है।
Goa में Sub Registrar ऑफिस से होगी संपत्ति रजिस्ट्री, NGDRS से मिला विकल्प
पणजी, सात अगस्त गोवा सरकार ने हाल ही में एक सुविधा शुरू की है, जिसके तहत नागरिक अपने जिले के किसी भी उप-निबंधक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालय में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण करा सकेंगे। राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) के तहत शुरू की गई ‘जिले के भीतर कहीं भी रजिस्ट्रीकरण’ सुविधा को लागू करने वाला गोवा देश का तीसरा राज्य बन गया है। इस पहल का उद्देश्य रजिस्ट्रीकरण सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाना और प्रतीक्षा समय कम करना है।
गोवा में दो जिले हैं, दक्षिण गोवा और उत्तर गोवा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 29 जुलाई को इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा था कि यह पारदर्शी, प्रभावी और प्रौद्योगिकी आधारित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उप-निबंधक कार्यालयों में आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करती रहेगी।
जिला निबंधक (दक्षिण) सूरज वेर्णेकर ने पीटीआई-से कहा कि यह सुविधा संपत्ति रजिस्ट्रीकरण की बढ़ती संख्या को देखते हुए शुरू की गई थी (खासकर तटीय इलाकों में) जिससे बारदेज, सालसेटे और तिसवाड़ी के उप-निबंधक कार्यालय पर दबाव बढ़ गया था।
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